West Asia Conflict: अमेरिका ने 140 सैन्य ठिकाने किए तबाह, तो ईरान ने US जहाजों को बनाया निशाना

West Asia Conflict
प्रतिरूप फोटो
CANVA PRO
एकता । Jul 12 2026 11:54AM

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुँच गया है, जहाँ अमेरिकी सेना ने ईरान के 140 ठिकानों को नष्ट कर दिया है, वहीं ईरान ने जवाबी कार्रवाई में ओमान, कतर और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया है।

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब लगातार गंभीर होता जा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की सेना आईआरजीसी ने जब व्यापारिक जहाजों और कंटेनरों पर हमला किया, तो जवाब में अमेरिका ने भी जोरदार हमला बोल दिया। अमेरिका ने ईरान पर तीसरे दौर की बड़ी सैन्य कार्रवाई की है।

दूसरी ओर, ईरान ने भी घुटने टेकने से इनकार कर दिया है और वह लगातार अमेरिकी हमलों का जवाब दे रहा है। ईरान ने ओमान, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे खाड़ी देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है।

ओमान के दुकम बंदरगाह पर ईरान के बड़े हमले

इलाके में बढ़ते तनाव के बीच, ईरान ने ओमान के दुकम बंदरगाह पर कई हमले किए हैं। ईरान की सेना आईआरजीसी का कहना है कि उसकी वायु सेना ने दुकम बंदरगाह पर मौजूद अमेरिकी विमानवाहक जहाजों की मदद करने वाले और ईंधन भरने वाले प्लेटफॉर्म पर भारी बमबारी की है। ईरान के मुताबिक, यह हमला अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में उठाए गए तीसरे कदम का हिस्सा है।

इसे भी पढ़ें: जनाजे के बाद बेकाबू हुआ ईरान, कुवैत-UAE-बहरीन चुन-चुनकर US बेस को दहलाया

ईरान की सेना का बयान

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने बयान दिया, "इस सैन्य अभियान में अमेरिकी नौसेना के जहाजों को रसद पहुंचाने वाले केंद्रों को निशाना बनाया गया है। हम चेतावनी देते हैं कि इलाके में बढ़ती अस्थिरता और अशांति के लिए पूरी तरह से 'अमेरिकी-जायोनी दुश्मन' जिम्मेदार है। अगर ये हमले नहीं रुके, तो हम आगे इससे भी ज्यादा कड़ी और खतरनाक कार्रवाई करेंगे।"

खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल अटैक

दक्षिणी ईरान पर अमेरिका की ओर से लगातार की जा रही बमबारी के जवाब में ईरानी सेना ने कई देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं।

ईरान ने कुवैत में अमेरिका की पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, एक गोला-बारूद डिपो और एक मिलिट्री रडार साइट पर ड्रोन से हमले किए। इसके अलावा, बहरीन में मौजूद अमेरिकी सेना के संचार केंद्र और रडार साइट को भी ड्रोन हमलों की दूसरी लहर में निशाना बनाया गया।

ईरान के तटीय ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य में एक और अमेरिकी जहाज पर हमला करके उसे बेकार कर दिया गया। वहीं, कतर में स्थित अमेरिका के 'अल उदैद एयरफोर्स बेस' पर ईरान ने दूसरे दौर की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस हमले में कतर बेस के लड़ाकू विमान रखरखाव केंद्र और कमांड हेडक्वार्टर को निशाना बनाया गया। कतर के रक्षा मंत्रालय ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उसके देश में कई बैलिस्टिक मिसाइलें आकर गिरी हैं, जिससे जुड़ा एयर डिफेंस का एक वीडियो भी सामने आया है।

इसे भी पढ़ें: आ रहे मोजतबा! युद्ध के बाद पहली बार दिखेगा चेहरा? प्रार्थना सभा को लेकर क्या नई जानकारी आई

अमेरिका ने ईरान के 140 ठिकानों को तबाह किया

दूसरी तरफ, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपने तीसरे दौर के हमलों को पूरा कर लिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 11 जुलाई को इस कार्रवाई की जानकारी दी। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है।

अमेरिकी सेना ने जमीन और समुद्र से उड़ान भरने वाले लड़ाकू विमानों, ड्रोनों और नौसैनिक जहाजों की मदद से सटीक निशाना लगाते हुए ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इन हमलों में ईरान के मिसाइल और ड्रोन केंद्र, नौसैनिक क्षमताएं, हथियार डिपो, संचार नेटवर्क और तटीय निगरानी चौकियों को निशाना बनाया गया।

व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए अमेरिकी मुस्तैदी

कमांडर इन चीफ के आदेश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस हफ्ते तीन रातों तक चले हमलों के दौरान ईरान के 300 से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी की है। इस कार्रवाई का मकसद ईरान की उस ताकत को कमजोर करना है, जिससे वह आम नागरिकों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाता है, ताकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते से जहाज बिना किसी डर के आ-जा सकें। अमेरिकी सेना के मुताबिक, मई की शुरुआत से अब तक उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से 800 से ज्यादा व्यापारिक जहाजों और 4 करोड़ बैरल कच्चे तेल को सुरक्षित निकालने में मदद की है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़