जवाद जरीफ अपने रूसी समकक्ष लावरोव से मिले, खाड़ी में उत्पन्न हालात पर हुई चर्चा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 15, 2020   15:01
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जवाद जरीफ अपने रूसी समकक्ष लावरोव से मिले, खाड़ी में उत्पन्न हालात पर हुई चर्चा

ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने खाड़ी में बने हालात पर चर्चा की। बता दें कि जरीफ तीन दिनों के लिए भारत के वैश्विक सम्मेलन ‘रायसीना डायलॉग’ में हिस्सा लेने के लिए यहां आए हैं।

नयी दिल्ली। ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने बुधवार को अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने खाड़ी में बने हालात पर चर्चा की। जरीफ और सर्गेई भू-राजनीति पर हो रहे भारत के वैश्विक सम्मेलन ‘रायसीना डायलॉग’ में हिस्सा लेने के लिए यहां आए हैं। यह सम्मेलन ऐसे समय पर हो रहा है जब पूरी दुनिया का ध्यान ईरान के मेजर जनरल कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद ईरान और अमेरिका के मध्य टकराव पर केंद्रित है।

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भारत कहता रहा है कि वह चाहेगा कि यथाशीघ्र तनाव घटे। भारत के अनुसार, क्षेत्र में अपने महत्वपूर्ण हितों के मद्देनजर वह ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और कतर सहित प्रमुख देशों से संपर्क बनाए हुए है। सुलेमानी ईरान के अल-कुद्स बल के प्रमुख थे और तीन जनवरी को बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा के पास अपने काफिले पर हुए अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए थे। पिछले सप्ताह ईरान ने इराक में दर्जनों मिसाइलें कम से कम उन दो ठिकानों को लक्ष्य कर दागीं जहां अमेरिकी सेना और गठबंधन बल हैं। मेजर जनरल सुलेमानी की मौत को दोनों देशों के बीच के अब तक के सबसे बड़े तनाव के रूप में देखा जा रहा है।

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इंग्लैंड के चिकित्सा अधिकारी की लोगों से अपील, बोले- लॉकडाउन के नियमों का कड़ाई से करें पालन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   17:58
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इंग्लैंड के चिकित्सा अधिकारी की लोगों से अपील, बोले- लॉकडाउन के नियमों का कड़ाई से करें पालन

इंग्लैंड के उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रोफेसर जोनाथन वान-टैम ने यह भी चेतावनी दी है कि अभी तक यह साबित करने के लिए इस बात का कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं है कि ऐसे लोग जिन्हें टीका लगाया जा चुका हैं, वे दूसरों को इस घातक वायरस से संक्रमित नहीं सकते हैं।

लंदन। इंग्लैंड के प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों में से एक ने लोगों से लॉकडाउन के नियमों का कड़ाई से पालन जारी रखने का आग्रह किया है क्योंकि कोविड-19 से प्रतिरक्षा संबंधित किसी भी टीके को असर करने में कम से कम तीन सप्ताह का समय लगता है। इंग्लैंड के उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रोफेसर जोनाथन वान-टैम ने यह भी चेतावनी दी है कि अभी तक यह साबित करने के लिए इस बात का कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं है कि ऐसे लोग जिन्हें टीका लगाया जा चुका हैं, वे दूसरों को इस घातक वायरस से संक्रमित नहीं सकते हैं। 

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वान-टैम ने कहा, ‘‘चाहे किसी का टीकाकरण हुआ हो या नहीं,महत्वपूर्ण यह है कि हर कोई राष्ट्रीय पाबंदियों और जन स्वास्थ्य को लेकर दी गई सलाहों का पालन करें, क्योंकि टीकाकरण होने के बाद तीन सप्ताह में सुरक्षा मिलती है और हम अभी तक संक्रमण पर टीकों के प्रभाव को भी नहीं जानते हैं।’’ ब्रिटेन में इस सप्ताहांत कोरोना वायरस से प्रतिदिन होने वाली मृतक संख्या सबसे अधिक 1,348 रही थी जिससे देश में इस महामारी से मृतकों की कुल संख्या 97,329 पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि 32 टीकाकरण स्थल और बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) एक मिनट में 140 टीके लगा रहा है जिससे टीका लगवाने वाले लोगों की कुल संख्या 58 लाख से अधिक हो गई है। 

