पाकिस्तान: Imaan Mazari ने 10 साल की सजा के खिलाफ Islamabad High Court में दायर की अपील

आतंकवाद-रोधी अदालत से मिली 10 वर्ष की जेल की सजा को चुनौती देते हुए वकील इमान जैनब मजारी हाजिर और उनके पति हादी अली चट्टा ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में याचिका लगाई है। उनके वकीलों ने निचली अदालत द्वारा निष्पक्ष सुनवाई की शर्तें पूरी न करने की दलील देते हुए सजा निलंबित करने की मांग की। दोनों पर रावलपिंडी टेस्ट मैच के दौरान सुरक्षा बैरिकेड हटाने और पुलिस से मारपीट का आरोप है।
इस्लामाबाद, छह नवंबर पाकिस्तान की मानवाधिकार वकील इमान जैनब मजारी हाजिर और उनके पति ने आतंकवाद-रोधी अदालत द्वारा सुरक्षा उल्लंघन के मामले में 10-10 साल कारावास की सजा सुनाए जाने के खिलाफ शुक्रवार को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय का रुख किया। ईमान जैनब मजारी-हाजिर और उनके पति हादी अली चट्टा को 29 अक्टूबर को आतंकवाद-रोधी अदालत के न्यायाधीश ताहिर अब्बास सिप्रा ने दोषी करार दिया था और दोनों को 10-10 साल कारावास की सजा सुनाई थी। न्यायाधीश ने यह फैसला रावलपिंडी की अडियाला जेल में सुनाया, जहां मुकदमे की सुनवाई चल रही थी।
अभियोजन पक्ष ने इंग्लैंड और पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बीच 25 अक्टूबर 2024 को रावलपिंडी टेस्ट मैच के दौरान, इस्लामाबाद के ज़ीरो पॉइंट पर लगाए गए अवरोधक कथित तौर पर हटाने के लिए दंपति पर सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया। जियो न्यूज़ की खबर के मुताबिक शुक्रवार को वकील फैसल सिद्दीकी, रियासत अली आज़ाद और ज़ैनब जंजुआ ने मजारी और चट्टा की ओर से अपीलें दायर कीं। उन्होंने दलील दी कि सुनवाई अदालत निष्पक्ष सुनवाई की शर्तो को पूरी करने में विफल रही है।
दंपति ने रावलपिंडी की आतंकवाद-रोधी अदालत द्वारा सुनाई गई अपनी सजा को निलंबित करने की मांग करते हुए अलग-अलग आवेदन दायर किए। मजारी पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार में मानवाधिकार मंत्री रहीं शिरीन मजारी की बेटी हैं।
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