सामने थे मोदी, तभी अचानक भारत के दो जिगरी दोस्त की बुराई करने लगे जर्मनी के चांसलर

Modi
प्रतिरूप फोटो
AI
अभिनय आकाश । Jan 12 2026 7:08PM

प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर ने अहमदाबाद में साबरमती नदी तट पर खुली गाड़ी में सैर की और पतंग उड़ाने का भी प्रयास किया। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात सरकार द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026 का उद्घाटन किया।

जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्ज भारत के दौरे पर आय और यहा उन्होने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की दविपक्षीय बैठक की इस बैठक में कई बडी सहमतिया दोन देशो के बीच में बनी है लेकिन साझा प्रेस कॉन्फरन्स के दौरान फेडरिक मर्ज ने भारत के दोस्तो की बुराई उसी की जमीन पर की है पहली बुराई तो रूस की रही जहा फेडरिक मर्ज ने पीएम मोदी के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूक्रेन पर रूस के द्वारा कि गय हमले को लेकर सवाल उठाया और ये कहा की हम भारत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी इसलिए भी मजबूत करना चाहते है ताकी भारत रूस पर से अपनी निर्भरता कम कर सके।

इसे भी पढ़ें: PM Modi का Gen Z पर बड़ा बयान, Young Leaders Dialogue में बोले- 'आपकी सफलता ही भारत की सफलता'

प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर ने अहमदाबाद में साबरमती नदी तट पर खुली गाड़ी में सैर की और पतंग उड़ाने का भी प्रयास किया। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात सरकार द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026 का उद्घाटन कियापिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दौरे के दौरान हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने के लिए प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया था और दोनों ने 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास तक एक ही कार में यात्रा की थीजर्मन चांसलर ने पीएम मोदी से ईरान पर बात कीउन्होंने कहा कि ईरान में लोगों पर ईरानी सरकार हिंसा कर रही है। लोगों के अधिकारों को ईरान में कुचला जा रहा है। मर्ज ने बताया कि भारत और जर्मनी मुक्त व्यापार और ओपन मार्केट के सिद्धांतों पर फोकस कर रहे हैं, क्योंकि दुनिया में संरक्षणवाद का दौर फिर से शुरू हो रहा है। भारत और जर्मनी बड़ी ताकतों द्वारा सप्लाई चेन और कच्चे माल को ताकत के तौर पर इस्तेमाल करने का विरोध करते हैं

इसे भी पढ़ें: मजबूत डोर से बँधे भारत-जर्मनी रिश्तों ने भरी नई उड़ान, मोदी और मर्ज की वार्ता से मिली यूरोप की एशिया नीति को नई दिशा

बातचीत के जरिय आम सहमती के जरिए रास्ता निकालने की पैरोकारी करता रहा है। लेकिन भारत की जमीन पर खडे होकर ईरान के खिलाफ बयान देना, रूस के खिलाफ बयान देना और भारत रूस की विशेष रणनीतिक जो दोस्ती है उसको कम करने के लिए अपनी साझेदारी बढाने की बात कहना वाकई में चर्चा का विषय है और यही वजह है इस पर खूब चर्चा भी रही है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़