Miscarriage के बाद कब शुरू करें Sexual Life? जानें फिजिकल और मेंटल Recovery का सही समय

मिसकैरेज के बाद दोबारा शारीरिक संबंध बनाने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार इससे इंफेक्शन और ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों की सलाह है कि पूरी तरह से रिकवर होने और किसी भी स्वास्थ्य जोखिम से बचने के लिए कम से कम 2 से 3 हफ्ते का इंतजार करना जरूरी है।
ज्यादातर लोगों का यहीं सवाल होता है कि मिसकैरेज के बाद कितने दिनों तक सेक्शुअल रिलेशन से बचना जरुरी चाहिए। मिसकैरेज यानी गर्भपात किसी भी महिला के लिए फिजिकल और मेंटल लेवल पर बहुत सेंसिटिव होता है। इससे जल्दी रिकवर होने में काफी समय लग जाता है। यह समय हर किसी महिला के लिए अलग-अलग हो सकता है। मिसकैरेज के बाद महिलाओं के शरीर, हार्मोंस और इमोशंस सभी को पहले जैसा होने के लिए कुछ समय जरुर लेता है। इस मुश्किल समय में पार्टनर की समझ और सहारा काफी मायने रखता है। ज्यादातर कपल्स के मन में ये सवाल आता है कि मिसकैरेज के बाद दोबार से वे अपनी सेक्शुअल लाइफ कब शुरु कर सकते हैं या फिर कब इंटिमेट होना सही होता है। आइए आपको बताते हैं हेल्थ एक्सपर्ट की राय क्या है।
मिसकैरेज के बाद दोबारा सेक्शुअल रिलेशन कब बनाने चाहिए?
- डॉक्टर के मुताबिक, मिसकैरेज के बाद लगभग 2-3 हफ्तों तक सेक्शुअल रिलेशन को पूरी तरह अवॉइड करना जरुरी है।
- क्योंकि इस दौरान गर्भाशय और सर्विक्स का मुंह पूरी तरह से बंद होता है और वजाइना भी सेंसिटिव हो जाती है, ऐसे में इंफेक्शन का खतरा रहता है और दर्द भी अधिक होता है।
- इस दौरान महिलाओं की ब्लीडिंग पूरी तरह से बंद न हुई हो, तो सेक्शुअल रिलेशन बिल्कुल नहीं होना चाहिए। ऐसे में कुछ डॉक्टर 3-4 हफ्ते रुकने की सलाह भी दे सकते हैं। इसलिए अपने डॉक्टर से एक बार सलाह ले कि, मिसकैरेज के बाद दोबारा इंटिमेट होने से पहले डॉक्टर की सलाह जरुर लें।
- यदि आपका मिसकैरेज किसी मेडिकल प्रोसिजर से हुआ है, ज्यादा ब्लीडिंग या इंफेक्शन रहा हो या शरीर बहुत कमजोर महसूस कर रहा है, तो शरीर को समय देने की काफी जरुरत होती है। जल्दबाजी बिल्कुल न करें।
- मिसकैरेज के बाद महिलाओं के शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है। साथ ही गर्भाशय की अंदरूनी परत को पूरी तरह से ठीक होकर सामान्य अवस्था में आने में कुछ समय लगता है। इसलिए शारीरिक संबंध दोबारा शुरू करने से पहले शरीर को पर्याप्त आराम देना और उचित समय तक प्रतीक्षा करना बेहद आवश्यक होता है, ताकि स्वास्थ्य पूरी तरह से सुरक्षित रह सके।
- यदि आप जल्दबाजी करेंगे तो दोबारा से ब्लीडिंग समस्या शुरु हो सकती है और इंफेक्शन का खतरा भी रहता है।
- इस बात को समझना जरुरी है कि मिसकैरेज के बाद किसी भी महिला को फिजिकल ही नहीं, बल्कि मेंटल तौर पर भी प्रभावित करता है, इसलिए अगर वो फिजिकली फिट भी हैं, लेकिन मेंटली ठीक महसूस नहीं कर रही हैं, तो उन्हें समय दें।
- यदि फिर से कंसीव करना चाहते हैं तो डॉक्टर की सलाह लें कि अगली प्रेग्नेंसी की कोशिश से पहले कम से कम नॉर्मल पीरियड साइकिल आने दें। क्योंकि इससे शरीर पूरी तरह से तैयार हो जाता है और गर्भ ठहरने की संभावना बेहतर रहती है।
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