भारत से लौट रहे जहाज पर US का हमला, 87 की मौत, अब होगा बड़ा एक्शन

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अभिनय आकाश । Mar 5 2026 11:09AM

यूएस ने यहां जिस जहाज का जिक्र किया है, उसका नाम आईआरआईएस देना है। इसे श्रीलंका के पास इंडियन ओशियन में डूबाया गया। यह ईरानी जहाज भारत से लौट रहा था। आईआरआईएस देना मिलन इंटरनेशनल फ्रीट रिव्यू 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत आया था।

सोशल मीडिया पर दुनिया को यह वीडियो दिखाते हुए यूएस ने कहा कि हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने एक ईरानी जहाज को डुबो दिया जो अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा था। उसे एक टॉर्पिडो ने डुबो दिया। दूसरे विश्व युद्ध के बाद किसी दुश्मन जहाज को टॉरपिडो से डूबाने की यह पहली घटना है। यूएस ने यहां जिस जहाज का जिक्र किया है, उसका नाम आईआरआईएस देना है। इसे श्रीलंका के पास इंडियन ओशियन में डूबाया गया। यह ईरानी जहाज भारत से लौट रहा था। आईआरआईएस देना मिलन इंटरनेशनल फ्रीट रिव्यू 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत आया था।

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17 फरवरी को विशाखापटनम पोर्ट पर स्वागत करते हुए इंडियन नेवी के ईस्टर्न नेवल कमांड ने एक्स पर इसकी तस्वीरें भी शेयर की थी। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद जहाज इंडियन ओसियन से वापस ईरान की तरफ लौट रहा था। तभी 4 मार्च को यूएस ने हमला कर जहाज को डूबा दिया। इसमें तकरीबन 87 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इस जहाज पर ईरानी नौसेना से जुड़े करीब 180 लोग सवार थे। 4 मार्च को जहाज में सवार लोगों ने डिस्ट्रेस कॉल भी की थी। जहाजों में डिस्ट्रेस कॉल मुसीबत के वक्त की जाती है। कॉल मिलने पर श्रीलंका की नेवी उनकी मदद के लिए पहुंची थी और करीब 32 लोगों को वहां से बचाया था। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक 87 लोगों की मौत हो चुकी थी और अभी भी कई सारे लोग लापता हैं। उनके लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जहाज के डूबने की खबर पहले श्रीलंका ने दी थी। इसके कुछ ही देर बाद अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने हमले की जानकारी दी। 

यूएस ने अपने दावे को मजबूती देने के लिए सबूत के तौर पर एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें एक जहाज पर अटैक होता हुआ नजर आ रहा है। जहाज पर हमले के अमेरिकी दावे से पहले श्रीलंका नेवी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। श्रीलंकाई मीडिया के मुताबिक श्रीलंका नेवी के प्रवक्ता कमांडर बुद्धिका संपत ने बताया कि ऑपरेशन का मेन फोकस जाने बचाना था। उन्होंने कहा कि सबसे पहले और सबसे जरूरी हमारी प्रायोरिटी उन लोगों को बचाना है जो मुश्किल में जहाज पर सवार थे। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हम जांच कर पाएंगे कि यह घटना कैसे हुई। हम तभी इस पर एक टेक्निकल रिपोर्ट जारी कर पाएंगे। उन्होंने आगे बताया कि जहाज पर सवार लोगों की सही संख्या फिलहाल कंफर्म नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा हमें मिली जानकारी के मुताबिक जब हमारी टीमें मौके पर पहुंची तो हमने एक बड़ा तेल का धब्बा देखा जिससे पता चला कि जहाज डूब गया था। 

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अब तक 32 ईरानी नागरिकों को बचाया गया है और उन्हें करापीतिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। उनसे जानकारी मिलने के बाद ही हम आगे की जानकारी दे पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि समुद्र के इलाके में कई सारी लाशें तैरती हुई मिली हैं और शक है कि वह जहाज क्रू के सदस्य हैं। उन्होंने आगे कहा कि पानी पर तैरते हुए लोगों को बचाया गया है। बाद में जब उनसे पूछताछ की तब पता चला कि वह लोग ईरानी जहाज में सवार लोग थे। उन्होंने यह भी कहा कि जहाज के डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक माना जाता है कि जहाज पर कम से कम 180 लोग थे। हालांकि लापता लोगों की सटीक जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है। इस घटना पर वीडियो को रिकॉर्ड किए जाने तक भारत या फिर ईरान की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 

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