भारत में स्टारलिंक की शुरुआत में देरी से नाराज हैं Elon Musk, अंबानी पर फिर किया हमला

Elon Musk
ANI
एकता । Oct 11 2026 12:49PM

एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक के प्रवेश को लेकर मुकेश अंबानी के समर्थकों के तर्कों को विरोधाभासी बताते हुए उन पर निशाना साधा है। मस्क ने कहा कि प्रतिस्पर्धा बढ़ने से भारतीय ग्राहकों को इंटरनेट के अधिक विकल्प मिलेंगे और फायदा होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत में सफल होने के लिए स्टारलिंक को अपनी कीमतें कम रखनी होंगी।

एलन मस्क और मुकेश अंबानी के बीच भारत में इंटरनेट सेवाओं को लेकर जुबानी जंग जारी है। स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने रविवार को एक बार फिर रिलायंस के प्रमुख मुकेश अंबानी पर निशाना साधा। उन्होंने भारत में स्टारलिंक की शुरुआत को लेकर हो रही बहस के बीच मौजूदा बाजार का बचाव करने वालों पर सवाल उठाए।

मस्क ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर ऐसे लोगों को 'अंबानी की इंटरनेट समर्थकों की सेना' बताया। उन्होंने कहा कि ये लोग एक तरफ दावा करते हैं कि स्टारलिंक, रिलायंस जियो की कम कीमतों का मुकाबला नहीं कर पाएगा, वहीं दूसरी तरफ उसे बाजार के लिए बड़ा खतरा भी बताते हैं। मस्क ने इसे दोहरा रवैया बताया।

अंबानी की इंटरनेट सेना के तर्क समझ से परे

एलन मस्क ने एक्स पर लिखा, "अंबानी की इंटरनेट समर्थकों की सेना के बेतुके तर्कों का कोई मतलब नहीं है।" उन्होंने कहा कि कुछ लोग एक तरफ दावा करते हैं कि स्टारलिंक भारत में रिलायंस जियो की कम कीमतों का मुकाबला नहीं कर सकता। वहीं, दूसरी तरफ उनका कहना है कि स्टारलिंक इतना मजबूत प्रतिद्वंद्वी साबित हो सकता है कि मौजूदा कंपनियों के लिए खतरा बन जाए। मस्क ने इस रवैये को विरोधाभासी बताते हुए कहा कि ऐसे तर्कों में दोहरापन और बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बातें हैं।

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मस्क बोले- ग्राहकों को मिलेंगे ज्यादा विकल्प

मस्क ने कहा कि बाजार में ज्यादा कंपनियां होने से भारतीय ग्राहकों को फायदा होगा और उन्हें इंटरनेट सेवाओं के ज्यादा विकल्प मिलेंगे। उनके मुताबिक, स्टारलिंक के आने से मौजूदा कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है, लेकिन इससे उनका कारोबार बंद नहीं होगा।

उन्होंने कहा, "हकीकत यह है कि बाजार में ज्यादा कंपनियां होने से भारत के आम लोगों को काफी फायदा होगा, क्योंकि उन्हें ज्यादा विकल्प मिलेंगे। अंबानी का मुनाफा कम होगा, लेकिन उनका कारोबार बंद नहीं होने वाला।"

मस्क ने यह भी कहा कि अगर भारत में स्टारलिंक की सेवाएं बहुत महंगी हुईं, तो लोग उन्हें नहीं खरीदेंगे। ऐसे में स्पेसएक्स को अपनी सेवाओं की कीमतें ग्राहकों के लिए कम रखनी होंगी।

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भारत में इंटरनेट की कीमतों पर क्यों छिड़ी बहस?

एलन मस्क की यह टिप्पणी मैक33 फाइनेंशियल ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरोन बर्नेट की एक पोस्ट के जवाब में आई। बर्नेट ने भारत में इंटरनेट सेवाओं को सस्ता और आसानी से उपलब्ध बताने वाली बातों पर सवाल उठाए थे।

उन्होंने कहा कि भारत में इंटरनेट की उपलब्धता को लेकर बनी यह धारणा काफी हद तक मोबाइल इंटरनेट के इस्तेमाल पर आधारित है, जबकि घरों में फाइबर ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल अभी कम है।

मोबाइल डेटा और घर के इंटरनेट के इस्तेमाल में बड़ा अंतर

बर्नेट ने बताया कि भारत में लोग हर महीने करीब 30 से 40 जीबी मोबाइल डेटा इस्तेमाल करते हैं। इसके मुकाबले घरों में फाइबर इंटरनेट का इस्तेमाल करीब 300 जीबी तक होता है। उनका कहना था कि अगर घरों के लिए इंटरनेट का कोई सस्ता विकल्प उपलब्ध हो, तो घरों में ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल काफी बढ़ सकता है। मस्क की यह ताजा टिप्पणी भारत में स्टारलिंक की व्यावसायिक शुरुआत में हो रही देरी को लेकर उनकी लगातार जारी आलोचना के बीच आई है।

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