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ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने कहा, ‘‘टीकाकरण अभियान के जरिये हमने अपने एचएचएस और देखभाल कर्मचारियों तथा संवेदनशील लोगों को टीका लगाने में उल्लेखनीय प्रगति की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपनी सुरक्षा के लिए सभी नियमों का पालन करना चाहिए। टीका कई बीमारियों को रोक सकता है, लेकिन हम नहीं जानते हैं कि यह आपकों अन्य लोगों में संक्रमण फैलाने से रोकता है या नहीं। टीका लगवाने के बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता बनने में कुछ समय लगता है, इसलिए हम सभी को संक्रमण के मामले कम करने और एनएचएस की रक्षा करने के लिए घर पर रहना चाहिए।





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पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठन नए मैसेजिंग ऐप का कर रहे इस्तेमाल, सुरक्षा कारणों से नहीं बताया गया नाम

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   17:18
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पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठन नए मैसेजिंग ऐप का कर रहे इस्तेमाल, सुरक्षा कारणों से नहीं बताया गया नाम

अधिकारियों ने बताया कि एक ऐप अमेरिकी कंपनी का है जबकि दूसरा ऐप यूरोप की कंपनी द्वारा संचालित है। उन्होंने बताया कि नवीनतम तीसरे एप्लिकेशन को तुर्की की कंपनी ने विकसित किया है और आतंकवादी संगठनों के आका और कश्मीर घाटी में उनके संभावित सदस्य लगातार इनका इस्तेमाल कर रहे हैं।

श्रीनगर। व्हाट्सऐप जैसे मैसेजिंग ऐप द्वारा निजता को लेकर की गई पेशकश के संबंध में हो रही बहस के बीच पाकिस्तान में आतंकवादी संगठन और उनके आका नए ऐप की ओर मुखातिब हो रहे हैं जिनमें तुर्की की कंपनी द्वारा विकसित ऐप भी शामिल है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के बाद जुटाए गए सबूतों और आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादियों द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों की ओर से कट्टरपंथी बनाए जाने की प्रक्रिया की दी गई जानकारी से तीन नए ऐप प्रकाश में आए हैं। हालांकि, सुरक्षा कारणों से इन मैसेजिंग ऐप के नाम की जानकारी नहीं दी गई। 

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अधिकारियों ने इतना बताया कि इनमें से एक ऐप अमेरिकी कंपनी का है जबकि दूसरा ऐप यूरोप की कंपनी द्वारा संचालित है। उन्होंने बताया कि नवीनतम तीसरे एप्लिकेशन को तुर्की की कंपनी ने विकसित किया है और आतंकवादी संगठनों के आका और कश्मीर घाटी में उनके संभावित सदस्य लगातार इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नया ऐप इंटरनेट की गति कम होने पर या टूजी कनेक्शन होने पर भी काम कर सकता है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने के बाद यहां पर इंटरनेट सेवाएं स्थगित कर दी थी और करीब एक साल बाद टूजी सेवा बहाल की गई थी।

सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इंटरनेट बाधित होने से आतंकवादी समूहों द्वारा व्हाट्सऐप और फेसबुक मैसेंजर का इस्तेमाल लगभग बंद हो गया था। बाद में पता चला कि वे नए ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं जो वर्ल्ड वाइड वेब पर मुफ्त में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि इस ऐप में कूटलेखन एवं विकोडन सीधे उपकरण में होता है ऐसे में इसमें तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की संभावना कम होती है और यह ऐप कूटलेखन अल्गोरिदम आरएसए- 2048 का इस्तेमाल करता है जिसे सबसे सुरक्षित कूटलेखन मंच माना जाता है। आरएसए अमेरिकी नेटवर्क सुरक्षा एवं प्रमाणीकरण कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 1982 में की गई थी। आरएसए का पूरी दुनिया में इस्तेमाल कूट प्रणाली के आधार के तौर पर होता है। 

