Red Sea Attack: पाक नाविकों की मौत के बाद Houthi Rebels पर भड़का Islamabad, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

डार पाकिस्तान के विदेश मंत्री भी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले बेगुनाह लोगों की जान को खतरे में डालते हैं, अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हैं और रेड सी में नेविगेशन की आज़ादी, समुद्री सुरक्षा और कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
पाकिस्तान ने बुधवार को लाल सागर इलाके में एक कमर्शियल जहाज़ पर हुए हमले में अपने तीन नागरिकों की मौत की निंदा की। उसने कहा कि ऐसी घटनाएं नेविगेशन की आज़ादी, समुद्री सुरक्षा और कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। यह बयान तब आया जब तंजानिया के झंडे वाले जहाज़ 'तिहामाह' को बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में निशाना बनाया गया। मंगलवार को हुए इस हमले में चार नाविक तीन पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। जहाज़ को ईरान समर्थित हूतियों ने निशाना बनाया था, जिन्होंने पिछले महीने सऊदी-लिंक्ड जहाज़ों पर समुद्री प्रतिबंध की घोषणा के बाद इस इलाके में हमले तेज़ कर दिए हैं। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पाकिस्तान, बिना हथियार वाले कमर्शियल जहाज़ पर हूथी हमले की कड़ी निंदा करता है। डार पाकिस्तान के विदेश मंत्री भी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले बेगुनाह लोगों की जान को खतरे में डालते हैं, अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हैं और रेड सी में नेविगेशन की आज़ादी, समुद्री सुरक्षा और कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
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डार ने कहा कि अधिकारी इस घटना की जानकारी और शवों को वापस लाने के लिए सऊदी अरब और यमन के अधिकारियों के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि मैंने रियाद में हमारे दूतावास को निर्देश दिया है कि वे संबंधित अधिकारियों के साथ तुरंत तालमेल बिठाएं और मारे गए पाकिस्तानी नागरिकों के शवों को वापस लाने और घायल पाकिस्तानी नागरिक को हर संभव मदद देने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाएं। मंत्री ने आगे कहा कि हम स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नेविगेशन की आज़ादी और समुद्री सुरक्षा का समर्थन करता है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान, सऊदी अरब द्वारा घोषित समुद्री गठबंधन का हिस्सा है और वह ग्लोबल सप्लाई चेन और समुद्री यातायात की सुरक्षा बनाए रखने के लिए सऊदी अरब और गठबंधन के अन्य सहयोगियों की मदद करने को तैयार है।
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यह हमला पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच 7 अगस्त को हुए "मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट" (मक्का संयुक्त रक्षा समझौता) के कुछ दिनों बाद हुआ। यह समझौता पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उससे जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के बीच किया गया था। इस तीन-पक्षीय समझौते के तहत, तीनों देशों में से किसी एक पर भी हमला होने पर उसे सभी पर हमला माना जाएगा। भारत ने मंगलवार को कहा कि वह इस समझौते का अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता पर पड़ने वाले असर का आकलन कर रहा है। कुल मिलाकर, पाकिस्तान की प्रतिक्रिया अपने नागरिकों की मौत, उन्हें वापस लाने की कोशिशों और क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर अपनी व्यापक चिंताओं पर केंद्रित रही।
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