खाद्य सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभावों के मद्देनजर कमजोर देशों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध : भारत

Arindam Bagchi
ANI Twitter.
अरिंदम बागची ने कहा, खाद्य कीमतों में अनुचित वृद्धि हुई है और यह स्पष्ट है कि जमाखोरी और अटकलें हमारे दृष्टिकोण के मुताबिक ही काम कर रही हैं।

नयी दिल्ली| भारत ने गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के अपने फैसले की आलोचना के मद्देनजर बृहस्पतिवार को कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को असरदार ढंग से कम किया जाए और कमजोर देशों को खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों से बचा लिया जाए।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि असमानता को कायम रखने और कुछ हद तक भेदभाव को बढ़ावा देने वाले खुले बाजार की नीति का तर्क नहीं दिया जाना चाहिए।

अरिंदम बागची ने कहा, खाद्य कीमतों में अनुचित वृद्धि हुई है और यह स्पष्ट है कि जमाखोरी और अटकलें हमारे दृष्टिकोण के मुताबिक ही काम कर रही हैं।

हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि खाद्य सुरक्षा पर इस तरह के प्रतिकूल प्रभावों को प्रभावी ढंग से कम किया जाए और ऐसे परिवर्तनों के खिलाफ कमजोर देशों की मदद की जाए।

बागची ने यह बात उस सवाल के जवाब में कही, जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या 24 मई को तोक्यो में क्वाड नेताओं के एक शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच बैठक में खाद्य सुरक्षा का मुद्दा सामने आएगा।

वैश्विक स्तर पर शीर्ष गेहूं उत्पादकों में से एक भारत ने बढ़ती हुई घरेलू कीमतों के मद्देनजर गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस बार भीषण गर्मी के कारण गेहूं का उत्पादन उम्मीद से कम हुआ है।

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