अभिनन्दन का वंदन (कविता)

By प्रतिभा तिवारी | Publish Date: Mar 2 2019 6:27PM
अभिनन्दन का वंदन (कविता)
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कवयित्री प्रतिभा तिवारी ने विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई पर कविता लिखी है। कवयित्री ने ''अभिनन्दन का वंदन'' कविता में विंग कमांडर अभिनंदन के शौर्य का वर्णन किया है।

कवयित्री प्रतिभा तिवारी ने विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई पर कविता लिखी है। कवयित्री ने 'अभिनन्दन का वंदन' कविता में विंग कमांडर अभिनंदन के शौर्य का वर्णन किया है। 
 
वीरों की गाथाओं में
अभिनन्दन का वंदन होगा
जो नई दिशा के


नए सफर में "महके" 
वो चंदन होगा
गर्व और सम्मान से
सदियों तक अभिनन्दन होगा
हर पीढ़ी को प्रेरित करते
आप भविष्य और वर्तमान हो


हिम्मत,ताकत और जुनून
निडरता और निर्भयता के
जज्बे के वर्धमान हो
नहीं झुकेंगे, नहीं रुकेंगे
पाक ने जो अब हरकत की है


आपने उनकी ही धरती पर
उनकी ही क्या खिदमत  की है
कुछ घंटो  में ही समझ गए वो
हमने ये क्या गफलत की है
बोले ले जाओ ये शूरवीर
खुद पे ही हमने सामत ली है
आपने पाक की ज़मीन पर
कदम क्या रखा
बेहिस जनता टूट पड़ी
सरकार और सेना खिल गए
आपके दिलेरी हौसले
और अडिगता को देख
अवाम से सेना तक
पाक गली से मजलिस तक
सभी हिल गए
आपकी बेखौफ आंखों से
हिल गया कराची,
लाहौर से इस्लामाबाद तक
आप टूटो या पिघलो
पाक ने हर चाल चली
और बदले हर संवाद तक
वो सोचे थे कुछ शर्त रखेंगे
मांगेगे तहरीर
आपके शौर्य और संयम से
बदली ये तस्वीर
आपकी इस जाबांजी से
हर भारतीय खुद को
समझ रहा शूरवीर 
 
- प्रतिभा तिवारी

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