Kim Jong Un ने नौसेना में शामिल किया 5,000 टन वजनी Destroyer Kang Kon

उत्तर कोरिया ने वोनसान बंदरगाह पर आयोजित समारोह में अपना दूसरा उन्नत नौसैनिक विध्वंसक पोत नौसेना के बेड़े में शामिल किया। 5,000 टन वजनी यह पोत परमाणु हथियार ले जाने वाली मिसाइलों से लैस है। देश के सर्वोच्च नेता ने इसे अपनी समुद्री सुरक्षा और परमाणु प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने वाला कदम बताया।
सियोल, सात सितंबर (एपी) अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान द्वारा त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यास शुरू किए जाने के बीच, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अपने देश के दूसरे नौसैनिक विध्वंसक पोत को बेड़े में शामिल किया और अधिक विश्वसनीय परमाणु प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने का आह्वान किया। सरकारी मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी। किम अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के संयुक्त सैन्य अभ्यास को अपने देश की सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं।
विध्वंसक पोत ‘कांग कोन’ को रविवार को पूर्वी बंदरगाह शहर वोनसान में आयोजित एक समारोह के दौरान उत्तर कोरिया की नौसेना में शामिल किया गया। समारोह में किम और उनकी किशोर बेटी भी मौजूद थीं जिन्हें दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी उनकी संभावित उत्तराधिकारी मानती है। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में किम की बेटी सफेद पोशाक और कोट पहनकर लाल कालीन पर अपने पिता के साथ चलती, युद्धपोत का निरीक्षण करती और नौसेना को कर्मियों के साथ तस्वीरें खिंचवाती दिखाई दीं।
‘कांग कोन’ और जून में नौसेना में शामिल किए गए ‘चो ह्योन’ दोनों 5,000 टन वजनी विध्वंसक पोत हैं और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइलों से लैस हैं। ये उत्तर कोरिया के सबसे उन्नत युद्धपोत हैं। किम ने समारोह के दौरान अपने संबोधन में कहा कि दो विध्वंसक पोतों को नौसेना में शामिल किए जाने से दुश्मनों में भय पैदा हुआ है और उत्तर कोरियाई नौसेना को परमाणु हथियारों से लैस किए जाने से उसकी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता का अधिक विविध और व्यावहारिक तरीके से इस्तेमाल करना संभव हुआ है।
किम ने कहा, ‘‘दुश्मनों की चिंताएं निश्चित रूप से और बढ़ेंगी। हमें शक्तिशाली और विश्वसनीय परमाणु युद्ध प्रतिरोधक क्षमता को और स्पष्ट रूप से स्थापित करना होगा, अपनी परमाणु युद्ध प्रणालियों का विविध एवं प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करना होगा और समुद्री क्षेत्र की रक्षा के लिए एवं युद्ध को होने से रोकने के लिए अपनी सैन्य गतिविधियों को और मजबूत करना होगा।’’ अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने सोमवार को दक्षिण कोरिया के दक्षिणी जेजू द्वीप के पास समुद्री क्षेत्र में पांच दिवसीय ‘फ्रीडम एज’ सैन्य अभ्यास शुरू किया। दक्षिण कोरिया की सेना ने हाल में कहा था कि यह अभ्यास रक्षात्मक प्रकृति का है और इसका उद्देश्य उत्तर कोरिया से उत्पन्न परमाणु खतरों से निपटना है।
इससे पहले अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाओं ने 21 अगस्त को अपना वार्षिक ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ अभ्यास तय समय से छह दिन पहले समाप्त कर दिया था। इससे पहले ट्रंप ने किम के साथ अपने अच्छे संबंधों का हवाला देते हुए कहा था कि उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय को इस अभ्यास में ‘‘काफी कटौती’’ करने का आदेश दिया है। किम इस अभ्यास को उत्तर कोरिया पर हमले की तैयारी के तौर पर देखते हैं।
हालांकि किम की बहन और वरिष्ठ अधिकारी किम यो जोंग ने ट्रंप के इस कदम को तवज्जो नहीं देते हुए कहा था कि केवल अभ्यास की अवधि कम करने से उसकी ‘‘उकसावे वाली और आक्रामक प्रकृति’’ नहीं बदलेगी। उत्तर कोरिया ने इसके बाद समुद्र की ओर कम दूरी की करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
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