आसमान से नाचते हुए गिरा अमेरिका का खूंखार लड़ाकू विमान, उठने लगे कई सवाल!

राहत की बात यह रही कि यह क्रैश किसी रिहाइशी इलाके में नहीं हुआ। इसलिए आम लोगों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। अब इस पूरे मामले की जांच शुरू हो गई है। अभी तक हादसे की असली वजह सामने नहीं आई। लेकिन शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी सिस्टम फेलियर या ऑपरेशनल कारणों को संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है जब इस अत्याधुनिक स्टेल्थ फाइटर जेट पर सवाल खड़े हुए हो।
अमेरिका को एक और तगड़ा झटका लगा। अमेरिका ने जिस फाइटर जेट को दुनिया का सबसे एडवांस फाइटर जेट बताया था, अब उसे लेकर सवाल उठने लगे। दरअसल, 31 मार्च को अमेरिकी एयरफोर्स का एक F35 फाइटर जेट नेवाडा में क्रैश हो गया। यह हादसा लासविगास के पास एक कंट्रोलोल्ड मिलिट्री ज़ोन में हुआ। जो टेस्टिंग और ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल होता है। विमान जमीन पर गिरने से पहले पायलट ने खुद को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जिससे उसकी जान बच गई। उसे हल्की चोटें आई हैं और इलाज जारी है। राहत की बात यह रही कि यह क्रैश किसी रिहाइशी इलाके में नहीं हुआ। इसलिए आम लोगों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। अब इस पूरे मामले की जांच शुरू हो गई है। अभी तक हादसे की असली वजह सामने नहीं आई। लेकिन शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी सिस्टम फेलियर या ऑपरेशनल कारणों को संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है जब इस अत्याधुनिक स्टेल्थ फाइटर जेट पर सवाल खड़े हुए हो।
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इससे पहले भी कई बार तकनीकी गड़बड़ियों और ऑपरेशनल चुनौतियों की खबरें सामने आती रही हैं। हाल ही में ईरान ने भी दावा किया था कि उसने अमेरिकी एफपथिस विमान को मार गिराया। हालांकि इस दावे की पुष्टि नहीं हो पाई थी। वहीं एक और मामला जून 2025 का है जब ब्रिटेन की रॉयल नेवी का F35B लाइटनिंग फाइटर जेट तकनीकी खराबी के कारण भारत में फंस गया था। यह जेट केरल के त्रिवेंद्रम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग के बाद करीब 38 दिनों तक वहीं खड़ा रहा। इसमें भी इसकी मेंटेनेंस और तकनीकी विश्वसनीयता पर सवाल उठे थे। दरअसल लॉकेट मार्टिन द्वारा बनाया गया यह फाइटर जेट दुनिया के सबसे एडवांस पांचवी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों में गिना जाता है। इसकी एक वजह यह भी है कि अमेरिका ने इस विमान की मार्केटिंग भी बहुत अलग तरह से की है। अमेरिका बार-बार यह दावा करते आया है कि F35 से बेहतर विमान किसी देश के पास नहीं है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह दुश्मन के रडार से बच सके। हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के हमले कर सके और साथ ही खुफिया जानकारी भी जुटा सके।
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यह दुनिया का सबसे आधुनिक और सबसे महंगे विमानों में से एक है। इसकी कीमत लगभग 1000 से 1200 करोड़ के आसपास बताई जाती है। लेकिन जितना यह महंगा है उतनी ही तकनीक जटिल है। उतनी ही इसकी मेंटेनेंस और ऑपरेशनल कॉस्ट भी है। कई रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि इसकी लागत बहुत ज्यादा है और तकनीकी खामियों के कारण कई बार मिशन प्रभावित होते हैं। हाल ही में 35 क्रैश के बाद अब एक बार फिर जांच शुरू हो गई है। अमेरिकी वायुसेना और सेफ्टी एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हादसा तकनीकी खराबी, मौसम या किसी मानवीय गलती की वजह से हुआ। कुल मिलाकर तस्वीर साफ है। अमेरिका जिस विमान को दुनिया का सबसे एडवांस राघू विमान कहता है वो बार-बार घटनाओं की चपेट में आ रहा है। बार-बार F3 को लेकर तमाम तरह की खबरें आ रही हैं और यह कहीं ना कहीं दिखाता है कि हाईटेक हथियारों के साथ जोखिम भी उतना ही बड़ा हो जाता है।
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