भारत समेत 6 देशों के तेल रिफाइनरी में कौन लगा रहा है आग...साजिश किसकी?

खास बात यह है कि हाल के महीनों में दुनिया के अलग-अलग देशों में रिफाइनरियों में आग, विस्फोट और तकनीकी खराबी की घटनाएं लगातार सामने आई हैं। जिसके चलते इस मामले ने और अधिक सुर्खियां बटोरी हैं।
राजस्थान के पचपद्रा रिफाइनरी को लेकर बड़ा विवाद और चर्चा का माहौल बन गया है। यह वही परियोजना है जिसका उद्घाटन पीएम मोदी करने वाले थे। लेकिन उससे करीब 20 घंटे पहले यहां अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना ने ना सिर्फ प्रशासन को सतर्क कर दिया बल्कि पूरे प्रोजेक्ट की सुरक्षा और समय पर संचालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 13 वर्षों से चल रही यह परियोजना लगभग ₹3 करोड़ की लागत से तैयार की गई थी और इसे क्षेत्र के बड़े तकनीकी विकास के रूप में [संगीत] देखा जा रहा था। आग लगने की घटना के बाद से ही सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं और दावे सामने आ रहे हैं। कुछ लोग इसे एक सामान्य तकनीकी दुर्घटना बता रहे हैं। जबकि कुछ इसे बड़े पैटर्न से जोड़कर देख रहे हैं। खास बात यह है कि हाल के महीनों में दुनिया के अलग-अलग देशों में रिफाइनरियों में आग, विस्फोट और तकनीकी खराबी की घटनाएं लगातार सामने आई हैं। जिसके चलते इस मामले ने और अधिक सुर्खियां बटोरी हैं।
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सूत्रों और कुछ रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ महीनों से भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, रूस, पाकिस्तान और इक्वेटर जैसी जगहों पर रिफाइनरी से जुड़ी घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें कहीं आग लगने की खबर है, कहीं विस्फोट हुआ है तो कहीं गैस या केमिकल लीक की घटनाएं सामने आई हैं। इसी क्रम में भारत में मुंबई हाई ऑयल फील्ड और अब राजस्थान की पचपद्रा रिफाइनरी का नाम भी सामने आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच इन घटनाओं की संख्या बढ़ी है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाएं अलग-अलग देशों में हो रही हैं। लेकिन इनकी टाइमिंग और पैटर्न को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी घटनाओं के पीछे कोई बड़ा वैश्विक बदलाव या दबाव का संकेत हो सकता है। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई और इन्हें सिर्फ चर्चाओं और विश्लेषण के रूप में देखा जा रहा है।
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पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका की कुछ रिफाइनरियों में भी हाल ही में आग या तकनीकी गड़बड़ी की घटनाएं सामने आई थी। इसके अलावा रूस और अन्य देशों में भी इसी तरह की घटनाओं का जिक्र किया जा रहा है। इन घटनाओं को जोड़कर कुछ लोग इसे एक बड़े एनर्जी क्राइसिस पैटर्न के रूप में देख रहे हैं। जबकि विशेषज्ञों का एक बड़ा वर्ग इसे संयोग और पुरानी संरचनाओं की वजह से होने वाली तकनीकी समस्याएं बता रही है। भारत की बात करें तो पचपद्रा रिफाइनरी को राज्य की सबसे बड़ी तकनीकी परियोजनाओं में से एक माना जाता है। ऐसे में यहां हुई आग की घटना ने ना सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं बल्कि समय पर प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीदों को भी झटका दिया है। प्रशासन ने फिलहाल जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग के पीछे का असली कारण जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
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