UNGA President Khalilur Rahman ने Security Council में सार्थक सुधारों पर दिया जोर

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष खलीलुर रहमान ने विश्व निकाय और विशेषकर सुरक्षा परिषद में ठोस बदलावों की आवश्यकता बताई है। उन्होंने कहा कि सुधार ऐसे होने चाहिए जिनसे वैश्विक मंच पर लोगों का विश्वास फिर से बहाल हो सके। उन्होंने महासचिव एंतोनियो गुतारेस की यूएन80 पहल का समर्थन करने की भी प्रतिबद्धता जताई।
(योषिता सिंह) संयुक्त राष्ट्र, नौ सितंबर संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष खलीलुर रहमान ने इस विश्व निकाय खासकर सुरक्षा परिषद में ‘‘सार्थक’’ सुधारों का आह्वान किया है, ताकि इसे ‘‘भविष्य के लिए और अधिक सक्षम’’ बनाया जा सके तथा लोगों का उस पर भरोसा फिर से कायम हो। मंगलवार को महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष का पद संभालने वाले रहमान यहां एक संवाददाता सम्मेलन में ‘पीटीआई’ के सवाल का जवाब दे रहे थे। उनसे पूछा गया था कि उनकी अध्यक्षता लंबे समय से अटकी और धीमी गति से आगे बढ़ रही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में किस तरह मदद कर सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘सुधार सार्थक होने चाहिए। इन सुधारों से लोगों की नजर में इस संगठन पर भरोसा फिर से कायम होना चाहिए। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक सुधारों को महज औपचारिक या दिखावटी कदम माना जाएगा।
मैं इन सुधारों को लेकर बहुत गंभीर हूं।’’ बांग्लादेश के विदेश मंत्री रहमान ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस की ‘यूएन80’ पहल का समर्थन जारी रखेंगे। इस पहल का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र प्रणाली को अधिक सरल, प्रभावी और बेहतर समन्वय वाली बनाना है। उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी स्थिति में हैं, जहां भरोसे की कमी है और संगठन को खुद को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए बड़े सुधार करने होंगे।
केवल आज के लिए नहीं, बल्कि कल के लिए भी। ’’ रहमान ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘दुनिया आगे बढ़ चुकी है। संगठन को भी आगे बढ़ना होगा और मैं इस प्रक्रिया में मदद करूंगा।’’ संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष ने कहा कि विश्व संगठन जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है और जिन अवसरों का लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है, उनके बीच वह सहयोग और संवाद को बहुत अधिक प्राथमिकता देंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इतना समझता हूं कि हर समस्या का समाधान जल्दी और सौहार्दपूर्ण तरीके से नहीं हो सकता है। कुछ मुद्दे अनसुलझे रहेंगे। कुछ समस्याओं के समाधान खोजने में समय लग सकता है।
यह ठीक है। लेकिन इससे हमें जहां भी संभव हो, साझा आधार तलाशने की कोशिश बंद नहीं करनी चाहिए।’’ रहमान को जून में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र का अध्यक्ष चुना गया था। यह सत्र मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में शुरू हुआ।
उन्होंने जर्मनी की पूर्व विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक का स्थान लिया है।
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