• तालिबान की बढ़ती ताकत को देख पलायन के लिए मजबूर हुए सिख परिवार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अफगानिस्तान में अब सिख समुदाय के लोग भी पलायन के लिए मजबूर है। उनका मानना है कि अफगानिस्तान सबसे खतरनाक मुल्क हो गया है।

काबुल। अफगानिस्तान में करीब बीस साल से जारी अमेरिका का सैन्य अभियान 31 अगस्त को पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। अमेरिकी सैनिकों के वापस जाने से तालिबान अपने पैर पसारना शुरू कर चुका है। ऐसे में ज्यादा समय नहीं लगने वाला है, जब अफगानिस्तान पर तालिबान का राज होगा। हालांकि स्थिति अभी भी कुछ अच्छी नहीं है। पलायन शुरू हो चुका है। अफगानिस्तान में अपना जीवन व्यतीत कर देने वाले लोगों को लगता है कि यह देश अब सुरक्षित नहीं है। 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अफगानिस्तान में अब सिख समुदाय के लोग भी पलायन के लिए मजबूर है। उनका मानना है कि अफगानिस्तान सबसे खतरनाक मुल्क हो गया है। हिन्दी समाचार चैनल 'आजतक' ने अफगानिस्तान में सिख समुदाय के लोगों की मौजूदा स्थिति को लेकर रिपोर्टिंग की। उसके मुताबिक तालिबान के बढ़ते प्रभाव की वजह से लोग खौफ में है।

तालिबान की बढ़ती ताकत को देखकर जलालाबाद में रहने वाले सिख समुदाय के 50 से अधिक परिवारों ने अपना घरबार छोड़कर भारत का रुख किया है। जलालाबाद में अब महज 6-7 सिख परिवार ही बचे हैं। जलालाबाद में स्थित गुरुद्वारे का पास में सिख समुदाय के लोगों की कुछ दुकानें हैं। जो अपनी पीड़ा को बताते हुए कहते है कि यहां अब सरदार नहीं रहते हैं। अब 6-7 सिख परिवार ही बचे हैं। जब हालात ठीक थे तो 80 के आसपास सिख परिवार यहां रहते थे। 

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तालिबान की वजह से खौफजदा सिख परिवार अफगानिस्तान छोड़कर पंजाब आ गए हैं। जो चंद सिख परिवार जलालाबाद में बचे है क्या वो भी पलायन करने को मजबूत होते हैं या फिर वहीं पर जीवन गुजर बसर करेंगे ? यह सवाल काफी अहम हो जाता है। गौरतलब है कि पिछले साल मार्च में काबुल के गुरुद्वारे पर आतंकवादी ने हमला किया था। जिसमें 20 सिखों की मौत हो गई थी। इसी के बाद से सिख परिवार खौफ में थे।