Iran ने US के सामने रखीं सख्त शर्तें, बर्ताव बदलने तक बंद रहेगा Hormuz Strait

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच, ईरान ने होर्मुज जलमार्ग को खोलने के लिए अमेरिका के सामने प्रतिबंध हटाने और सेना वापसी जैसी सख्त शर्तें रखी हैं। इस दौरान संयुक्त अरब अमीरात ने अपने जहाज पर ईरानी हमले का दावा किया है। दूसरी तरफ, ओमान इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत की मध्यस्थता कर रहा है।
मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। एक तरफ जहां होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए समझौते की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं ईरान ने अब इस रास्ते को खोलने के लिए अमेरिका के सामने बेहद सख्त शर्तें रख दी हैं। इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात ने दावा किया है कि उसके एक व्यापारिक जहाज पर होर्मुज से गुजरते समय ईरानी मिसाइल से हमला किया गया। दूसरी तरफ, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर भी सैन्य कार्रवाई की गई है।
जब तक अमेरिका व्यवहार नहीं बदलेगा, रास्ता बंद रहेगा
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपने बर्ताव में सुधार नहीं लाता, तब तक होर्मुज जलमार्ग को नहीं खोला जाएगा। काउंसिल के सचिव और रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर मोहम्मद बाघेर जोलघद्र ने अमेरिका के सामने ये प्रमुख मांगें रखी हैं:
धमकी न देने की गारंटी: अमेरिका भविष्य में ईरान को कभी भी धमकी न देने का वादा करे।
हमलों पर रोक: ईरान और उसके सहयोगी देशों पर हो रहे हमलों व युद्ध को तुरंत और हमेशा के लिए रोका जाए।
नाकाबंदी और सेना की वापसी: अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी हटाए और इस पूरे इलाके से अपनी सेना वापस बुलाए।
प्रतिबंध हटाना और हर्जाना: युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की जाए, सारे प्रतिबंध हटाए जाएं और विदेशों में फ्रीज की गई ईरानी संपत्ति को बिना शर्त वापस किया जाए। इसे भी पढ़ें: Strait of Hormuz में UAE के ADNOC पोत पर ईरान ने दागी मिसाइल, विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि
ओमान करा रहा दोनों देशों में बातचीत
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज में जहाजों की आवाजाही और उनके रास्ते तय करने को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत आखिरी दौर में है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस रास्ते को पूरी तरह खोलने के लिए बाकी शर्तों को मानना भी जरूरी होगा। मध्यस्थता कर रहे ओमान ने बताया कि बातचीत अच्छे माहौल में चल रही है, साथ ही उसने जलमार्ग में जहाजों पर हो रहे हमलों की निंदा भी की है।
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