पिता Ziaur Rahman दिल्ली आ सकते हैं तो आप क्यों नहीं? BRICS और BIMSTEC बैठकों से बांग्लादेश के किनारा करने पर शेख हसीना के उठाया सवाल

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल न होने पर तारिक रहमान की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भारत में उनकी मौजूदगी बाधा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि उनके पिता ज़ियाउर रहमान ने भी तब दिल्ली दौरा किया था। इसके साथ ही, हसीना ने दिसंबर 2026 तक बांग्लादेश लौटने का संकल्प दोहराया।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट में शामिल न होने के लिए तारिक रहमान की आलोचना की है और उनके इस फ़ैसले को नासमझ और बांग्लादेश के राष्ट्रीय हितों के ख़िलाफ़ बताया है। उन्होंने सवाल उठाया कि भारत में उनकी मौजूदगी तारिक रहमान को वहां जाने से क्यों रोकेगी, जबकि उनके पिता और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति ज़ियाउर रहमान ने तब दिल्ली की यात्रा की थी जब वह खुद वहां निर्वासित जीवन जी रही थीं। उनकी यह आलोचना ऐसे समय में आई है जब बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने मंगलवार (13 अक्टूबर) को नई दिल्ली में हुई पहली BIMSTEC गृह मंत्रियों की बैठक में हिस्सा नहीं लिया। नई दिल्ली में हुई बैठकों से बांग्लादेश के दो वरिष्ठ नेताओं के नदारद रहने के कारण, भारत के साथ तनावपूर्ण रिश्तों के बीच ढाका के राजनयिक रुख पर नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं।
इसे भी पढ़ें: Tarique Rahman का BRICS Summit छोड़ना अपरिपक्व, Sheikh Hasina बोलीं हुआ राष्ट्रीय नुकसान
14 अक्टूबर को एक इंटरव्यू में हसीना ने पूछा तो दिल्ली में मेरी मौजूदगी ज़ियाउर रहमान के बेटे तारिक रहमान को आज भारत आने से क्यों रोकेगी? ऐसे फ़ैसले के पीछे असली वजह क्या है? उन्होंने नई दिल्ली में निर्वासित जीवन बिताते हुए लिखित सवालों के जवाब दिए। बांग्लादेश ने 12-13 सितंबर को हुए ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया था। उनका तर्क था कि रहमान को BIMSTEC के अध्यक्ष के तौर पर बुलाया गया था, न कि खास तौर पर बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के तौर पर। ढाका ने भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है। बांग्लादेश की BNP के नेतृत्व वाली सरकार के मुताबिक, हसीना का नई दिल्ली में लगातार बने रहना दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर बनाने में एक बड़ी बाधा है। तारिक रहमान का भारत का दौरा न करना, प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके मलेशिया और चीन के दौरों से बिल्कुल अलग है। चीन की नज़र बांग्लादेश में अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर रही है।
इसे भी पढ़ें: घुसपैठियों के खिलाफ Amit Shah का सख्त रुख देखकर डर गये Bangladesh के गृह मंत्री! BIMSTEC Home Ministers Meeting से रहे नदारद
अगस्त 2024 से भारत में रह रहीं शेख हसीना ने दिसंबर 2026 तक बांग्लादेश लौटने का संकल्प लिया है, भले ही उन्हें पता है कि उन्हें गिरफ़्तार किया जा सकता है, जेल हो सकती है या मौत की सज़ा भी मिल सकती है। बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने नवंबर 2025 में हसीना को उनकी गैर-मौजूदगी में मौत की सज़ा सुनाई थी। यह सज़ा जुलाई-अगस्त 2024 में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसक कार्रवाई से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए दी गई थी, जिसमें हिंसा भड़काना, जानलेवा बल प्रयोग का आदेश देना और हत्याओं को रोकने में नाकाम रहना शामिल था।
हसीना ने पूछा ब मैं भारत में थी तब आपके पिता ने भारत का दौरा किया था, तो आप क्यों नहीं आ सकते? हसीना ने लगभग पांच दशक पुरानी बात याद करते हुए रहमान के उस फ़ैसले के पीछे की वजह पर सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने नई दिल्ली में अहम बैठकों में हिस्सा नहीं लिया था। अपने इंटरव्यू में हसीना ने याद किया कि ज़ियाउर रहमान (तारिक़ के पिता और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति) ने 1979 में नई दिल्ली का दौरा किया था। उस समय वह भारत में रह रही थीं, क्योंकि अगस्त 1975 में उनके पिता शेख़ मुजीबुर रहमान और परिवार के कई सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। जब उन्होंने 1979 में दिल्ली का दौरा किया, तब मैं दिल्ली में ही रह रही थी। जब उन्होंने 1980 में लंदन की यात्रा की, तब मैं भी लंदन में थी। उन शहरों में मेरी मौजूदगी ने उन्हें वहां जाने से नहीं रोका।
अन्य न्यूज़














