Health Tips: Heart Disease और Dementia का खतरा कम कर सकती है Shingles Vaccine, रिसर्च का दावा

Health Tips
Creative Common License

एक अध्ययन में पाया गया है कि शिंगल्स रोग से बचाने के लिए दी जाने वाली शिंग्रिक्स वैक्सीन कुछ लोगों में स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसे बड़े जोखिमों को कम करने में सहायता करती है।

दुनियाभर में जिन बीमारियों की वजह सबसे अधिक लोगों की मौत हो जाती है। जिनमें से हृदय रोग सबसे प्रमुख है। हाल ही के सालों में कम उम्र के लोगों में हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक दिल की बीमारियों से बचे रहने के लिए खानपान और लाइफस्टाइल में सुधार करना बेहद जरूरी है। लेकिन अक्सर लोगों में मन में यह सवाल रहता है कि क्या कोई ऐसी वैक्सीन है, जो दिल की बीमारियों और हार्ट अटैक से होने वाली मौतों को कम कर सकें।

हेल्थ एक्सपर्ट ने इस बारे में एक बड़ी जानकारी शेयर की है। अध्ययन में पाया गया है कि शिंगल्स रोग से बचाने के लिए दी जाने वाली शिंग्रिक्स वैक्सीन कुछ लोगों में स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसे बड़े जोखिमों को कम करने में सहायता करती है। इसको डिमेंशिया से बचाने वाला भी पाया गया है। बता दें कि शिंगल्स या हर्पीज जोस्टर एक वायरल संक्रमण है, जो शरीर पर दर्दनाक चकत्ते और फफोले पैदा करता है।

इसे भी पढ़ें: Expired Food सेहत के लिए जहर: पहचानें धोखाधड़ी, FSSAI के नियम क्या कहते हैं? Health Risk

शोधकर्ताओं के मुताबिक शिंगल्स से बचाव के लिए वैक्सीन शिंग्रिक्स दी जाती है। इन लोगों में गंभीर हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्या ये वैक्सीन हार्ट अटैक के जोखिम को भी कम कर सकती है।

हार्ट डिजीज से बचाने वाली वैक्सीन

करीब 20 से ज्यादा उम्र के 70 हजार से ज्यादा लोगों पर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि शिंग्रिक्स लेने वालों में कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा करीब 10% तक कम होता है। वहीं इस वैक्सीन से हार्ट फेलियर का खतरा करीब 12 फीसदी कम देखा गया है।

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक बुजुर्गों में वैक्सीन के फायदे देखे गए हैं। वहीं 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को यह वैक्सीन दी जाए, तो बड़ी संख्या में गंभीर हृदय रोगों और उनसे होने वाली मौतों को रोका जा सकता है। 

वहीं इससे पहले हुए अध्ययनों में शिंगल्स की वैक्सीन को डिमेंशिया के जोखिम को कम करने वाला पाया गया है। इस बीमारी में धीरे-धीरे याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता कमजोर होने लगती है।

क्या है शिंगल्स रोग

यह एक दर्दनाक बीमारी है, जो उसी वायरस के दोबारा एक्टिव होने से होती है। जोकि बचपन में चिकनपॉक्स यानी कि चेचक जैसी बीमारी की वजह बनती है।

चिकनपॉक्स के पूरी तरह से ठीक होने के बाद भी यह वायरस शरीर में छिपा रह सकता है। वहीं कई सालों बाद यह दोबारा सक्रिय होकर शिंगल्स पैदा कर सकता है।

बढ़ती उम्र क साथ-साथ शिंगल्स अधिक गंभीर हो सकता है और इससे नसों में लंबे समय तक दर्द बना रहता है।

वहीं कुछ मामलों में यह भी पाया गया है कि इससे सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और आंखों की रोशनी जाने का भी जोखिम रहता है।

इस बीमारी से बचाव के लिए शिंग्रिक्स और कई स्थानों पर जोस्टोवैक्स वैक्सीन दी जाती है।

शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया कि यह वैक्सीन लेने वाले लोगों में रक्त वाहिकाओं और दिल से जुड़े बड़े जोखिम का खतरा 12% तक कम हो सकता है।

जानें अध्ययन में क्या पता चला

इस अध्ययन में 60 साल से ज्यादा उम्र के करीब 70 हजार से अधिक लोगों पर मेडिकल डेटा का विश्लेषण किया गया।

जिसमें करीब 7 साल तक प्रतिभागियों की सेहत पर लगातार नजर रखी गई।

इस शोध में पाया गया है कि कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा शिंग्रिक्स लेने वाले लोगों में करीब 10% कम था।

कोरोनरी हार्ट डिजीज का मतलब एक ऐसी स्थिति है, जिसमें हार्ट तक ब्लड पहुंचाने वाली नसों में चर्बी जमने लगती है। जिस कारण ब्लड सर्कुलेशन कम हो सकता है। इस कारण से हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ सकता है।

वहीं 7 सालों के दौरान शिंग्रिक्स लेने वालों में हार्ट फेलियर का जोखिम करीब 12 फीसदी कम देखने को मिला।

महिलाओं और पुरुषों दोनों में यह फायदा दिखा। वहीं पुरुषों में स्ट्रोक से बचाने में भी शिंग्रिक्स के फायदे देखने को मिले।

दिल को कैसे फायदा पहुंचा सकती है वैक्सीन 

शिंग्रिक्स वैक्सीन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को उस वायरस को पहचानने के साथ-साथ वायरस से लड़ना सिखाती है। जो शिंगल्स की वजह बनता है। लेकिन इस वैक्सीन में कुछ ऐसे पदार्थ भी हैं, जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करने में सहायता करते हैं।

प्रतिरक्षा प्रणाली को मिलने वाला यह एक किक और शरीर में लंबे समय से होने वाली सूजन को भी कम कर सकता है।

अगर शरीर में लंबे समय तक हल्की सूजन रहती है, तो यह आगे चलकर दिमाग, नसों और दिल से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकती है।

इस शोध ने शिंगल्स वैक्सीन के फायदे को स्पष्ट मजबूत करती है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारियों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की भूमिका अहम हो सकती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
All the updates here:

अन्य न्यूज़