Israel High Alert पर, लेकिन Trump ने Iran हमलों को अचानक क्यों रोका? जानिए US Army की वो चेतावनी

Donald Trump
X
एकता । Jul 26 2026 3:37PM

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई रोकने का रणनीतिक फैसला लिया है जिसका मुख्य कारण अमेरिकी रक्षा भंडार में मिसाइलों की संभावित कमी को माना जा रहा है। सैन्य नेतृत्व की चेतावनियों के बीच अमेरिका अब सैन्य टकराव के बजाय कूटनीतिक समाधान और समझौते की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ईरान न्यूज़ और अमेरिकी विदेश नीति जैसे विषयों पर यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सेना को निर्देश दिया है कि वह फिलहाल ईरान पर कोई नया हमला न करे। द न्यूयॉर्क टाइम्स और एक्सियोस की रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को अपने टॉप एडवाइजर्स और कैबिनेट मंत्रियों के साथ हुई मीटिंग के बाद ट्रंप ने यह अहम फैसला लिया। लगातार 13 दिनों तक ईरान पर सैन्य कार्रवाई कराने के बाद ट्रंप ने अब इस पर ब्रेक लगा दिया है। उन्होंने साफ किया है कि वे किसी बड़े युद्ध के बजाय ईरान के साथ बातचीत करके एक समझदारी भरा समझौता करना चाहते हैं।

सैन्य अधिकारियों की चेतावनी

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी दी थी कि अगर यह सैन्य अभियान ऐसे ही जारी रहा, तो मिडिल-ईस्ट में तैनात अमेरिकी सेना के पास पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों और एयर डिफेंस हथियारों की भारी कमी हो सकती है। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने सलाह दी कि बड़े पैमाने पर युद्ध जारी रखने से रक्षा हथियारों का स्टॉक खत्म हो सकता है, जिससे वहां मौजूद अमेरिकी सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

इसे भी पढ़ें: Pakistan Army पर अंधा भरोसा न करे America, विशेषज्ञ ने 'Hybrid System' पर दी बड़ी चेतावनी

क्या यह फैसला हमेशा के लिए है?

एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी यह पूरी तरह साफ नहीं है कि हमलों पर रोक का यह फैसला हमेशा के लिए है या कुछ समय के लिए। हालांकि, अगर राष्ट्रपति ट्रंप दोबारा आदेश देते हैं, तो अमेरिकी सेना बहुत ही कम समय में हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सूत्रों का कहना है कि सेना ने आगे के ऑपरेशन्स की योजनाएं बनाकर रखी हैं, लेकिन फिलहाल ट्रंप ने उन्हें आगे बढ़ने की हरी झंडी नहीं दी है। इस पूरे मुद्दे पर व्हाइट हाउस ने कोई आधिकारिक बयान देने से मना कर दिया है।

ईरान के साथ बातचीत से समझौता करना ही समझदारी

शुक्रवार को रोजाना की तरह सेना ने राष्ट्रपति के सामने हमले का प्लान पेश किया था, लेकिन ट्रंप ने उसे मंजूरी नहीं दी। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके पास हमले तेज करने या ईरान की पूरी ताकत को तबाह करने का विकल्प मौजूद है, लेकिन बातचीत ही सबसे सही रास्ता है।

ट्रंप ने कहा, "हम इस समय ईरान के प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे हैं। मुझे लगता है कि वक्त बीतने के साथ वे भी बातचीत को लेकर सीरियस हो रहे हैं। हमारी सेना किसी भी एक्शन के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन फिलहाल हम बातचीत को मौका दे रहे हैं।"

इसे भी पढ़ें: Spain Fire Crisis: 70 हजार लोगों ने छोड़ा घर, Madrid में धुएं का गुबार, प्रशासन ने जारी किया Emergency Alert

इजरायल था हाई अलर्ट पर

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान इजरायल पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। इजरायली अधिकारियों को लग रहा था कि अमेरिका शुक्रवार को फिर बड़ा हमला कर सकता है। इजरायल को यह डर था कि अमेरिका के हमले के जवाब में ईरान उन पर पलटवार कर सकता है, इसलिए उन्होंने अपनी सुरक्षा तैयारियां पूरी कर ली थीं।

All the updates here:

अन्य न्यूज़