चीन की ट्रेन करेगी न्यूक्लियर हमला, नहीं डिटेक्ट कर पाएगा कोई रडार, जानें क्या है ड्रैगन का 'Doomsday' प्लान

चीन की ट्रेन करेगी न्यूक्लियर हमला, नहीं डिटेक्ट कर पाएगा कोई रडार, जानें क्या है ड्रैगन का 'Doomsday' प्लान

चीन की डूम्सडे ट्रेन में रखे हथियार रडार से बाहर होंगे। चीन की इस हाईस्पीड ट्रेन से मिसाइल लॉन्च का पता लगाना असंभव होगा। इस हाईस्पीड ट्रेन को ट्रैक और तबाह करना दुश्मन के लिए नामुमकिन होगा।

चीन ने अपनी 'डूम्सडे ट्रेन तैयार की है। इस हाई स्पीड ट्रेन से चीन के डीएफ 41 न्यूक्लियर मिसाइल ट्रांसपोर्ट होंगे। डीएफ 41 80 टन की मिसाइल है जो न्यूक्लियर वॉरहेड करीब 93 हजार मील तक ले जा सकता है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन परमाणु मिसाइलों के परिवहन और यहां तक ​​​​कि लॉन्च करने के लिए हाई-स्पीड 'डूम्सडे ट्रेन' का इस्तेमाल कर सकता है। इंजीनियरों ने बीजिंग की डीएफ-41 परमाणु-सक्षम मिसाइलों को रेल नेटवर्क पर रसद को ले जाते देखा। प्रत्येक मेगा-मिसाइल का वजन 80 टन है और लॉन्चपैड से 9,300 मील तक परमाणु हथियार ले जा सकता है। 

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चीन की डूम्सडे ट्रेन में रखे हथियार रडार से बाहर होंगे। चीन की इस हाईस्पीड ट्रेन से मिसाइल लॉन्च का पता लगाना असंभव होगा। इस हाईस्पीड ट्रेन को ट्रैक और तबाह करना दुश्मन के लिए नामुमकिन होगा। इसके साथ ही डैमेज होने पर इस हाईस्पीड ट्रेन को कम वक्त में ठीक करना संभव होगा। डूम्सडे ट्रेन की एक अहम बात ये है कि इस ट्रेन के जरिये मिसाइलों को लॉन्च भी किया जा सकता है और उसे कोई डिटेक्ट भी नहीं कर पाएगा। 

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कहा जाता है कि चीन ने 2015 में ट्रेनों से डीएफ-41 का परीक्षण किया था, लेकिन इसकी पुख्ता जानकारी उस वक्त सामने नहीं आई थी। जर्नल ऑफ साउथवेस्ट जियाओतोंग यूनिवर्सिटी में शोधकर्ताओं का कहना है कि रेलवे की तुलना में, हाई-स्पीड रेलवे तेज और अधिक सुचारू रूप से संचालित होते हैं। इसका मतलब है कि हाई-स्पीड रेल पर, सैन्य वाहनों की गतिशीलता, सुरक्षा और छुपाने की क्षमता अधिक होगी। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, समूह का नेतृत्व सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर यिन जिहोंग कर रहे हैं, जो चीनी सरकार की राष्ट्रीय शोध परियोजना के प्रमुख हैं।