इंडोनेशिया विमान हादसा: ‘कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर’ की तलाश जारी, 3600 राहतकर्मी खोज में जुटे

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 13, 2021   11:17
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इंडोनेशिया विमान हादसा: ‘कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर’ की तलाश जारी, 3600 राहतकर्मी खोज में जुटे

इंडोनेशिया के दुर्घटनाग्रस्त विमान के ‘कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर’ की तलाश जारी है।नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि विमान का ‘डाटा रिकॉर्डर’ जहां से मिला है, उसके पास से कुछ अन्य ‘सिग्नल’ भी मिले हैं, जिसके ‘वॉइस रिकॉर्डर’ के होने की संभावना है।

जकार्ता। इंडोनेशियाई नौसेना के गोताखोर ‘श्रीविजया एयर’ के दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान का ‘कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर’ ढूंढ रहे हैं। इसका ‘डाटा रिकॉर्डर’ मंगलवार को मिल गया था। ‘बोइंग 737-500’ विमान शनिवार को जकार्ता से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद समुद्र में गिर गया। विमान पर 62 लोग सवार थे। 26 साल पुराना यह विमान कोरोना वायरस के मद्देनजर करीब नौ महीने बाद पिछले महीने ही सेवा में लौटा था। नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि विमान का ‘डाटा रिकॉर्डर’ जहां से मिला है, उसके पास से कुछ अन्य ‘सिग्नल’ भी मिले हैं, जिसके ‘वॉइस रिकॉर्डर’ के होने की संभावना है।

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वहीं, सैन्य प्रमुख एयर चीफ मार्शल हदी तजाहजांतो ने मंगलवार को कहा था कि विमान के दूसरे “ब्लैक बॉक्स”, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर, के भी जल्द मिलने की उम्मीद है क्योंकि उसके संकेत भी उसी क्षेत्र से प्राप्त हो रहे हैं। कम से कम 160 गोताखारों को पायलटों के बीच हुई वार्ता का पता लगाने के लिए ‘रिकॉर्डर’ की तलाश में बुधवार को लगाया गया था। जकार्ता के ठीक उत्तर में स्थित इस दुर्घटना वाले इलाके में 3600 राहतकर्मी, 13 हेलिकॉप्टर, 54 बड़े जहाज और 20 छोटी नौकाएं तलाशी अभियान को अंजाम दे रही हैं, जहां उड़ान संख्या 182 दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। समुद्र के अंदर 23 मीटर (करीब 75 फीट) की गहराई पर उन्हें विमान तथा लोगों के अवशेष मिले हैं।





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कंगाल पाकिस्तान को चाहिए 500 बिलियन का कर्ज, जिन्ना की बहन के पार्क को रखेगा गिरवी

  •  अभिनय आकाश
  •  जनवरी 25, 2021   14:53
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कंगाल पाकिस्तान को चाहिए 500 बिलियन का कर्ज, जिन्ना की बहन के पार्क को रखेगा गिरवी

टीओआई ने पाकिस्तानी अखबार डान की रिपोर्ट के हवाले से एक लिखा कि मंगलवार को होने वाली संघीय कैबिनेट की अगली बैठक के एजेंडे में एफ -9 पार्क को गिरवी रखकर लगभग 500 अरब रुपये का ऋण लेने का प्रस्ताव शामिल किया जाएगा।

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की हालत बेहद खराब है। अर्थव्यवस्था इतनी खस्ता हो गई है कि उसे कंगाल पाकिस्तान कहा जाने लगा है। जब से सऊदी अरब और यूएई ने पाकिस्तान से अपना कर्ज वापस मांगा है तभी से पाकिस्तान परेशान है। हालत ऐसे हो गए हैं कि पाकिस्तान को अपने पार्क को गिरवी रखने की नौबत आ गई है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान ने अपनी बीमार अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए इस्लामाबाद के सबसे बड़े पार्क को गिरवी रखने की तैयारी में ताकि लगभग 500 बिलियन का कर्ज जुटाया जा सके। 

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टीओआई ने पाकिस्तानी अखबार डान की रिपोर्ट के हवाले से एक लिखा कि मंगलवार को होने वाली संघीय कैबिनेट की अगली बैठक के एजेंडे में एफ -9 पार्क को गिरवी रखकर लगभग 500 अरब रुपये का ऋण लेने का प्रस्ताव शामिल किया जाएगा। बैठक प्रधान मंत्री आवास और मंत्रिमंडल प्रभाग के समिति कक्ष में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित की जाएगी।

