न्याय और कर्म के देवता शनि 141 दिन बाद चलेगें सीधी चाल

न्याय और कर्म के देवता शनि 141 दिन बाद चलेगें सीधी चाल

वर्तमान समय में धनु राशि, मकर राशि और कुंभ राशि पर चल रही है। शनि की साढ़ेसाती, वही मिथुन राशि और तुला राशि पर है। शनि की ढैया का है प्रभाव। शनि के मार्गी होने से कई राशियों को लाभ होगा। साथ ही देश-दुनिया पर भी शनि के मार्गी होने का विशेष प्रभाव पड़ेगा।

शनि देव लंबे समय के बाद सीधी चाल चलने जा रहे हैं यानि शनि देव सोमवार 11 अक्टूबर 2021 को सुबह 7:48 पर मार्गी हो गये हैं। अभी तक शनि वक्री थे। मकर राशि में शनि का गोचर हो रहा है। वर्ष 2021 में शनि का कोई राशि परिवर्तन नहीं है। ज्योतिष शास्त्र में शनि की चाल को अत्यंत धीमा बताया गया है। यही कारण है कि व्यक्ति के जीवन पर शनि का प्रभाव अधिक दिनों तक रहता है। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर-जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि शनिदेव 23 मई 2021 से मकर राशि में उल्टी चाल चल रहे थे। लेकिन अब वे सोमवार 11 अक्टूबर 2021 को सुबह 7:48 पर मार्गी होंगे। अर्थता सीधी चाल से चलेंगे। शनि मकर राशि में 29 अप्रैल 2022 तक मार्गी रहेंगे। उसके बाद वे कुंभ राशि में गोचर कर जाएंगे। शनि देव को कर्मफल दाता माना गया है यानि शनि देव व्यक्ति के कर्मों के अनुसार शुभ-अशुभ फल प्रदान करते हैं। शनि को न्यायाधीश बताया गया है। जन्म कुंडली में शनि जब अशुभ होते हैं तो व्यक्ति का जीवन मुसीबतों से भर देते हैं। व्यक्ति को धन हानि, रोग, तलाक, प्रेम संबंधों में बाधा आदि भी प्रदान करते हैं। इसलिए शनि देव को शांत रखना अत्यंत आवश्यक माना गया है। 

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि वर्तमान समय में धनु राशि, मकर राशि और कुंभ राशि पर चल रही है। शनि की साढ़ेसाती, वही मिथुन राशि और तुला राशि पर है। शनि की ढैया का है प्रभाव। शनि के मार्गी होने से कई राशियों को लाभ होगा। साथ ही देश-दुनिया पर भी शनि के मार्गी होने का विशेष प्रभाव पड़ेगा। शनि के चाल बदलने या फिर राशि परिवर्तन को ज्योतिष शास्त्र में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। शनि मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। यह करीब ढाई वर्ष में एक राशि से दूसरी राशि में अपना स्थान परिवर्तन करते हैं। शनि के राशि परिवर्तन से जातकों के जीवन में उथल-पुथल शुरू होती है। शनि 2020 से मकर राशि में है और 23 मई 2021 से इसी राशि में उल्टी चाल चल रहे हैं। 

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यह होगा असर

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि अब शनि की चाल बदलने वाली है। जो कि सोमवार 11 अक्टूबर 2021 को सुबह 7:48 पर शनि उल्टी चाल से मार्गी अवस्था में आ जाएंगे। इनके मार्गी होने से कृषि आंदोलन का संघर्ष समाप्त होते दिख रहा है। इसके साथ ही भवन निर्माण, कृषि कार्य, इंजीनियर, इलेक्ट्रॉनिक, क्रेशर, मार्बल, लकड़ी, गैस ठेकेदारी, बिल्डिंग मटेरियल से जुड़े कर्म क्षेत्रों से जुड़े लोगों को शुभ लाभ होने वाला रहेगा। इसके साथ ही जिन जातकों को नई नौकरी की तलाश थी। उनको नई नौकरी की मिलने की संभावनाएं बनेंगी। साथ ही धर्म क्षेत्र का अस्तित्व पूरे विश्व में बढ़ेगा। पेट से, हृदय से तथा कैंसर से जूझ रहे जातकों को राहत मिलनी शुरू हो जाएगी। उग्रवादी स्थितियों पर भी लगाम लगेगा।

141 दिनों बाद होंगे शनि मार्गी 

कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि शनि देव 23 मई 2021 को वक्री हुए थे। शनि अब सोमवार 11 अक्टूबर 2021 को सुबह 07 बजकर 48 मिनट पर मार्गी होने जा रहे हैं। शनि देव 141 दिन बाद शनि मार्गी हो रहे हैं। मार्गी अवस्था में आते ही शनि प्रभावशाली हो जाएंगे। वक्री अवस्था में शनि कमजोर माने गए हैं।

