व्हाइट हाउस का बयान- कमला हैरिस के उपराष्ट्रपति बनने से भारत-अमेरिका रिश्ते और मजबूत होंगे

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   14:26
व्हाइट हाउस का बयान- कमला हैरिस के उपराष्ट्रपति बनने से भारत-अमेरिका रिश्ते और मजबूत होंगे

व्हाइट हाउस ने कहा कि कमला हैरिस के उपराष्ट्रपति बनने से भारत-अमेरिका रिश्ते और मजबूत होंगे।व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने बृहस्पतिवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे द्विदलीय सफल संबंधों का सम्मान करते हैं।

वाशिंगटन। व्हाइट हाउस की एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि कमला हैरिस के अमेरिकी उपराष्ट्रपति बनने से भारत और अमेरिका के बीच संबंध और भी मजबूत होंगे। कमला हैरिस (56) के पिता जमैका के हैं और उनकी मां भारतीय हैं। उन्होंने बुधवार को पहली महिला, पहली अश्वेत और पहली एशियाई मूल की अमेरिकी उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेकर इतिहास रच दिया। कैलिफोर्निया से पूर्व सीनेटर ने अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर जो बाइडन के शपथ ग्रहण से पहले शपथ ली थी। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने बृहस्पतिवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे द्विदलीय सफल संबंधों का सम्मान करते हैं।

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बाइडन प्रशासन के तहत भारत-अमेरिका संबंध पर एक सवाल के जवाब में साकी ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति बाइडन कई बार भारत की यात्रा कर चुके हैं। वह भारत और अमेरिका के नेताओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे सफल द्विदलीय संबंध का सम्मान करते हैं, उसका महत्व समझते हैं। बाइडन प्रशासन इसे आगे बढ़ाने की दिशा में आशान्वित है।’’ उन्होंने कहा कि भारतीय मूल की कमला हैरिस के उपराष्ट्रपति बनने से यह संबंध और मजबूत होगा। साकी ने कहा, ‘‘बाइडन ने उनका (हैरिस का) चुनाव किया है और वह भारतीय मूल की पहली अमेरिकी हैं जो अमेरिका की उपराष्ट्रपति बनी हैं। निश्चित रूप से यह इस देश में हम सभी के लिए न सिर्फ एक ऐतिहासिक लम्हा है बल्कि इससे हमारे रिश्ते भी और प्रगाढ़ होंगे।’’ हैरिस ने बुधवार को इस उपलब्धि के लिए अपनी मां को श्रेय दिया और कहा कि उनकी मां ने उनमें हमेशा भरोसा जताया और दोनों बेटियों को हमेशा यही सीख दी कि ‘‘हम पहले ‘शख्स’ हो सकते हैं, लेकिन हमें आखिरी नहीं होना चाहिए।’’

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हैरिस ने अपनी दिवंगत मां श्यामला गोपालन को याद करते हुए कहा कि उन्हें अपनी मां से हमेशा यही सीख मिली और यही वजह रही कि वह अपने पूरे कॅरियर में उन्होंने सान फ्रांसिस्को की पहली महिला डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी जनरल, कैलिफोर्निया की पहली महिला अटॉर्नी जनरल और सीनेट में कैलिफोर्निया का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली अश्वेत महिला के तौर पर सेवा दी। हैरिस की मां श्यामला गोपालन एक कैंसर अनुसंधानकर्ता और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता थीं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी कहानी हर अमेरिकी की कहानी है। मेरी मां श्यामला गोपालन भारत से आयी थीं। उन्होंने मेरी और मेरी बहन माया की परवरिश की। उन्होंने हमें यही सीख दी कि हम पहले ‘शख्स’ हो सकते हैं, लेकिन हमें आखिरी नहीं होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझमें आपने हमेशा जो भरोसा दिखाया, उसी की वजह से आज इस क्षण मैं यहां हूं।





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