Shravan Month 2026 Rules: सावन व्रत में भगवान शिव के सामने जरूर बोलें ये एक मंत्र, पूरी होगी हर Wish

सावन के महीने में सोलह सोमवार व्रत का धार्मिक महत्व अत्यधिक है, जो साधक की आध्यात्मिक शुद्धि और मनोकामना पूर्ति का प्रभावी माध्यम बनता है। पहली बार व्रत करने वालों के लिए पूजा के अंत में विशिष्ट क्षमा मंत्र का जाप करना अनिवार्य है ताकि अनजाने में हुई त्रुटियों का आध्यात्मिक निराकरण हो सके।
सावन का महीना शुरु होने अब ज्यादा दिन नहीं बचें है। भगवान भोलेनाथ का सबसे प्रिय श्रावण मास है। शिव भक्त सावन महीने का बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस महीने में सावन के सोमवार का व्रत रखा जाता है और भगवान शंकर की विधिवत रुप से पूजा की जाती है।
सोलह सोमवार का व्रत रखने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सबसे आसान और बेहतरीन मार्ग है। इस व्रत की शुरु श्रावण मास के सोमवार से की जाती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार सावन की शुरुआत 30 जुलाई 2026 (गुरुवार) से हो रही है, जो 28 अगस्त 2026 शुक्रवार के दिन समाप्त होगा। वही सावन का पहला सोमवार व्रत 3 जुलाई 2026 को रखा जाएगा।
सावन के सोलह सोमवार व्रत का महत्व
इस व्रत को एक बार शुरू करने के बाद अगले आने वाले 16 सोमवार तक इस व्रत का पालन किया जाता है और 17वें सोमवार को व्रत का विधिपूर्वक उद्यापन किया जाता है। यदि आप पहली बार सावन सोमवार व्रत की शुरुआत करने जा रही हैं, तो आपको शिव जी की इस पूजा से जुड़ी नियमों का पालन करना चाहिए।
असल में 16 सोमवार का व्रत 16 हफ्तों में किया जाता है। जिसमें आप एक-एक करके अपने सभी पापों से मुक्त हो सकते हैं। लेकिन सावन महीने में भगवान शिव की पूजा के साथ प्रार्थना अवश्य करें। हर सोमवार व्रत के दौरान भगवान शिव की पूजा करने के बाद उनके समक्ष खड़े होकर इस श्लोक को दोहराए-
यत् कृतं तु मया देव पापं जन्मान्तरार्जित्म।
क्षन्तव्यं तत् महादेव प्रसीद परमेश्वरम।।
अर्थ- जो भी पाप मुझसे इस जन्म या पिछले जन्म में हुए हैं, उनके लिए मैं क्षमा मांगती हूं। मुझ पर अपनी कृपा बनाए रखें।
इसके अतिरिक्त, सावन का व्रत रखने वाली सभी महिलाएं जो पहली बार व्रत रखने जा रही हैं, वो भी इस बात का ध्यान रखें कि यह महीना भगवान भोलेनाथ की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इसलिए इस स्लोक को भगवान शिव के समक्ष सच्चे मन से बोलें, ताकि सोलह सोमवार व्रत के पूर्ण होने के बाद इच्छा आपकी पूर्ण हो जाए।
16 सोमवार का व्रत क्यों रखना जरूरी है?
अविवाहित महिलाएं अपने लिए योग्य जीवनसाथी की तलाश में हैं, उन्हें 16 सोमवार का व्रत जरुर करना चाहिए। इस व्रत के रखने से विवाहित जीवन में सामंजस्य स्थापित होने के साथ सभी तरह की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। वहीं, बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा से भी राहत मिलती है।
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