पानी दिलवा दो...UNSC में जाकर भारत का नाम लेकर रोया पाकिस्तान

पाकिस्तान के स्थाई प्रतिनिधि असीम इफ्तखार अहमद ने बताया कि उन्होंने इशाक डार का पत्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष लियोनूर जालावाटा टोरेस को सौंपा है। पत्र में भारत द्वारा चिनाब नदी से जुड़ी दो बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर पाकिस्तान की चिंताओं को रेखांकित करने की बात की जा रही है।
पाकिस्तान दुनिया भर को बड़ी-बड़ी ज्ञान बांट रहा है। खुद भारत ने जब उसकी हवा टाइट की तो पाकिस्तान पानीपानी चिल्ला रहा है। सिंधु जलसिंधी का मुद्दा पाकिस्तान यूएनएससी में लेकर पहुंच गया है। क्योंकि भारत के दिखाए हुए ठेंगे ने पाकिस्तान को परेशान कर दिया है। पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री ईशाक डार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से सिंधु जल संधि के कथित उल्लंघन के मामले में भारत के खिलाफ संज्ञान लेने की अपील की है। भारत ने तो साफ कर दिया है कि एक बूंद भी नहीं जाने देंगे और पूरी कोशिश करेंगे कि जो पानी पाकिस्तान को जाता हो उसका इस्तेमाल भारत सकुशल तरीके से कर ले क्योंकि भारत के नागरिकों का खून और भारत का पानी एक साथ नहीं बहेगा। साफ तौर पर पाकिस्तान छटपटाया हुआ है और अब यूएनएससी के दरवाजे पर है।
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पाकिस्तान के स्थाई प्रतिनिधि असीम इफ्तखार अहमद ने बताया कि उन्होंने इशाक डार का पत्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष लियोनूर जालावाटा टोरेस को सौंपा है। पत्र में भारत द्वारा चिनाब नदी से जुड़ी दो बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर पाकिस्तान की चिंताओं को रेखांकित करने की बात की जा रही है। आसिफ इफ्तखार ने सोशल मीडिया पर बताया है कि इस पत्र के माध्यम से सुरक्षा परिषद का ध्यान तत्काल इस मुद्दे की ओर आकर्षित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया है कि दक्षिण एशिया की मौजूदा स्थिति को लेकर यूएनएससी अध्यक्ष को जानकारी दी गई है। विश्व बैंक की मध्यता से साल 1960 में हुई सिंधु जलसंधि भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी प्रणाली और उनकी सहायक नदियों में जल बंटवारे को नियंत्रित करती रही है।
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अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने इस संधि को निलंबित कर दिया। इसके पहले भी अप्रैल में इशाकदार ने इसी मुद्दे को लेकर यूएनएससी अध्यक्ष को पत्र लिखकर पाकिस्तान की चिंताओं से अवगत कराया था। इसके अलावा भी वक्त-वक्त पर पाकिस्तान की तरफ से भारत को धमकी दी जाती रही है कि अगर पानी नहीं मिलेगा तो वह भारत में तबाही ला देंगे। हालांकि यह सपने हैं और सपने देखने पर कोई टैक्स नहीं है। इसलिए पाकिस्तान सपने देख सकता है क्योंकि उसके आर्थिक हालात इतने अच्छे नहीं है कि सपने देखने पर टैक्स लगता तो वो सपने देख पाता।
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