US-Iran Meeting में हाई-वोल्टेज ड्रामा, बैठक में क्यों भड़क गया ईरान, देखते रह गए JD Vance और हैरान शहबाज शरीफ

एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो गया। इस वीडियो में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से थोड़ी देर बात करते हुए और फिर मुड़कर ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के साथ कमरे से बाहर जाते हुए देखा गया। अचानक चले जाने से शरीफ़ साफ़ तौर पर हैरान दिखे और बाद में उन्हें पाकिस्तान के आर्मी चीफ़ आसिम मुनीर की ओर इशारा करते हुए देखा गया। कुछ ही फ़ीट दूर खड़े अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यह नज़ारा देखा और फिर पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के पास गए।
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच अहम बातचीत का पहला दौर रविवार को एक नाटकीय मोड़ पर पहुँच गया, जब ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने तेहरान के खिलाफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया धमकी पर आपत्ति जताते हुए कुछ देर के लिए बैठक स्थल छोड़ दिया। इससे पाकिस्तानी और अमेरिकी अधिकारियों के सामने एक अजीब राजनयिक स्थिति पैदा हो गई। बर्गेनस्टॉक रिज़ॉर्ट, जहाँ बातचीत हो रही थी। वहां का एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो गया। इस वीडियो में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से थोड़ी देर बात करते हुए और फिर मुड़कर ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के साथ कमरे से बाहर जाते हुए देखा गया। अचानक चले जाने से शरीफ़ साफ़ तौर पर हैरान दिखे और बाद में उन्हें पाकिस्तान के आर्मी चीफ़ आसिम मुनीर की ओर इशारा करते हुए देखा गया। कुछ ही फ़ीट दूर खड़े अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यह नज़ारा देखा और फिर पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के पास गए।
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यह घटना हाल ही में हुए इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के तहत बातचीत के शुरुआती दौर में हुई। इस MoU का मकसद इलाके में हफ़्तों से चल रहे सैन्य तनाव को कम करने के लिए ईरान, अमेरिका, पाकिस्तान और कतर को एक साथ लाना था। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले ही तनाव पैदा हो गया। तेहरान ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ पहले से तय संयुक्त फ़ोटो सेशन में शामिल होने से इनकार कर दिया और इसे अमेरिका का "मीडिया शो" करार दिया। बाद में ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप की उस ताज़ा चेतावनी पर आपत्ति जताई, जिसमें कहा गया था कि अगर तेहरान लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर लगाम लगाने में नाकाम रहता है, तो उसे नई सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
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ट्रंप ने बातचीत से कुछ देर पहले 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, ईरान को लेबनान में अपने भारी-भरकम पैसे पाने वाले प्रॉक्सी (प्रतिनिधियों) को गड़बड़ी फैलाने से तुरंत रोकना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम ईरान पर फिर से बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने पिछले हफ़्ते किया था, बल्कि उससे भी ज़्यादा ज़ोरदार। बाद में ईरानी मीडिया ने प्रतिनिधिमंडल के अचानक बाहर चले जाने को पहले से तय फ़ोटो-ऑप (तस्वीर खिंचवाने के कार्यक्रम) और ट्रंप की टिप्पणियों, दोनों से जोड़ा। ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर 'प्रेस टीवी' के हवाले से एक सूत्र ने बताया कि तेहरान ने अमेरिकी पक्ष को अपनी आपत्तियां औपचारिक रूप से बता दी थीं और वह वाशिंगटन की धमकियों पर अपनी प्रतिक्रिया का आकलन कर रहा था। कार्यक्रम स्थल के फुटेज ने लोगों का ध्यान खींचा क्योंकि इससे सालों बाद ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच हुई सबसे उच्च-स्तरीय मुलाकातों में से एक के दौरान मौजूद तनाव की एक दुर्लभ झलक मिली। वेंस के अलावा, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल थे, जबकि पाकिस्तान की मध्यस्थता टीम का नेतृत्व प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने कतरी अधिकारियों के साथ मिलकर किया।
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