मोहम्मद अली जिन्ना की बहन के नाम पर है पार्क 

वैसे तो पाकिस्तान की सरकार द्वारा विभिन्न संस्थानों और इमारतों को गिरवी रखना आम है लेकिन इस बार की इमरान सरकार ने तो मोहम्मद अली जिन्ना की बहन के नाम पर रखे पार्क को ही गिरवी रखने की तैयारी में है। इस पार्क का नाम पाकिस्तान की 'मदर ए मिल्लत' फातिमा जिन्ना के नाम पर है। इस्लामाबाद के एफ -9 सेक्टर में स्थित पार्क 759 एकड़ में फैला है और देश के सबसे हरे-भरे इलाकों में स्थित है।  







UN में भारत ने कहा, गलत जानकारी का इस्तेमाल देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के लिए किया जा रहा है

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   14:49
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UN में भारत ने कहा, गलत जानकारी का इस्तेमाल देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के लिए किया जा रहा है

‘एस्टोनियाई स्थायी मिशन’ द्वारा बेलारूस में मीडिया स्वतंत्रता पर आयोजित अररिया-फॉर्मूला की बैठक में संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप-स्थायी प्रतिनिधि के. नागराज नायडू ने कहा कि सूचना क्रांति ने मीडिया प्रणाली को फायदा पहुंचाने के साथ-साथ उसे कमजोर भी किया है।

संयुक्त राष्ट्र। भारत ने प्रौद्योगिकी कम्पनियों से पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अपने मंचों पर गलत सूचनाओं की जांच करने का आह्वान करते हुए उन्हें आगाह किया कि गलत जानकारियों के जरिए आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप की प्रवृत्ति बढ़ रही है। ‘एस्टोनियाई स्थायी मिशन’ द्वारा बेलारूस में मीडिया स्वतंत्रता पर आयोजित अररिया-फॉर्मूला की बैठक में संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप-स्थायी प्रतिनिधि के. नागराज नायडू ने कहा कि सूचना क्रांति ने मीडिया प्रणाली को फायदा पहुंचाने के साथ-साथ उसे कमजोर भी किया है।

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नायडू ने कहा, ‘‘ आज, गलत जानकारियों की वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रौद्योगिकी कम्पनियों द्वारा निर्मित डेटा सेट, एल्गोरिद्म और सूचना के बुनियादी ढांचे के बीच जटिल बातचीत पर टिकी हुई है। ये एल्गोरिद्म न केवल यह बताते हैं कि अलग-अलग आबादी के लिए क्या जानकारी उपलब्ध है, बल्कि यह भी बताते हैं, किसे और किस आवृत्ति के साथ उपलब्ध हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में, प्रौद्योगिकी कम्पनियों का यह दायित्व है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके मंचों पर पारदर्शिता हो और उनके मंच से लोगों को गलत जानकारी ना मिले।’’ नायडू ने आगाह किया कि राजनीतिक एजेंडे पूरे करने के लिए गलत जानकारियों के जरिए आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप की प्रवृत्ति भी बढ़ रही है।





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अमेरिकी सेना में समलैंगिकों पर लगे प्रतिबंधों को हटा सकते हैं राष्ट्रपति जो बाइडन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   14:21
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अमेरिकी सेना में समलैंगिकों पर लगे प्रतिबंधों को हटा सकते हैं राष्ट्रपति जो बाइडन

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन एक नए कार्यकारी आदेश के जरिए अमेरिकी सेना में समलैंगिकों के शामिल होने पर लगे प्रतिबंध को हटा सकते हैं। मामले से अवगत एक व्यक्ति ने ‘एपी’ को यह जानकारी दी।

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन एक नए कार्यकारी आदेश के जरिए अमेरिकी सेना में समलैंगिकों के शामिल होने पर लगे प्रतिबंध को हटा सकते हैं। मामले से अवगत एक व्यक्ति ने ‘एपी’ को यह जानकारी दी। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के प्रथम वर्ष में ही समलैंगिकों के सेना में शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

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बाइडन के कार्यभार संभालने के बाद से ही उनके पेंटागन की इस नीति में बदलाव करने की संभावनाएं बनी थीं। मामले से अवगत एक व्यक्ति ने ‘एपी’ को बताया कि व्हाइट हाउस सोमवार को इस संबंध में घोषणा कर सकता है। सेवानिवृत्त जनरल लॉयड ऑस्टिन ने अमेरिका के रक्षा मंत्री पद के लिए अपने नाम की पुष्टि के लिए सीनेट के समक्ष पिछले सप्ताह हुई सुनवाई के दौरान इस कदम का समर्थन किया था।

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ऑस्टिन ने कहा था, ‘‘ मैं इस प्रतिबंध को हटाने की राष्ट्रपति की योजना का समर्थन करता हूं।’’ उन्होंने कहा था, ‘‘ अगर आप सेवा करने के लिए योग्य हैं और मानकों को बनाए रख सकते हैं, तो आपको सेवाएं देने का अधिकार होना चाहिए।





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