शनि दोष से मिलने वाले कष्ट होंगे दूर

भविष्यवक्ता अनीष व्यास ने बताया कि शनि 23 मई 2021 से मकर राशि में वक्री यानी उल्टी चाल चल रहे हैं। मार्गी होने के कारण शनि का कई राशियों पर प्रभाव पड़ेगा। जिसके कारण कई राशि वालों की परेशानियां बढ़ सकती है। इस महीने शनि 11 अक्टूबर 2021, दिन सोमवार को सुबह 08 बजे मार्गी हो जाएंगे। शनि के राशि परिवर्तन या चाल परिवर्तन को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। शनि सबसे मंद गति वाले ग्रह हैं। ये राशि से दूसरी राशि में गोचर करने में करीब ढाई साल का वक्त लगाते हैं।

इन राशि वालों को होगा लाभ

कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि मार्गी शनि से धनु राशि वालों को शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। शनि की साढ़े साती से पीड़ित इन राशि वालों के अच्छे दिन शुरू हो सकते हैं। इसके अलावा मकर और कुंभ राशि वालों को भी राहत मिलेगी। शनि ढैय्या से पीड़ित मिथुन और तुला राशि वालों की भी परेशानियां कम होंगी। मेष और कन्या राशि वालों के लिए भी समय अनुकूल रहेगा।

इन राशि वालों को रहना होगा सावधान

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि शनि के राशि परिवर्तन के साथ ही मीन राशि वालों पर शनि की साढ़े साती शुरू होगी। कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर शनि ढैय्या शुरू हो जाएगी। इस दौरान वृषभ और सिंह राशि वालों को भी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।

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शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए उपाय

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि शिव उपासना और हनुमत उपासना करें। मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा करें। हनुमान चालीसा एवं शनि चालीसा का पाठ करें। शनिवार के दिन शनि मंदिर में छाया दान अवश्य करें। गरीब, वृद्ध, असहाय लोगों को भोजन कराएं। पशु पक्षियों के लिए दाने,  हरे चारे, पानी की व्यवस्था करें। तेल का दान भी करना चाहिए। तेल दान करने से आपको अपने कष्टों से छुटकारा मिलता है। शनिवार को लोहे से बनी चीजों को दान करना चाहिए। इस दिन लोहे का सामान दान करने से शनि देव शांत होते हैं। लोहा दान देने से शनि की दृष्टि निर्मल होती है। रुद्राक्ष की माला लेकर एक सौ आठ बार ॐ शं शनैश्चराय नमः का जप करें, शनिदेव की कृपा बनेगी और कष्ट दूर होंगे। काले कुत्ते को शनिवार के दिन सरसों के तेल से बनी रोटी खिलाएं। सूर्यास्त के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है।

इन गलतियों को करने से बचें 

कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि किसी असहाय को बेवजह परेशान नहीं करें। मांस, मदिरा का सेवन बिल्कुल नही करें। कमजोर व्यक्तियों का अपमान न करें। अनैतिक कार्यों से दूर रहें।

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास बता रहे है कि शनि के मार्गी होने पर आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए रोजगार के नए अवसर मिलेंगे साथ ही कार्य क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन से यश बढ़ेगा।

वृषभ राशि- अचानक जॉब और करियर में बाधा आ सकती है। बॉस से संबंध खराब हो सकते हैं। वाणी की मधुरता बनाए रखें। 

मिथुन राशि- कॅरियर में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे और भाग्य आपके साथ रहेगा।

कर्क राशि- तनाव बढ़ सकता है। लक्ष्य को पाने के लिए अधिक परिश्रम करना पड़ सकता है। शत्रुओं से सावधान रहें।

सिंह राशि- व्यापार में लाभ की स्थिति बन सकती है। सहयोगियों का सम्मान करें।. शनि से जुड़ी चीजों का दान करें।

कन्या राशि- सफलता प्राप्त करने के लिए परिश्रम अधिक करना पड़ सकता है। संबंधो पर असर पड़ सकता है। क्रोध स बचकर रहें।

तुला राशि- पारिवारिक रिश्तो में सुखद अनुभूति प्राप्त होगी।

वृश्चिक राशि- अचानक लाभ की स्थिति बन सकती है। धर्म-कर्म के कार्यों में रूचि बढ़ेगी। दूसरों का अपमान करने से बचें।

धनु राशि- परिवार में आपका मान और सम्मान बढ़ेगा।

मकर राशि- सेहत में सुधार के साथ कारोबार में लाभ होगा।

कुंभ राशि- अध्यात्म मै रुझान बढ़ेगा व्यापार में सफलता मिलेगी।

मीन राशि- जॉब बदलने की स्थिति बन सकती है।व्यापार में लाभ के लिए अधिक परिश्रम करना पड़ सकता है। विवाद और तनाव की स्थिति से बचें।

- अनीष व्यास

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक