UN में भारत का पाक पर निशाना, कहा- आतंकी घोषित करने के लिए UNSC का न हो दुरुपयोग

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अक्टूबर 8, 2020   15:23
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UN में भारत का पाक पर निशाना, कहा- आतंकी घोषित करने के लिए UNSC का न हो दुरुपयोग

भारत ने कहा कि बदला लेने के इरादे से निर्दोष लोगों को आतंकवादी घोषित करने के लिए यूएनएससी का दुरुपयोग नहीं किया जाए।पाकिस्तान ने आतंकवादी घोषित करने के लिए सुरक्षा परिषद की ‘1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति’ को भारतीय नागरिकों अंगारा अप्पाजी, गोबिंद पटनायक, अजय मिस्त्री और वेणुमाधव डोंगरा के नाम भेजे थे।

संयुक्त राष्ट्र। भारत ने चार भारतीय नागरिकों को ‘1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति’ के तहत सूचीबद्ध कराने की पाकिस्तान की असफल कोशिश का जिक्र करते हुए कहा कि देशों को ‘‘बदला लेने के इरादे से निर्दोष आम नागरिकों को’’ अपारदर्शी कार्य पद्धतियों एवं प्रक्रियाओं को लागू करके बिना किसी विश्वसनीय सबूत के ‘‘आतंकवादियों के रूप में सूचीबद्ध’’ कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। पाकिस्तान ने आतंकवादी घोषित करने के लिए सुरक्षा परिषद की ‘1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति’ को भारतीय नागरिकों अंगारा अप्पाजी, गोबिंद पटनायक, अजय मिस्त्री और वेणुमाधव डोंगरा के नाम भेजे थे। परिषद में अप्पाजी और पटनायक को आतंकवादी घोषित करने के पाकिस्तान के प्रयास को अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और बेल्जियम ने पिछले माह विफल कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, इन दो व्यक्तियों का नाम आंकवादियों की सूची में जोड़ने की अपनी मांग के समर्थन में पाकिस्तान ने कोई सबूत नहीं भेजा था।

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इससे पहले, जून/जुलाई में अजय मिस्त्री और वेणुमाधव डोंगरा के नाम सूची में शामिल करने का पाकिस्तान का प्रयास भी परिषद में नाकाम रहा था। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव एवं कानूनी सलाहकार येदला उमाशंकर ने ‘अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खात्मे के लिए कदम’ पर संयुक्त राष्ट्र सभा की छठी समिति में कहा, ‘‘हमारा मानना है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने और आतंकवाद से निपटने के लिए एक प्रभावी मंच बना हुआ है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि देश ‘बदला लेने के इरादे से निर्दोष आम नागरिकों को अपारदर्शी कार्य पद्धतियों एवं प्रक्रियाओं को लागू करके बिना किसी विश्वसनीय सबूत के आतंकवादियों के रूप में सूचीबद्ध कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का दुरुपयोग नहीं करें।’’ उमाशंकर ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘भारत सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद का पीड़ित रहा है। हमने अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और आतंकवाद के कठोर संबंध को झेला है।’’

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उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के सभी प्रारूपों की निंदा करता है और सरकारों द्वारा प्रायोजित सीमा पार के आतंकवाद समेत किसी भी आतंकवादी गतिविधि को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता। उमाशंकर ने कहा, ‘‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में केवल आतंकवादियों को खत्म करने और आतंकवादी संगठनों/नेटवर्कों को बाधित करने की ही कोशिश नहीं की जानी चाहिए, बल्कि आतंकवाद को बढ़ावा, समर्थन एवं वित्तीय मदद देने वाले आतंकवादियों एवं आतंकवादी समूहों को पनाह देने वाले देशों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित करने, सदस्य देशों के बीच वार्ता बढ़ाने और समझ विकसित करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय तंत्र की आवश्यकता है।’’ उमाशंकर ने ‘अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर समग्र संधि’ (सीसीआईटी) के मसौदे को शीघ्र अंतिम रूप दिए जाने की महत्ता एवं जरूरत को भी रेखांकित किया।





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भारत-चीन विवाद: संरा प्रमुख ने जताई उम्मीद, बोले- बातचीत के जरिए कम होगा तनाव

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   11:22
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भारत-चीन विवाद: संरा प्रमुख ने जताई उम्मीद, बोले- बातचीत के जरिए कम होगा तनाव

भारत और चीनी सैनिकों के बीच 20 जनवरी को उत्तरी सिक्किम के ऊंचाई वाले नाकू ला इलाके में झड़प हुई हो गई थी। भारतीय सेना ने इसे ‘‘मामूली तनातनी’’ बताया था।

संयुक्त राष्ट्र। भारत और चीन के सैनिकों के बीच सिक्किम की सीमा पर हाल ही में हुई झड़प के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने उम्मीद जतायी है कि दोनों देशों में उत्पन्न तनाव को बातचीत के जरिये कम किया जाएगा। एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। गौरतलब है कि भारत और चीनी सैनिकों के बीच 20 जनवरी को उत्तरी सिक्किम के ऊंचाई वाले नाकू ला इलाके में झड़प हुई हो गई थी। भारतीय सेना ने इसे ‘‘मामूली तनातनी’’ बताया था। 

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भारतीय सेना ने एक बयान में कहा था कि इसे निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत स्थानीय कमांडरों द्वारा सुलझा लिया गया। संयक्त राष्ट्र प्रमुख के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने सोमवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हम उम्मीद करते हैं कि सीमा पर जारी तनाव बातचीत के जरिए कम हो जाए।’’ दुजारिक से पूछा गया था कि क्या ‘‘भारत-चीन सीमा पर हुई हालिया झड़प’’ पर संयुक्त राष्ट्र सचिव या महासचिव कोई टिप्पणी करना चाहते हैं।





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बाइडेन ने जर्मनी की चांसलर मर्केल से की बात, अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने की जताई इच्छा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   10:43
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बाइडेन ने जर्मनी की चांसलर मर्केल से की बात, अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने की जताई इच्छा

बयान में कहा गया है कि देशों के बीच रिश्तों को गहरा करने की इच्छा जताते हुए बाइडेन ने सामूहिक सुरक्षा और साझे लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने का अपना इरादा व्यक्त किया।

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जर्मनी की चांसलर से सोमवार को फोन पर बात की और अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने की अपनी इच्छा जाहिर की। व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में बताया गया है कि दोनों नेता विदेश नीति की समान प्राथमिकताओं पर साथ मिलकर काम करने को सहमत हुए हैं जिसमें अफगानिस्तान, चीन, ईरान, रूस, यूक्रेन और पश्चिमी बलकान से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। बयान के मुताबिक, फोन पर बातचीत के दौरान दोनों नेता वैश्विक सहयोग की अहमियत पर सहमत हुए जिसमें बहुपक्षीय संगठनों के लिए अमेरिका द्वारा फिर से जताई गई प्रतिबद्धता, जलवायु परिवर्तन से निपटना, कोविड-19 को नियंत्रित करना, स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ाना और स्थायी वैश्विक आर्थिक सुधार का लक्ष्य शामिल है। 

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बयान में कहा गया है कि देशों के बीच रिश्तों को गहरा करने की इच्छा जताते हुए बाइडेन ने सामूहिक सुरक्षा और साझे लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने का अपना इरादा व्यक्त किया। बीस जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद यह पांचवीं बार है जब बाइडेन ने किसी विदेशी नेता को फोन किया हो। इससे पहले, उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडू, मेक्सिको के राष्ट्रपतिएंद्रेस मैनुएल लोपेज़ ओब्रादोर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैंक्रों से फोन पर बात की थी।





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अमेरिका की पहली महिला वित्त मंत्री होंगी जेनेटे येलन, फेडरल रिजर्व की रह चुकी हैं पूर्व अध्यक्ष

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   09:48
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अमेरिका की पहली महिला वित्त मंत्री होंगी जेनेटे येलन, फेडरल रिजर्व की रह चुकी हैं पूर्व अध्यक्ष

सीनेट की 100 सीटों में से डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टियों के पास 50-50 सीटें हैं। उप राष्ट्रपति कमला हैरिस संसद के इस उच्च सदन की अध्यक्ष हैं और उनका वोट यहां डेमोक्रेट्स को बढ़त प्रदान करता है।

अमेरिकी सीनेट ने विख्यात अर्थशास्त्री जेनेट येलेन के अमेरिका की पहली महिला वित्त मंत्री बनने का रास्ता साफ कर दिया। सीनेट में सोमवार को पुष्टि की सुनवाई के दौरान येलेन के समर्थन में 84 तथा विरोध में 15 वोट पड़े। सीनेट की 100 सीटों में से डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टियों के पास 50-50 सीटें हैं। उप राष्ट्रपति कमला हैरिस संसद के इस उच्च सदन की अध्यक्ष हैं और उनका वोट यहां डेमोक्रेट्स को बढ़त प्रदान करता है। 

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येलेन फेडरल रिजर्व की पूर्व अध्यक्ष रही हैं। उनके जल्द ही शपथ लेने की संभावना है। वह राष्ट्रपति जो बाइडेन के कैबिनेट की ऐसी तीसरी मंत्री हैं, जिनके नाम की पुष्टि सीनेट अब तक कर चुका है। अमेरिका के विदेश मंत्री पद के लिए नामित टॉनी ब्लिंकेन के नाम पर भी सीनेट की मोहर जल्द ही लगने की संभावना है।





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