मेक्सिको के राष्ट्रपति ओब्राडोर कोरोना वायरस से संक्रमित, ट्वीट कर उपचार शुरू होने की दी जानकारी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   08:41
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मेक्सिको के राष्ट्रपति ओब्राडोर कोरोना वायरस से संक्रमित, ट्वीट कर उपचार शुरू होने की दी जानकारी

राष्ट्रपति एंड्रेस मेनुएल लोपेज ओब्राडोर ने लिखा, ‘‘मुझे यह बताते हुए दुख हो रहा है कि मैं कोविड-19 से पीड़ित हूं। इसके लक्षण मामूली हैं तथा मेरा उपचार शुरू हो गया है।’’

मेक्सिको सिटी। मेक्सिको के राष्ट्रपति एंड्रेस मेनुएल लोपेज ओब्राडोर ने रविवार को कहा कि वह कोविड-19 से पीड़ित हैं तथा उनमें इसके मामूली लक्षण हैं। ओब्राडोर ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर यह जानकारी दी और कहा कि उनका उपचार चल रहा है। उन्होंने लिखा, ‘‘मुझे यह बताते हुए दुख हो रहा है कि मैं कोविड-19 से पीड़ित हूं। इसके लक्षण मामूली हैं तथा मेरा उपचार शुरू हो गया है।’’ 

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इसके पहले यह घोषणा हुई थी कि कोरोना वायरस के रूस निर्मित टीके स्पूतनिक वी खुराकों की आपूर्ति के बारे में सोमवार को ओब्राडोर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करेंगे। मेक्सिको में कोरोना वायरस के 17 लाख से अधिक मामले हैं तथा यहां संक्रमण के कारण करीब 1,50,000 लोगों की मौत हो चुकी है।





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भ्रष्टाचार के मामले में फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति सरकोजी दोषी करार, कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 1, 2021   19:54
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भ्रष्टाचार के मामले में फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति सरकोजी दोषी करार, कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई

फ्रांस में 2007 से 2012 तक राष्ट्रपति रहे निकोलस सरकोजी (66) को 2014 में एक वरिष्ठ मजिस्ट्रेट से अवैध तरीके से सूचनाएं हासिल करने के प्रयास के लिए दोषी ठहराया गया।

पेरिस। फ्रांस में पेरिस की एक अदालत ने सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराया और एक साल जेल और दो साल निलंबित कारावास की सजा सुनायी। फ्रांस में 2007 से 2012 तक राष्ट्रपति रहे सरकोजी (66) को 2014 में एक वरिष्ठ मजिस्ट्रेट से अवैध तरीके से सूचनाएं हासिल करने के प्रयास के लिए दोषी ठहराया गया। 

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अदालत ने कहा कि सरकोजी घर पर हिरासत में रहने का अनुरोध कर सकेंगे और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक पट्टी पहननी होगी। सरकोजी 2012 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान अवैध धन के इस्तेमाल के आरोप में 13 अन्य लोगों के साथ इस महीने एक और मुकदमे का सामना करेंगे।





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मंगल अभियान को लेकर नासा के भारतीय मूल के इंजीनियर विष्णु श्रीधर ने कही ये बात

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 1, 2021   18:18
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मंगल अभियान को लेकर नासा के भारतीय मूल के इंजीनियर विष्णु श्रीधर ने कही ये बात

नासा के भारतीय मूल के इंजीनियर आने वाले हफ्तों में ‘परसिवरेंस’ रोवर के रोमांचक कार्य सामने आएंगे।सुपर कैम एक सुदूर संवेदन (रिपोट सेंसिंग) उपकरण है जो मंगल की सतह पर चट्टानों के रसायनिक तत्वोंका विश्लेषण करने के लिए लेजर तकनीक का इस्तेमाल करेगा।

ह्यूस्टन (अमेरिका)। नासा के ‘परसिवरेंस’ रोवर के भारतीय मूल के अमेरिकी इंजीनियर विष्णु श्रीधर ने कहा है कि मंगल अभियान पर सर्वाधिक रोमांचक कार्य आने वाले हफ्तों में होने वाला है। न्यूयार्क के रहने वाले श्रीधर (27) कैलीफोर्निया स्थित अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के जेट प्रोपल्शन लैबोरेट्री (जेपीएल) मेंमार्स 2020‘परसिवरेंस’ रोवर के सुपरकैम के लिए एक लीड सिस्टम इंजीनियर हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले हफ्तों में इस रोवर के कुछ सर्वाधिक रोमांचक कार्य होने वाले हैं। श्रीधर ने एबीसी 7 चैनल से कहा, ‘‘हम मंगल से और अधिक तस्वीरें प्राप्त करने जा रहे हैं, हम सुपरकैम उपकरण से तस्वीरें लेने जा रहे हैं, हम अपने माइक्रोफोन के जरिए ऑडियो रिकार्डिंग करने जा रहे हैं और निकट भविष्य में बहुत जल्द हम अपने हेलिकॉप्टर (ड्रोन) को तैनात करने जा रहे हैं...। ’’

