• ब्रिटेन की संसद में PM मोदी की तस्वीर को लेकर बोरिस जॉनसन और लेबर पार्टी के नेता में क्यों छिड़ी बहस?

अभिनय आकाश Jul 16, 2021 21:56

लेबर पार्टी ने अपनी प्रचार सामग्री में मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की हाथ मिलाती तस्वीर इस्तेमाल की। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हाथ मिलाते दिखाया गया है और उस पर संदेश लिखा है, ‘टॉरी सांसद (कंजर्वेटिव पार्टी के सांसदों के लिए इस्तेमाल होने वाली शब्दावली) जोखिम नहीं लें, वे आपके पक्ष में नहीं है’।

ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने लेबर पार्टी के सांसदों को ब्रिटिश संसद में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एंटी मुस्लिम के रूप में दिखाने के लिए फटकार लगाई है। इसके साथ ही जॉनसन ने ऐसे पोस्टर्स को हटाने को भी कहा है। दरअसल, 12 जुलाई को यूरो कप फाइनल का मैच इंग्लैंड और इटली के बीच में खेला गया था। जिसमें इंग्लैंड की टीम को पैनल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा था। गोल नहीं कर पाने वाले तीन खिलाड़ियों को इस दौरान नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। ब्रिटिश संसद में इसी मुद्दे को लेकर तीखी बहस चली। विपक्षी लेबर पार्टी ने इस बात को लेकर रूलिंग पार्टी पर निशाना साधा तो बोरिस जॉनसन ने लेबर पार्टी के नेता कीर स्टारमर को आड़े हाथों लिया। जॉनसन ने उन्हें आइना दिखाते हुए कुछ ऐसे पोस्टर्स दिखाए जो लेबर पार्टी के द्वारा जारी किए गए थे और एंटी मोदी थे। हालांकि लेबर पार्टी के कुछ सांसदों ने इन पोस्टरों की निंदा भी की थी।  

क्या है पोस्टर से जुड़ा मामला?

जुलाई के महीने में इंग्लैंड के वेस्टशायर में उपचुनाव होने थे। लेबर पार्टी ने अपनी प्रचार सामग्री में मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की हाथ मिलाती तस्वीर इस्तेमाल की है। यह तस्वीर 2019 के जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान की है। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हाथ मिलाते दिखाया गया है और उस पर संदेश लिखा है, ‘टॉरी सांसद (कंजर्वेटिव पार्टी के सांसदों के लिए इस्तेमाल होने वाली शब्दावली) जोखिम नहीं लें, वे आपके पक्ष में नहीं है’। ब्रिटेन में रहने वाले भारतीयों ने एकजुटता दिखाते हुए इसका विरोध भी किया। 

बोरिस जॉनसन ने साधा निशाना 

बोरिस जॉनसन ने इसे नस्लभेदी बताते हुए विपक्षी पार्टी से कहा है कि वो इस चुनाव सामग्री को वापस ले। ब्रिटिश प्रधानमंत्री जॉनसन ने कहा है  ''क्या मैं ये इनसे इस चुनावी पोस्टर को वापस लेने के लिए कह सकता हूं जो उन्होंने उपचुनाव के दौरान प्रचारित की और जिसे नस्लवादी मानते हुए खुद उनके ही सांसदों ने विरोध किया था।