अफगानिस्तान सीमा को खोलने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने चलाई गोली, 3 की मौत

protesters in Pakistan
पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस गोलीबारी में तीन की मौत हो गई।इस सीमा चौकी को बुधवार को खोला गया था ताकि दोनों तरफ के लोग ईद मनाने के लिए अपने मूल स्थानों पर जा पाएं। लेकिन यह चौकी उन दिहाड़ी मजदूरों के लिए बंद रखी गयी जो दिन में अफगानिस्तान जाते थे और शाम तक लौट आते थे।

कराची। पाकिस्तान में अफगानिस्तान सीमा पर एक चौकी को खोलने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में तीन लोगों की जान चली गयी जबकि 30 अन्य घायल हो गये। बलूचिस्तान में चमन सीमा चौकी कोरोना वायरस महामारी के चलते बंद कर दी गयी है फलस्वरूप इस इलाके में 100,000 से अधिक लोग बेरोजगार हो गये हैं। इस सीमा चौकी को बुधवार को खोला गया था ताकि दोनों तरफ के लोग ईद मनाने के लिए अपने मूल स्थानों पर जा पाएं। लेकिन यह चौकी उन दिहाड़ी मजदूरों के लिए बंद रखी गयी जो दिन में अफगानिस्तान जाते थे और शाम तक लौट आते थे। बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में लोग फ्रेंडशिप गेट पर धरने पर बैठ गये और सीमा चौकी को खोलने की मांग करने लगे। फ्रंटियर कोर के कर्मियों ने उनसे कहा कि जब तक प्रदर्शनकारी इस जगह से नहीं चले जाते, गेट नहीं खोला जाएगा।

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इस बात पर प्रदर्शनकारी हिंसक हो गये और वे फ्रेंडशिप गेट पर फ्रंटियर कोर और अन्य सरकारी एजेंसियों के कार्यालयों पर हमला करने लगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलायीं। फलस्वरूप एक महिला समेत तीन लोगों की जान चली गयी जबकि 20 अन्य घायल हो गये। दूसरे दिन भी तनाव जारी रहा और शुक्रवार को हिंसक भीड़ सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गयी। सुरक्षाबलों ने गोलियां चलायीं और दस लोग घायल हो गये। बलूचिस्तान के गृहमंत्री जिया लांगोव ने शुक्रवार को चमन बॉर्डर का दौरा किया और हिंसक घटना की निंदा की। उन्होंने कहा, ‘‘ लोगों को रोजगार प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है लेकिन सुरक्षा विषयों में कोई समझौता नहीं होगा।

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