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सुपर कैम एक सुदूर संवेदन (रिपोट सेंसिंग) उपकरण है जो मंगल की सतह पर चट्टानों के रसायनिक तत्वोंका विश्लेषण करने के लिए लेजर तकनीक का इस्तेमाल करेगा। यह उस क्षेत्र का विश्लेषण करेगा, जहां तक रोवर नहीं पहुंच सकता है। नासा का यह रोवर इस साल 18 फरवरी को मंगल की सतह पर उतरा। रोवर, सुपरकैम और इसके अन्य उपकरणों की मदद से वैज्ञानिकों को लाल ग्रह पर अतीत में जीवन की मौजूदगी का सुराग हासिल करने में मदद मिलेगी। श्रीधर ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि कोविड-19 महामारी के बावजूद यह अभियान हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘नासा के अभियानों में स्पष्ट रूप से एक मूलभूत सवाल का जवाब ढूंढने की कोशिश की जा रही है कि क्या मंगल पर कभी जीवन मौजूद था? क्या पृथ्वी के अलावा अन्य ग्रह पर भी जीवन था ? ’’ जेपीएल में पिछले पांच साल का श्रीधर का समय मंगल के लिए समर्पित रहा है और वह फिलहाल मार्स 2020 रोवर पर सुपरकैम के इंस्ट्रूमेंट इंजीनियर हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने सोमवार को मंगल ग्रह से पहला ऑडियो जारी किया, जो रोवर द्वारा रिकार्ड की गई हवा की आवाज है।





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बॉर्डर पर तनाव के बीच चीनी हैकरों ने भारत के पावरग्रिड सिस्टम को बनाया निशाना

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 1, 2021   17:37
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बॉर्डर पर तनाव के बीच चीनी हैकरों ने भारत के पावरग्रिड सिस्टम को बनाया निशाना

अमेरिका की एक कंपनी ने अपने हालिया अध्ययन में दावा किया है कि भारत और चीन के बीच सीमा पर जारी तनाव के दौरान चीन सरकार से जुड़े हैकरों के एक समूह ने ‘‘मालवेयर’’ के जरिए भारत के पावरग्रिड सिस्टम को निशाना बनाया।

वाशिंगटन। अमेरिका की एक कंपनी ने अपने हालिया अध्ययन में दावा किया है कि भारत और चीन के बीच सीमा पर जारी तनाव के दौरान चीन सरकार से जुड़े हैकरों के एक समूह ने ‘‘मालवेयर’’ के जरिए भारत के पावरग्रिड सिस्टम को निशाना बनाया। आशंका है कि पिछले साल मुंबई में बड़े स्तर पर बिजली आपूर्ति ठप होने के पीछे शायद यही मुख्य कारण था। अमेरिका में मैसाचुसेट्स की कंपनी ‘रिकॉर्डेड फ्यूचर’ ने अपनी हालिया रिपोर्ट में चीन के समूह ‘रेड इको’ द्वारा भारतीय ऊर्जा क्षेत्र को निशाना बनाए जाने का जिक्र किया है। पिछले साल 12 अक्टूबर को मुंबई में एक ग्रिड ठप होने से बिजली गुल हो गयी थी।

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इससे ट्रेनें भी रास्तें में ही रूक गयी और महामारी के कारण घर से काम रहे लोगों का कार्य भी प्रभावित हुआ और आर्थिक गतिविधियों पर भारी असर पड़ा। आवश्यक सेवाओं के लिए बिजली आपूर्ति बहाल में दो घंटे लग गए थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने घटना की जांच का आदेश दिया था। ‘रिकॉर्डेड फ्यूचर’ ने ऑनलाइन सेंधमारी संबंधित रिपोर्ट के प्रकाशन के पूर्व भारत सरकार के संबंधित विभागों को इस बारे में अवगत कराया। अमेरिकी कंपनी के अध्ययन पर भारत सरकार से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पायी है।

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‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने एक खबर में कहा कि इस खुलासे से सवाल उठा है कि मुंबई में बिजली गुल के पीछे कहीं बीजिंग यह संदेश तो नहीं देना चाहता था कि अगर भारत ने सीमा पर आक्रामक व्यवहार जारी रखा तो क्या हो सकता है। ‘रिकॉर्डेड फ्यूचर’ की रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि कथित रूप से भारत प्रायोजित समूह ‘साइडविंडर’ ने 2020 में चीनी सेना और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बताया। कंपनी की यह रिपोर्ट ऐसे समय आयी है जब चीन और भारत की सेना पूर्वी लद्दाख में गतिरोध वाले स्थानों से अपने सैनिकों को पीछे हटा रही है।





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