अहम खुफिया जानकारियां...मोसाद के एजेंट का भारत पर बड़ा खुलासा,

समय-समय पर मोसाद भारत की खुफिया एजेंसियों को अहम जानकारियां देता रहता है। मोसाद के पूर्व एजेंट ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इजराइल उसे एक मजबूत और भरोसेमंद सहयोगी के तौर पर देखता है और उनके मुताबिक दोनों देश आतंकवाद और कट्टरपन जैसी चुनौतियों का मिलकर सामना कर रहे हैं।
इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के पूर्व एजेंट ने भारत को लेकर एक बड़ा खुलासा किया मोसाद के पूर्व एजेंट सागे वैसुलेन ने भारत को इजराइल का रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देश सिर्फ सुरक्षा ही नहीं बल्कि मूल्यों के स्तर पर भी एक दूसरे के बेहद करीबी सहयोगी हैं। उन्होंने कहा कि इजराइल पहले भी कई बार भारत के साथ अहम खुफिया जानकारियां साझा करता रहा है और भविष्य में भी भारत पर किसी भी खतरे को लेकर सहयोग जारी रहेगा। यानी कि समय-समय पर मोसाद भारत की खुफिया एजेंसियों को अहम जानकारियां देता रहता है। मोसाद के पूर्व एजेंट ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इजराइल उसे एक मजबूत और भरोसेमंद सहयोगी के तौर पर देखता है और उनके मुताबिक दोनों देश आतंकवाद और कट्टरपन जैसी चुनौतियों का मिलकर सामना कर रहे हैं।
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पूर्व मोसाद एजेंट ने एट फ्रंट यानी सूचना और प्रचार युद्ध का भी जिक्र किया और कहा कि यह एक ऐसा खतरा है जो सीधे हथियारों से नहीं बल्कि सोशल मीडिया और प्रचार के जरिए समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने दावा किया कि कट्टरपंथी इस्लामी समूहों और अल्ट्रा लेफ्ट प्रोग्रेसिव नेटवर्क के जरिए युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है। यह खतरा अमेरिका, यूरोप, भारत और इजराइल हर जगह दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और इजराइल को इस मोर्चे पर मिलकर काम करने की जरूरत है क्योंकि यह पारंपरिक युद्ध से कहीं ज्यादा जटिल है। साकी वैसुलिन ने सुझाव दिया कि इस तरह के प्रोपगेंडा और सूचना युद्ध से निपटने के लिए एक वैश्विक संगठन बनाया जाना चाहिए जिसकी शुरुआत इजराइल से हो सकती है और जिसमें बड़े देशों को साथ आना चाहिए।
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इस दौरान उन्होंने 7 अक्टूबर को इजराइल पर हुए हमले को लेकर भी बात की।
उन्होंने माना कि एक बड़ी खुफिया विफलता थी लेकिन यह जानकारी की कमी नहीं थी बल्कि खतरे का सही आकलन ना कर पाने की गलती। उनके मुताबिक इजराइल का ध्यान मुख्य रूप से ईरान और दूसरे मोर्चों पर था। जबकि गाजा और हमास से आने वाले खतरों को कमा किया। यही वजह रही कि 7 अक्टूबर जैसी घटना हुई। कुल मिलाकर इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के पूर्व एजेंट ने बहुत से खुलासे किए। भारत को लेकर भी बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे वक्त-व पर इजराइल भारत को खुफिया जानकारी देते आया है और भविष्य में भी भारत पर किसी भी खतरे को लेकर अपना सहयोग जारी रखेगा।
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