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अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों द्वारा कश्मीर घाटी में युवाओें को कट्टरपंथी बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे एक ऐप में फोन नंबर या ई-मेल पते की भी जरूरत नहीं होती है जिससे इस्तेमाल करने वाले की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रहती है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में ऐसे ऐप को बाधित करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि यह चुनौती ऐसे समय आई है जब घाटी में सुरक्षा एजेंसियां वर्चुअल सिम कार्ड के खतरे से लड़ रही हैं। आतंकवादी समूह पाकिस्तान में अपने आकाओं से संपर्क करने के लिए लगातार इनका इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इस तकनीक की पहुंच का पता वर्ष 2019 में तब चला जब अमेरिका से पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले जैश ए मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर द्वारा इस्तेमाल किए गए वर्चुअल सिम के सेवा प्रदाता की जानकारी देने का अनुरोध किया गया। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। हालांकि, राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की जांच में संकेत मिला कि 40 वर्चुअल सिम का इस्तेमाल अकेले पुलवामा हमले में किया गया और संभवत: घाटी में और ऐसे सिम का इस्तेमाल हो रहा है। इस प्रौद्योगिकी में कंप्यूटर टेलीफोन नंबर जेनरेट करता है जिसके आधार पर यूजर अपने स्मार्टफोन में ऐप डाउनलोड कर सकता है और उसका इस्तेमाल कर सकता है।





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अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन के अपने समकक्षों से की बातचीत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   11:30
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अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन के अपने समकक्षों से की बातचीत

पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, ‘‘ऑस्टिन और किशी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा मुद्दों के वृहद आयाम पर चर्चा की और कोविड-19 महामारी की चुनौतियों के बाद भी सहयोगी देशों की तैयारी सुनिश्चित रखने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।’’

वाशिंगटन। अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने जापान, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया के अपने समकक्षों से बातचीत की। पेंटागन ने यह जानकारी दी। पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने बताया कि जापान के रक्षा मंत्री नोबुओ किशी से बातचीत के दौरान ऑस्टिन ने अमेरिका-जापान गठबंधन के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धताओं को दोहराया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बरकरार रखने के महत्व पर जोर दिया। किर्बी ने कहा, ‘‘ऑस्टिन और किशी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा मुद्दों के वृहद आयाम पर चर्चा की और कोविड-19 महामारी की चुनौतियों के बाद भी सहयोगी देशों की तैयारी सुनिश्चित रखने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।’’ 

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किर्बी ने बताया कि किशी ने ऑस्टिन को रक्षा मंत्री बनने की बधाई दी। ऑस्टिन ने ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वलास से बातचीत की और दोनों देशों के बीच विशेष संबंधों के महत्व को दोहराया। दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच कोविड-19 महामारी से निपटने, चीन के बढ़ते प्रभाव और रूस की तरफ से पेश आ रहे खतरों से निपटने, इराक और अफगानिस्तान में अभियानों समेत कई आपसी हित वाले मुद्दों पर चर्चा हुई। रक्षा मंत्री ऑस्टिन ने दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री सुह वुक से भी बातचीत की और दोनों ही देशों के बीच करीबी सहयोग की जरूरत पर जोर देते हुए प्रगाढ़ संबंधों का जिक्र किया। ऑस्टिन ने दक्षिण कोरिया की रक्षा करने के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धताओं को रेखांकित किया। दोनों ही मंत्रियों ने कोरियाई प्रायद्वीप में रक्षा स्थितियों पर भी चर्चा की। 

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वहीं, ऑस्टिन ने कार्यभार संभालने के बाद पहली बार निर्देश देते हुए रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों से कहा है कि वे उन्हें सेना में यौन हमले और यौन उत्पीड़न को रोकने से संबंधित कार्यक्रमों की रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर भेजें। इसके साथ ही वे यह भी बताएं कि यौन हमलों को रोकने में कौन से कार्यक्रम कारगर रहे और कौन से कार्यक्रम कारगर नहीं रहे। ऑस्टिन ने रक्षा मंत्री के तौर पर अपने नाम की पुष्टि होने वाली सुनवाई के दौरान पिछले सप्ताह सीनेटरों से वादा किया था कि वह सेना में यौन हमले और यौन उत्पीड़न की समस्याओं से तत्काल निपटेंगे।





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