यूक्रेन के 18 फीसदी हिस्से पर आज से रूस का कब्जा, संधियों पर होंगे हस्ताक्षर

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यूक्रेन में 24 फरवरी को रूसी सैनिकों के हमले के कुछ दिनों बाद ही दक्षिणी खेरसान क्षेत्र और पड़ोसी जापोरिज्जिया के कुछ क्षेत्रों पर रूस ने कब्जा कर लिया था। क्रेमलिन-नियंत्रित रूसी संसद के दोनों सदनों की अगले सप्ताह बैठक होगी जिसमें इन क्षेत्रों को रूस में शामिल किए जाने के लिए संधियों पर मुहर लगाई जाएगी।

मास्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों को धता बताते हुए यूक्रेन के कुछ हिस्सों को रूस में मिलाने की घोषणा के लिए क्रेमलिन में एक समारोह का आयोजन किया। क्रेमलिन के भव्य श्वेत और सुनहरे सेंट जॉर्ज हॉल में विलय समारोह में पुतिन और यूक्रेन के चार क्षेत्रों के प्रमुख, रूस में शामिल होने के लिए संधियों पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके साथ ही सात महीनों से चल रहे युद्ध में और तेजी आने की आशंका है। रूस द्वारा यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्रों को अपने में मिलाने के लिये किए गए “जनमत संग्रह” के तीन दिनों बाद इस समारोह का आयोजन हो रहा है। यूक्रेन और पश्चिमी देशों ने इसे सीधे-सीधे जमीन कब्जाना करार देते हुए कहा कि यह बंदूक के बल पर झूठी कवायद है। पूर्वी यूक्रेन के अलगाववादी दोनेत्स्क और लुहांस्क क्षेत्र को 2014 में आजादी की घोषणा के बाद से ही रूस का समर्थन मिला था।यूक्रेन के क्रीमिया प्रायद्वीप के विलय के कुछ हफ्तों बाद ही रूस ने यह कदम उठाया था। 

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यूक्रेन में 24 फरवरी को रूसी सैनिकों के हमले के कुछ दिनों बाद ही दक्षिणी खेरसान क्षेत्र और पड़ोसी जापोरिज्जिया के कुछ क्षेत्रों पर रूस ने कब्जा कर लिया था। क्रेमलिन-नियंत्रित रूसी संसद के दोनों सदनों की अगले सप्ताह बैठक होगी जिसमें इन क्षेत्रों को रूस में शामिल किए जाने के लिए संधियों पर मुहर लगाई जाएगी और उन्हें उनकी मंजूरी के लिए पुतिन के पास भेजा जाएगा। पुतिन और उनके सिपहसालारों ने यूक्रेन को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि वह इन क्षेत्रों को पुन: कब्जाने की कोई आक्रामक कोशिश न करे और कहा कि रूस ऐसे किसी भी कृत्य को अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता के खिलाफ हमला मानेगा तथा जवाबी कार्रवाई के लिये “सभी उपलब्ध संसाधनों” (रूस के परमाणु हथियारों के संदर्भ में) का उपयोग करने से हिचकेगा नहीं। रूस की योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर क्रेमलिन प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस का कम से कम पूरे दोनेत्स्क क्षेत्र को ‘आजाद’ कराने का लक्ष्य है।

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