Gupt Navratri में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, नोट करें Puja का शुभ मुहूर्त और सही विधि

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 का आरंभ 15 जुलाई से होगा, जिसके लिए घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06:01 से 10:17 बजे तक है। यह पर्व विशेष रूप से दस महाविद्याओं की साधना के लिए महत्वपूर्ण है और इसका समापन 23 जुलाई को होगा।
हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। नवरात्र में मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्तजन व्रत और पूजा-पाठ करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, साल में 4 बार नवरात्रि आती हैं, 2 गुप्त नवरात्रि और चैत्र व शारदीय नवरात्रि। गुप्त नवरात्रि खासतौर पर साधना, मंत्र जाप और दस महाविद्यालओं के लिए जानी जाती है, वहीं सामान्य नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रुपों की पूजा की जाती है, व्रत रखा जाता है और पूजा-अर्चना की जाती है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ और आषाढ़ माह में गुप्त नवरात्रि का त्योहार आता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुप्त नवरात्र व्रत और पूजा करने से साधक को जीवन में सभी प्रकार के भय से छुटकारा मिल जाता है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। आइए आपको इस आर्टिकल में बताते हैं कि कब से गुप्त नवरात्र की शुरुआत है और घटस्थापना का शुभ मुहूर्त।
आषाढ़ गुप्त नवरात्र 2026 डेट और टाइम
-प्रतिपदा तिथि की शुरुआत- 14 जुलाई को दोपहर 03 बजकर 12 मिनट पर
- प्रतिपदा तिथि का समापन- 15 जुलाई सुबह को 11 बजकर 50 मिनट पर
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार आषाढ़ गुप्त नवरात्र की शुरुआत 15 जुलाई से होगी। इसका समापन 23 जुलाई को होगा।
आषाढ़ गुप्त नवरात्र 2026 घटस्थापना शुभ मुहूर्त
आषाढ़ गुप्त नवरात्र की घटस्थापना शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर की जाती है। इस बार यह तिथि 15 जुलाई को है। घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 15 जुलाई को सुबह 06 बजकर 01 मिनट से 10 बजकर 17 मिनट तक।
-ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 11 मिनट से 04 बजकर 52 मिनट तक
-अभिजीत मुहूर्त- कोई नहीं
-विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 45 मिनट से 03 बजकर 40 मिनट तक
-गोधूलि मुहूर्त- शाम 07 बजकर 20 मिनट से 07 बजकर 40 मिनट तक
-अमृत काल- दोपहर 04 बजे 05 बजकर 27 मिनट तक
गुप्त नवरात्रि की पूजा सामग्री लिस्ट
-लाल कपड़ा
-कपूर
-अक्षत
-हल्दी
-सुपारी
-मौली
-फूल
-लौंग
-रोली
-फूल माला
-इलायची
-कलश
-गंगाजलजटा वाला नारियल
-आम या अशोक के पत्ते
-अनाज, साफ जवा
-मिट्टी का बर्तन
-किसी पवित्र स्थान की मिट्टी (मंदिर आदि)
-अखंड ज्योति के लिए बड़ा दीया, रुई की बाती
गुप्त नवरात्रि में इन बातों का विशेष ध्यान रखें
- गुप्त नवरात्र में कभी भी भूलकर लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा का सेवा नहीं करना चाहिए।
- व्रत के दौरान कुट्टू, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना का सेवन कर सकते हैं।
- गुप्त नवरात्र में बाल, दाढ़ी-मूंछ और नाखून नहीं काटने चाहिए।
- ब्रह्मचार्य के नियम का पालन करना चाहिए।
- यदि आप गुप्त नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाई हैं, तो उसे अकेला न छोड़ें।
- रोजाना पूजा के दौरान दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए। इससे मां दुर्गा प्रसन्न रहती हैं।
- गुप्त नवरात्र में काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए।
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