पूर्वी लद्दाख के बाद अब भूटान में चीन की घुसपैठ, सैटेलाइट इमेज से हुआ बड़ा खुलासा, भारत के लिए चिंता की बात

पूर्वी लद्दाख के बाद अब भूटान में चीन की घुसपैठ, सैटेलाइट इमेज से हुआ बड़ा खुलासा, भारत के लिए चिंता की बात

ओपन सोर्स अकाउंट डेट्रस्फा की तरफ से चीन द्वारा भूटान में चार गांव बसाने को लेकर बड़ा दावा किया गया है। जानकारों का कहना है कि चीन और भूटान के विवादित क्षेत्र पर चीन का कब्जा भारत के लिए चिंता का विषय है। हालांकि, केंद्र ने इस मामले पर आधिकारिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है।

पूर्वी लद्दाख के बाद चीन द्वारा भूटान में अवैध गांव बनाए जाने की खबर है। भूटान में 25 हजार एकड़ में ये गांव बसाए गए हैं। चीन के चारोंं अवैध गांव भारतीय सीमा के बेहद नजदीक हैं।  चीन के भूटान में बसाए गांव सैटेलाइट तस्वीरों में कैद हो गए। भूटान चीन के बीच इस जमीन को लेकर पुराना विवाद है। ओपन सोर्स अकाउंट डेट्रस्फा की तरफ से चीन द्वारा भूटान में चार गांव बसाने को लेकर बड़ा दावा किया गया है। जानकारों का कहना है कि चीन और भूटान के विवादित क्षेत्र पर चीन का कब्जा भारत के लिए चिंता का विषय है। हालांकि, केंद्र ने इस मामले पर आधिकारिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है।

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डेट्रस्फा ने ट्विट करते हुए लिखा कि डोकलाम के पास भूटान और चीन के बीच विवादित भूमि 2020-21 के बीच निर्माण गतिविधि को दर्शाती है, लगभग 100 किमी क्षेत्र में फैले कई नए गाँव हैं। क्या यह एक नए समझौते या चीन के क्षेत्रीय दावों को लागू करने की कोशिश है? रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये नए गांव डोकलाम पठार के पास स्थित हैं जहां 2017 में भारत और चीन के बीच आमना-सामना हुआ था।

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चीन लगातार अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को खासतौर से एलएसी के इलाकों के आस-पास बहुत तेजी से बढ़ा रहा है। चीन की रणनीति 600 से ज्यादा गांव बसाने की है। लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि चीन के ज्यादातर गांव अभी भी खाली हैं। वहां पर अभी भी लोगों को नहीं रखा गया है। गौरतलब है कि भूटान में जिस इलाके में चीन के निर्माण का दावा किया जाता है उसे 'चिकन नेक' कहा जाता है। इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, आर्थिक और अंतर्राष्ट्रीय महत्व बहुत बड़ा है। नतीजतन, सैटेलाइट इमेजरी के आने के बाद नई दिल्ली की चिताएं जरूर बढ़ने वाली है।