Afghanistan Cricket Board ने नक्शे में PoK और Gilgit Baltistan को दिखाया India का हिस्सा, बुरी तरह भड़क उठा Pakistan

दरअसल, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने रविवार को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भारत-अफगानिस्तान सीरीज का प्रमोशनल वीडियो साझा किया। वीडियो में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान को भारत का हिस्सा दिखाया गया।
पाकिस्तान को शायद सबसे ज्यादा तकलीफ तब होती है, जब उसकी बनाई हुई कहानी पर कोई पड़ोसी देश भरोसा करने से इंकार कर दे। अब अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी एसीबी के एक प्रमोशनल वीडियो ने इस्लामाबाद की बेचैनी को एक बार फिर खुलकर सामने ला दिया है। हम आपको बता दें कि भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली आगामी क्रिकेट सीरीज के प्रचार वीडियो में भारत के नक्शे को लेकर उठे विवाद ने पाकिस्तान को इतना परेशान कर दिया है कि मामला कथित तौर पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से होते हुए विदेश कार्यालय तक पहुंच गया।
दरअसल, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने रविवार को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भारत-अफगानिस्तान सीरीज का प्रमोशनल वीडियो साझा किया। वीडियो में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान को भारत का हिस्सा दिखाया गया। बस फिर क्या था। पाकिस्तान की कथित क्षेत्रीय संवेदनशीलता को गहरी चोट पहुंच गई। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस नक्शे को लेकर पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के समक्ष चिंता जताई है। हालांकि पीसीबी ने विदेश मंत्रालय को औपचारिक रूप से क्या संदेश दिया और किस तरह की आपत्ति दर्ज कराई, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन इतना जरूर कहा जा रहा है कि इस्लामाबाद इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने पर भी विचार कर सकता है।
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यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब काबुल और इस्लामाबाद के रिश्ते पहले से ही तल्खी के दौर से गुजर रहे हैं। सीमा विवाद, सुरक्षा मुद्दे, सीमा पर झड़पें और हवाई हमलों के आरोपों ने दोनों देशों के बीच अविश्वास को और गहरा किया है। पाकिस्तान लगातार अफगान तालिबान पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है और पाकिस्तान के भीतर होने वाले कई घातक हमलों के लिए टीटीपी को जिम्मेदार ठहराता है।
भारतीय खुफिया सूत्रों का कहना है कि काबुल और इस्लामाबाद के बीच बढ़ता तनाव अब केवल सीमा तक सीमित नहीं रह सकता। इसका असर सांस्कृतिक और खेल कूटनीति जैसे ‘सॉफ्ट पावर’ के मंचों पर भी दिखाई दे रहा है। एसीबी के प्रमोशनल वीडियो को इसी व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है। सूत्रों का मानना है कि अपने आधिकारिक ब्रांडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान की क्षेत्रीय संवेदनशीलताओं की परवाह न करना काबुल के स्वतंत्र विदेश नीति रुख का संकेत हो सकता है। संदेश साफ है कि अफगानिस्तान भारत के साथ अपने रिश्तों और खेल कूटनीति को पाकिस्तान की पसंद-नापसंद के हिसाब से चलाने को तैयार नहीं दिखता।
एसीबी ने अपने पोस्ट में भारत-अफगानिस्तान सीरीज को दो देशों के बीच गहरे इतिहास, संस्कृति और क्रिकेट के साझा जुनून का संगम बताया। बोर्ड ने कहा कि ये मुकाबले केवल क्रिकेट मैच नहीं हैं, बल्कि जुनून, उत्साह और महत्व से भरी भिड़ंत हैं, जहां ‘अफगान अटलान’ करोड़ों अफगानों की उम्मीदों और गर्व को मैदान पर लेकर उतरेंगे। हम आपको बता दें कि भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की सीरीज 13, 15 और 17 सितंबर को नई दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेली जानी है।
इसके अलावा, पाकिस्तान की परेशानी सिर्फ एक नक्शे तक सीमित नहीं है। भारत के खिलाफ नैरेटिव की जंग में पाकिस्तान की दूसरी बड़ी समस्या उसके अपने दावों की विश्वसनीयता है। खासकर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान ने जिस तरह एआई वीडियो और एनिमेशन का सहारा लेकर दावों की एक पूरी काल्पनिक दुनिया खड़ी करने की कोशिश की, उसने उसके प्रचार तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल कई वीडियो ऐसे दिखाई दिए मानो किसी बेहद कम बजट वाली पुरानी फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स को आधुनिक ‘प्रोपेगेंडा’ का नाम दे दिया गया हो। इन वीडियो और एनिमेशन के जरिए पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने भारत के 32 एयरबेस पर हमला किया। जबकि तथ्य यह है कि केवल चार एयरबेस पर सीमित नुकसान की बात सामने आई थी, जिसे भारत ने स्वीकार भी किया था।
एआई वीडियो में पाकिस्तान ने यह दावा भी किया कि उसने भारतीय सैन्य उपग्रहों को जाम कर दिया था। इसी तरह भारत के पावर ग्रिड को हैक कर भारतीय सैन्य अभियानों को बाधित करने का दावा भी किया गया। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का इस संबंध में कहना है कि उस अवधि में भारत की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का कोई प्रमाण नहीं है ना ही भारतीय सैन्य उपग्रहों को जाम करने का दावा सही है। यही नहीं, भारतीय वायुसेना के विमानों को मार गिराने को लेकर भी पाकिस्तान के दावे लगातार बदलते रहे। कभी आठ विमानों की बात हुई, तो कभी संख्या अलग-अलग बताई गई। एक और बड़ा दावा एस-400 श्रेणी की दो सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों को नष्ट करने का था। जबकि सच यह है कि कोई एस-400 यूनिट न तो नष्ट हुई और न ही निष्क्रिय की गई। पाकिस्तान ने भारत में ईंधन आपूर्ति बाधित करने का दावा भी किया जिसको विश्लेषकों ने नकार दिया।
दरअसल, अफगानिस्तान के क्रिकेट वीडियो और ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान के एआई-आधारित दावों में एक दिलचस्प विरोधाभास दिखाई देता है। एक तरफ पाकिस्तान नक्शे पर दूसरों को निर्देश देने की कोशिश करता है, दूसरी तरफ अपनी सैन्य सफलता साबित करने के लिए ऐसे दावे करता है जिनके समर्थन में ठोस सबूत नदारद हैं। इसलिए सवाल उठता है कि आखिर पाकिस्तान की समस्या नक्शे से है या उस बदलती क्षेत्रीय वास्तविकता से, जिसमें उसके पड़ोसी अब उसकी नाराजगी को अपनी विदेश नीति का कंपास मानने को तैयार नहीं हैं? साथ ही सवाल यह भी है कि क्या एआई वीडियो और चमकदार एनिमेशन किसी सैन्य दावे को सच साबित कर सकते हैं? पाकिस्तान को समझना होगा कि प्रचार से शोर पैदा किया जा सकता है, लेकिन सबूत नहीं।
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