एक साथ ईरान के 11 ठिकानों को तबाह करेगा अमेरिका, लीक हुआ ट्रंप का प्लान!

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अभिनय आकाश । Jan 30 2026 12:01PM

अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी और मजबूत करते हुए अरब सागर और लाल सागर में विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन, यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट और कई मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत तैनात किए हैं। साथ ही कतर, बहरीन, सऊदी अरब, इराक और जॉर्डन के सैन्य अड्डों से वायुसेना की सक्रियता बढ़ी है।

आसमान में लड़ाकू विमान बढ़ चुके हैं और अब एक ऐसा दावा सामने आया है जो पूरे मध्य पूर्व यानी कि मिडिल ईस्ट को हिला कर रख सकता है। सूत्रों के मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर एक साथ 11 ठिकानों का तबाह करने का प्लान बना लिया है। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी और मजबूत करते हुए अरब सागर और लाल सागर में विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन, यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट और कई मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत तैनात किए हैं। साथ ही कतर, बहरीन, सऊदी अरब, इराक और जॉर्डन के सैन्य अड्डों से वायुसेना की सक्रियता बढ़ी है। अमेरिका अब ईरान के परमाणु ठिकानों, सैन्य अड्डों व कमांड सेंटरों पर समुद्र और आसमान दोनों से हमले की स्थिति में आ गया है। उधर, ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह जून, 2025 की तरह कतर के अमेरिकी ठिकानों और इजराइल पर मिसाइलें और ड्रोन दाग सकता है।

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कुछ घंटों में हमला संभव

बता दें आपको कि इस प्लान के सेंटर में ईरान का परमाणु कार्यक्रम है क्योंकि अमेरिकी की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप साफ कह चुके हैं कि ईरान के पास बातचीत के लिए समय तेजी से खत्म हो रहा है। ट्रंप ने कहा है कि एक विशाल अमाडा पूरी ताकत और मकसद के साथ ईरान की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि खाड़ी में तैनात अमेरिकी नौसैनिक बल उस बेड़े से भी बड़ा है जो वेनेजुला मिशन [संगीत] से पहले भेजा गया था। ट्रंप का संदेश सीधा है कि नो डील, नो न्यूक्लियर वेपन वरना अंजाम तय है। अब बात उन 11 ठिकानों की करते हैं जहां अमेरिका ईरान पर एक साथ हमला करने की फिराक में बैठा हुआ है।बता दें आपको कि डिफेंस और ओपन सोर्स इंटेलिजेंस से जुड़े कुछ विश्लेषकों का दावा है कि अमेरिका का संभावित प्लान सीमित नहीं बल्कि एक साथ कई ठिकानों पर हमला करने का है। तो वहीं कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कथित प्लान में शामिल हो सकते हैं फडो नतांग्स और इफान जैसे एनरचमेंट सेंटर मिसाइल स्टोरेज साइट्स, ड्रोन और एयर डिफेंस बेसिस और साथ ही साथ नेवल सपोर्ट बेसिस। तो कुल मिलाकर 11 हाई वैल्यू टारगेट्स अमेरिका के निशाने पर हैं। 

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वार्ता संभव

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका को अब किसी अतिरिक्त जमावड़े की जरूरत नहीं पड़ेगी। यदि राजनीतिक आदेश मिलता है, तो कुछ ही घंटों में सीमित या बड़े पैमाने की सैन्य कार्रवाई संभव है। यही वजह है कि इसे हमले से पहले की स्थिति के तौर पर देखा जा रहा है। जंग की आहट के बीच सुलह की कोशिशें जारी हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची हमले को टालने के लिए अंकारा जा रहे हैं। तुर्किये के राष्ट्रपति एदोंगन ने ट्रम्प व ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच वीडियो वार्ता का प्रस्ताव रखा है। अराघची इस पर चर्चा करेंगे।

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