भारत का नाम लेकर EU चीफ ने ऐसा चिढ़ाया, एयर फोर्स 1 में तकनीकी खराबी की बात कह ट्रंप ने प्लेन वापस वाशिंगटन घुमाया

जब ईयू चीफ की तरफ से भारत के साथ तगड़ी डील का ऐलान किया जा रहा था तब वाशिंगटन तक वो आवाज जाती दिखाई दे रही थी। ट्रंप का आधिकारिक विमान वैसे तो दावोस के लिए उड़ान भरा था, लेकिन कहा तो ये जा रहा है कि भारत पर इतने तगड़े ऐलान होते देख इसे ट्रंप पचा नहीं पाए और अपना विमान वापस वाशिंगटन की ओर मोड़ लिया।
भारत दुनिया की सबसे बड़ी ट्रॉफी बन चुका है। यह बात यूरोपीय यूनियन की प्रेसिडेंट वो भी पूरी दुनिया के सामने वर्ल्ड इकोनमिक फोरम दावोस से कह रही हैं। उर्सुला वॉन डेर लिएन ने मंकहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) अगले सप्ताह शिखर सम्मेलन में ऐतिहासिक व्यापार समझौते की घोषणा के करीब हैं। यह करीब 200 करोड़ लोगों के बाजार को जोड़ते हुए वैश्विक जीडीपी के एक-चौथाई हिस्से को कवर करेगा। यूरोपीय संघ की प्रशासकीय इकाई यूरोपीय आयोग की प्रमुख लिएन ने स्विट्जरलैंड को दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारत और ईयू के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का ऐलान एक ऐतिहासिक अवसर होगा और यूरोप को दुनिया के तेजी से बढ़ते एवं गतिशील बाजार के साथ पहले कदम का लाभ देगा।
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उन्होंने कहा मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स। और सबसे मजेदार बात क्या है? यह बयान ऐसे समय आया जब डोनाल्ड ट्रंप भी दावोस में बोलने वाले हैं। दो बिलियन लोगों का मार्केट ऑलमोस्ट 25% ऑफ ग्लोबल जीडीपी फास्टेस्ट ग्रोइंग एंड मोस्ट डायनेमिक इकॉनमी इंडिया। यह कोई साधारण एफटीए नहीं है। यह 18 साल पुरानी बातचीत का नतीजा है। जब यह चर्चा शुरू हुई थी, तब पैदा हुआ बच्चा आज वोट डालने लायक हो चुका है। और अब जाकर ईयू कह रहा है वी गॉट द ट्रॉफी। आज दुनिया की तीन बड़ी समस्याएं हैं। पहला यूएस के साथ टेररिफ पॉलिसी, दूसरा चाइना के साथ सप्लाई चेन प्रेशर और तीसरा रशिया के साथ जियोपॉलिटिकल रिस्क। इन तीनों के बीच अगर कोई स्टेबल डेमोक्रेटिक फास्ट गोइंग पार्टनर है तो वह सिर्फ और सिर्फ भारत है। यही वजह है कि ईयू एक्साइटेड है। यूएस नर्वस है और चाइना अलर्ट है। आज इंडिया के साथ ट्रेड डील करना सिर्फ बिजनेस नहीं ग्लोबल स्टेटस सिंबल बन चुका है।
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जब ईयू चीफ की तरफ से भारत के साथ तगड़ी डील का ऐलान किया जा रहा था तब वाशिंगटन तक वो आवाज जाती दिखाई दे रही थी। ट्रंप का आधिकारिक विमान वैसे तो दावोस के लिए उड़ान भरा था, लेकिन कहा तो ये जा रहा है कि भारत पर इतने तगड़े ऐलान होते देख इसे ट्रंप पचा नहीं पाए और अपना विमान वापस वाशिंगटन की ओर मोड़ लिया। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए निर्धारित विमान, एयर फ़ोर्स वन दावोस में विश्व आर्थिक मंच के लिए उनकी यात्रा के दौरान चालक दल द्वारा मामूली विद्युत समस्या की सूचना दिए जाने के बाद अचानक यू-टर्न लिया और संयुक्त एंड्रयूज बेस पर लौट आया। बीती रात अमेरिकी सरकार का एक काफिला मैरीलैंड बेस की ओर जाता हुआ देखा गया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि एयर फ़ोर्स वन के चालक दल द्वारा मामूली विद्युत समस्या का पता चलने के बाद एहतियात के तौर पर वापस लौटने का निर्णय उड़ान भरने के तुरंत बाद लिया गया। विमान में सवार एक पत्रकार ने बताया कि उड़ान भरने के बाद प्रेस केबिन की बत्तियाँ कुछ देर के लिए बुझ गईं, हालांकि उस समय इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। व्हाइट हाउस की त्वरित प्रतिक्रिया टीम ने भी सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि समस्या की पहचान उड़ान के दौरान ही हो गई थी। पोस्ट में कहा गया कि एहतियात के तौर पर, AF1 विमान जॉइंट बेस एंड्रयूज लौट रहा है। राष्ट्रपति और उनकी टीम दूसरे विमान में सवार होकर स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होंगे। विमान बदलने के बाद ट्रंप ने अपनी यात्रा फिर से शुरू की।
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गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने जब यूएसयू डील किया था तो उन्होंने कहा था कि बिगेस्ट डील एवर ग्रेटेस्ट डील एवर और आज वही यू कह रहा है कि मदर ऑफ ऑल डील्स मतलब साफ है योर डील वाज बिग आवर डील इज बिगर और जब उर्सेला कहती हैं कि फर्स्ट मूवर एडवांटेज तो वह सीधे डोनाल्ड ट्रंप को बोल रही हैं कि जब तक तुम्हारी कंपनियां आएंगी तब तक हम इंडिया में जड़े जमा चुके होंगे। सप्लाई चेन, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेस, टेक सब में ईयू पहले से घुस चुका होगा। ट्रंप की दुनिया जीरो सम गेम की है। उनके हिसाब से अगर ईयू जीत रहा है तो यूएस हार रहा है।
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