अपने पति को साधु बनने से बचाएं (व्यंग्य)

By दीपक गिरकर | Publish Date: May 28 2019 3:24PM
अपने पति को साधु बनने से बचाएं (व्यंग्य)
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महिलाओं से अपील है कि वे ऐसे संकट के समय में प्रशासन को सहयोग प्रदान करें जिससे की साधुओं की संख्या में बढ़ोतरी न हो। महिलाएँ कुछ तरीके अपना कर अपने अपने पति को संन्यास लेने से बचा सकती हैं।

जब से उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनी है तब से पूरे देश में भगवा संस्कृति फल फूल रही है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की माँग ज़ोर पकड़ रही है। देश में तीन तलाक़ पर चर्चा हो रही है। गौ रक्षकों को अचानक अपने कर्त्तव्यों का बोध हुआ है। प्रधानमंत्री मोदीजी देश विदेश में कहीं भी जाते हैं तो सबसे पहले वहाँ के मंदिर में दर्शन करते हैं। सरकार द्वारा नदियों को जीवित होने का प्रमाणपत्र दिया जाने लगा है। नदियों की सफाई होने लगी है और उनके संरक्षण की माँग उठ रही है। देश की जनता नदियों में डुबकी लगाकर अपने अपने पाप धोने को लालायित हो रही है। वाट्सऐप पर भी प्रतिदिन इतना अधिक ज्ञान मिल जाता है कि व्यक्ति अपने आप को महाज्ञानी / संत समझने लगता है। अभी पूरे देश का माहौल आध्यात्मिक हो गया है। साधुओं की संख्या में दिन प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है। जिस प्रकार हमारे देश में टायलेट की संख्या देश की जनसंख्या से अधिक हो गयी है (सरकारी क़ागज़ों के अनुसार) उसी प्रकार साधुओं की जनसंख्या मंदिरों की संख्या से कई गुना अधिक हो गयी हैं। हरिद्वार नगर निगम, बनारस नगर निगम एवं 51 शक्तिपीठ, 12 ज्योतिर्लिंग, 7 सप्तपुरी, 4 धाम इत्यादि के नगर प्रशासन साधुओं की संख्या में बढ़ोतरी से अत्यंत चिंतित हैं।

 
धार्मिक स्थलों के नगर प्रशासन देश की सभी शादीशुदा महिलाओं से अपील कर रहे हैं कि वे ऐसे संकट के समय में प्रशासन को सहयोग प्रदान करें जिससे की साधुओं की संख्या में बढ़ोतरी न हो। महिलाएँ निम्न तरीके अपनाकर अपने अपने पति को संन्यास लेने से बचा सकती हैं:-


1. अपने पति को भरपूर प्यार करें। उन्हें कष्ट न दें और उनसे झगड़ा न करें।
2. अपने पति पर व्यर्थ शंका न करें।
3. उन्हें उनका मनपसंद पेय पदार्थ समय पर देवें और भरपूर देवें।
4. उन्हें सुबह अपने हिसाब से उठने दें।
5. महिलाएँ अपनी माँगें कुछ समय के लिए स्थगित कर दें।


6. वे आपको बाहर होटल/ रेस्टोरेंट में खाना खिलाने ले जाने का बोले या टाकीज़ में मूवी साथ देखने का बोले तो ना-नुकर ना करें और शीघ्र जाने के लिए तैयार हो जायें।
7. अपने पति को टीवी पर ऐसे चैनल न देखने दें जिस पर किसी संत या किसी बाबा के प्रवचन आते हों।
8. एक बात का खास ध्यान रखें कि अपने पति की दाढ़ी न बढ़ने दें।
9. पति शाम को जब अपने कार्यस्थल से घर आए उसके पूर्व ही पत्नी बन ठनकर तैयार हो कर घर पर ही रहे और पति के घर आते ही उनका स्वागत मीठी मुस्कान से करे।


10. पति यदि शाम को देर से घर आए तो उन पर नाराज़ न हों, अपने पति की परवाह करें।
11. अपने पति पर पूरी निगाह रखें, सावधान रहें उनकी जासूसी करें लेकिन इसका पता उन्हें न चलने दें।
 
 
वैसे सरकार इस समस्या के निदान के लिए शीघ्र एक कमेटी बनाने जा रही है जो अपनी रिपोर्ट तीन वर्ष के अंदर प्रस्तुत करेगी। कमेटी उन कारणों का पता लगाएगी जिस कारण से साधुओं की संख्या बढ़ रही है। फिर पूरे देश में सर्वे करके इस बात का पता लगाएगी कि क्या मंदिरों / तीर्थस्थानों की संख्या में बढ़ोतरी की जा सकती है? और अंत में इस बात का पता लगाएगी कि क्या कुछ साधुओं को विदेशों में अध्यात्म के प्रचार हेतु भेजा जा सकता है ? और भेजा जा सकता है तो किन देशों में?
 
-दीपक गिरकर
 

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