Pakistan सीमा पर बाहुबलि लेकर अचानक पहुंचा भारत, एक्शन से मचा हड़कंप

राजस्थान के जोधपुर में भारत की स्वदेशी रक्षा कंपनी ने अपने अत्याधुनिक टेिकल लोइटरिंग म्यूनेशन प्लेटफार्म दिव्यास्त्र एमके वन का सफल प्रदर्शन कर दिया है। भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस प्रदर्शन ने एक बात बिल्कुल साफ़ कर दी है कि भारत अब आधुनिक ड्रोन युद्ध की तैयारी में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
भारत ने पाकिस्तान बॉर्डर पर एक ऐसा धमाका किया है जिसने आपको बता दें कि इस्लामाबाद को पूरी तरह से हिला कर रख दिया है। बॉर्डर के ठीक पास भारत ने वो तहलका मचा दिया है जिसके बारे में पाकिस्तान ने कभी अपने सपने में भी नहीं सोचा होगा। 25 करोड़ पाकिस्तानी इस वक्त खौफ में है और इसकी वजह सिर्फ एक नया ड्रोन नहीं है। यह सिर्फ भारत की एक ताकत नहीं है। असल वजह है भारतीय इस ड्रोन की क्षमता, उसकी मारक, ताकत और युद्ध के मैदान में दुश्मन को खोज कर खत्म करने की उसकी काबिलियत। दुनिया ने हाल के वर्षों में बता दें कि यह देखा है कि कैसे ईरान ने अपने यूएवी ड्रोन की ताकत के दम पर बड़े-बड़े देशों की चिंता बढ़ा दी। यह ड्रोन सैकड़ों किलोमीटर दूर तक जाकर निगरानी करते हैं। लक्ष्य की पहचान करते हैं। टारगेट सेट करते हैं और सही समय आने पर हमला भी कर देते हैं। बता दें कि भारत ने भी उसी दिशा में एक बहुत बड़ा कदम बढ़ा दिया है।
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राजस्थान के जोधपुर में भारत की स्वदेशी रक्षा कंपनी ने अपने अत्याधुनिक टेिकल लोइटरिंग म्यूनेशन प्लेटफार्म दिव्यास्त्र एमके वन का सफल प्रदर्शन कर दिया है। भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस प्रदर्शन ने एक बात बिल्कुल साफ़ कर दी है कि भारत अब आधुनिक ड्रोन युद्ध की तैयारी में तेजी से आगे बढ़ रहा है। दिव्यास्त्र एमके वन एक टेक्टिकल लोइटिंग म्यनिशन प्लेटफार्म है। यानी यह सिर्फ दुश्मन को देखता नहीं है बल्कि जरूरत पड़ने पर उसे निशाना भी बना सकता है, ध्वस्त कर सकता है। यह दुश्मन के इलाके में पहुंचकर लंबे समय तक मंडरा सकता है। टारगेट को सेट कर सकता है, पहचान कर सकता है लक्ष्य की और सभी सही समय आने पर सटीक हमला भी यह कर सकता है। यही क्षमता इसे पारंपरिक ड्रोन से अलग बना देगी। अब बात करते हैं इसकी सबसे बड़ी ताकत की। दिव्या एमके1 की ऑपरेशनल रेंज करीब 500 कि.मी. बताई जा रही है। यानी यह दुश्मन की सीमा के काफी अंदर तक जाकर अपने मिशन को पूरा करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा यह लगभग आपको बता दें कि 5 घंटे तक लगातार हवा में भी रह सकता है।
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आधुनिक युद्ध में यही सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। क्योंकि दुश्मन की गतिविधियों पर जितनी देर नजर रखी जा सके लक्ष्य की पहचान उतनी ही सटीक होती है। सटीक जानकारी का मतलब यह होता है कि सटीक कारवाही, सटीक हमला, सटीक टारगेट। दिव्यास एमके1 को ईओआईआर यानी कि इलेक्ट्रॉनिकल ऑप्टिकल और इंफ्रारेड सेंसर सिस्टम से लेस किया जा सकता है। सरल शब्दों में कहें तो दिन हो या रात यह लक्ष्य की पहचान करने और उसकी निगरानी करने में सक्षम है। यानी दुश्मन के लिए छिपना पहले से बहुत ज्यादा मुश्किल हो जाएगा। लेकिन इसकी एक और खासियत अभी बाकी है। खासियत यह है कि भारतीय सेना के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है और यह खासियत यह है कि इसका मोबाइल लांचर सिस्टम है।
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