Switzerland में US-ईरान की गुप्त बैठक, Hormuz और Nuclear Deal पर क्या पक रही है खिचड़ी?

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अभिनय आकाश । Jun 22 2026 11:53AM

14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत हुई यह बातचीत रविवार को शुरू हुई और दिन भर अलग-अलग तरीकों से जारी रही। अधिकारियों ने कई राजनीतिक और तकनीकी मुद्दों पर चर्चा की, क्योंकि दोनों पक्ष बातचीत को आगे बढ़ाना चाहते थे।

अमेरिकी राजनयिक का हवाला देते हुए 'एक्सियोस' (Axios) की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी बातचीत का पहला दौर लेबनान में युद्धविराम बनाए रखने, अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुला रखने और संभावित परमाणु समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिशों पर केंद्रित था। 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत हुई यह बातचीत रविवार को शुरू हुई और दिन भर अलग-अलग तरीकों से जारी रही। अधिकारियों ने कई राजनीतिक और तकनीकी मुद्दों पर चर्चा की, क्योंकि दोनों पक्ष बातचीत को आगे बढ़ाना चाहते थे। 

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लेबनान और इलाके में स्थिरता पर ध्यान

बातचीत के मुख्य विषयों में से एक लेबनान के हालात थे। Axios के अनुसार, बातचीत करने वालों ने तनाव कम करने और दक्षिणी लेबनान में जारी इज़राइली हमलों के बावजूद मौजूदा युद्धविराम का पालन सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की। बातचीत का फोकस तनाव बढ़ने से रोकने और युद्धविराम समझौते को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए सिस्टम बनाने पर था। इस मुद्दे को इलाके में स्थिरता लाने की व्यापक कोशिशों का एक अहम हिस्सा माना गया।

होर्मुज़ जलडमरूमध्यअभी भी चिंता का मुख्य विषय है

होर्मुज़ जलडमरूमध्य के भविष्य पर भी बातचीत में खास तौर पर चर्चा हुई। यह रणनीतिक जलमार्ग, जिससे दुनिया भर में तेल की बड़ी मात्रा में ढुलाई होती है, हाल ही में ईरान के उन बयानों के बाद चिंता का विषय बन गया है जिनमें इसे बंद करने का संकेत दिया गया था। अमेरिकी राजनयिक ने Axios को बताया, "हमने साफ कर दिया कि हम यह पक्का करना चाहते हैं कि यह पूरी तरह खुला रहे। हमने इस दिशा में अच्छी प्रगति की है। बातचीत करने वालों ने पिछले हफ्ते साइन किए गए 14-सूत्रीय MoU (समझौता ज्ञापन) को लागू करने से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की। बातचीत का मकसद यह पक्का करना था कि सभी पक्ष समझौते और उसके उद्देश्यों को लेकर एक जैसी समझ रखें।

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न्यूक्लियर समझौता और भविष्य की बातचीत

Axios के अनुसार, बातचीत में वॉशिंगटन और तेहरान के बीच संभावित न्यूक्लियर समझौते के सभी अहम पहलुओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने राजनीतिक और तकनीकी, दोनों स्तरों पर भविष्य की बातचीत के लिए एक रूपरेखा तैयार करने पर भी काम किया। Axios के हवाले से राजनयिक ने कहा, "दोनों पक्षों ने इस बात पर भी चर्चा की कि राजनीतिक स्तर और तकनीकी टीमों के बीच बातचीत को कैसे जारी रखा जाए। पहले दौर के नतीजों पर बात करते हुए, राजनयिक ने बातचीत की दिशा को लेकर भरोसा जताया। राजनयिक ने कहा कि आज की बातचीत से चारों पक्ष खुश लग रहे हैं। मध्यस्थ दोनों पक्षों की मदद कर रहे हैं। हमें लगता है कि बातचीत का यह शुरुआती दौर आगे चलकर भरोसा कायम करने में मदद करेगा। उम्मीद है कि वरिष्ठ राजनीतिक नेता सोमवार को अपनी बैठकें खत्म कर लेंगे, जबकि तकनीकी टीमें और प्रगति करने के मकसद से बातचीत जारी रखने के लिए स्विट्जरलैंड में ही रहेंगी।

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