आयातित कोयले के मिश्रण से मई में बिजली उत्पादन दोगुना हुआ

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गर्मियों के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए मंत्रालय ने बिजली उत्पादन संयंत्रों से आयातित कोयले के मिश्रण का इस्तेमाल करने को कहा था।

नयी दिल्ली| कोयला आधारित उन घरेलू संयंत्रों से बिजली का उत्पादन मई में दोगुने से भी अधिक होकर 14.3 करोड़ यूनिट प्रतिदिन हो गया जिन्होंने आयातित कोयले के मिश्रण का इस्तेमाल किया। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

इसके मुताबिक, पिछले वर्ष इसी महीने में इन कोयला-आधारित संयंत्रों का उत्पादन 6.6 करोड़ यूनिट प्रतिदिन था। ऊर्जा मंत्रालय ने हाल के दिनों में कई कदम उठाए जिनसे घरेलू कोयला आधारित (डीसीबी) संयंत्रों और आयातित कोयला आधारित (आईसीबी) संयंत्रों में बिजली उत्पादन बढ़ा।

गर्मियों के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए मंत्रालय ने बिजली उत्पादन संयंत्रों से आयातित कोयले के मिश्रण का इस्तेमाल करने को कहा था।

डीसीबी संयंत्रों में बिजली उत्पादन मई में दोगुने से भी अधिक 14.3 करोड़ यूनिट प्रतिदिन हो गया जबकि पिछले वर्ष समान महीने में इन संयंत्रों का उत्पादन 6.6 करोड़ यूनिट प्रतिदिन था। वहीं आईसीबी संयंत्रों में यह 14.5 करोड़ यूनिट प्रतिदिन से बढ़कर 16 करोड़ यूनिट प्रतिदिन हो गया।

आयातित कोयले से कुल बिजली उत्पादन मई 2022 में बढ़कर 30.3 करोड़ यूनिट प्रतिदिन हो गया जो मई 2021 में 21.1 करोड़ यूनिट प्रतिदिन था। घरेलू कोयले से प्रतिदिन बिजली उत्पादन 246.5 करोड़ यूनिट प्रतिदिन से बढ़कर 324.4 करोड़ यूनिट प्रतिदिन हो गया।

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