India-US रणनीतिक और Energy साझेदारी होगी मजबूत, 17 अक्टूबर से दौरे पर Marco Rubio

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ANI
अभिनय आकाश । Oct 14 2026 6:42PM

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर के बीच भारत दौरे पर आएंगे। इस दौरान वे मुंबई और जामनगर में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों व बिजनेस लीडर्स से मुलाकात करेंगे। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी, आर्थिक संबंधों और ऊर्जा सहयोग को और अधिक मजबूत करना है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर के बीच भारत का दौरा करेंगे। इस दौरे का मकसद नई दिल्ली के साथ ऊर्जा सहयोग और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है। उनकी भारत यात्रा के लिए मुंबई और गुजरात के जामनगर को चुना गया है, जहाँ वे वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और बिजनेस लीडर्स से मुलाकात कर सकते हैं। भारत का दौरा रुबियो के बड़े डिप्लोमैटिक टूर का हिस्सा है, जो 17 अक्टूबर को उज़्बेकिस्तान के समरकंद में C5+1 मिनिस्टीरियल मीटिंग के साथ शुरू होगा। भारत में उनके कार्यक्रमों की सही तारीखों और समय की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है। बातचीत में क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम, ऊर्जा सहयोग, कमर्शियल निवेश और आर्थिक संबंधों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

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मार्को रुबियो अपनी भारत यात्रा के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा करेंगे?

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, रुबियो द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करने और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। विदेश विभाग ने कहा वह अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, क्षेत्रीय और वैश्विक स्थितियों पर विचार-विमर्श करने और ऊर्जा सहयोग को बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। रुबियो के कमर्शियल निवेश को बढ़ावा देने और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए बिजनेस लीडर्स से भी मुलाकात करने की उम्मीद है। उनकी यह आगामी यात्रा मई में नई दिल्ली की उनकी यात्रा के बाद हो रही है, जब उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मेजबानी में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया था। 

रूबियो के दौरे में जामनगर क्यों शामिल है?

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जामनगर को दौरे में इसलिए शामिल किया गया है क्योंकि एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग एजेंडे में अहम है। गुजरात के इस शहर में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स है, जो एक ही जगह पर दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनिंग सुविधाओं में से एक है। इसकी क्षमता रोज़ाना लगभग 1.4 मिलियन बैरल कच्चा तेल रिफाइन करने की है। अमेरिका और भारत के बीच निवेश और व्यापार को लेकर हुई बातचीत में भी एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग का मुद्दा उठा है। मार्च में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक्सास के ब्राउनस्विले में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के सहयोग से बनने वाली एक रिफाइनरी की योजना का ऐलान किया था। ट्रंप ने इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट को 300 अरब डॉलर की डील बताया था। हालांकि, इस आंकड़े को रिफाइनरी के निर्माण की लागत नहीं माना जाना चाहिए। इस प्रस्तावित सुविधा को बनाने में लगभग 6.7 अरब डॉलर की लागत आने का अनुमान है। इस माहौल में, भारत में रूबियो की प्रस्तावित बैठकों में व्यापक रणनीतिक और व्यापारिक बातचीत के साथ-साथ एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। उपलब्ध जानकारी में इस दौरे से किसी खास समझौते के होने की पुष्टि नहीं हुई है।

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