सलाम है सेना के पराक्रम को (कविता)

सलाम है सेना के पराक्रम को (कविता)

पुलवामा आतंकी हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की। इस अवसर पर कवयित्री प्रतिभा तिवारी ने एक कविता लिखी है जो हर भारतीय के मन के भावों को प्रकट करती है।

पुलवामा आतंकी हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की। इस अवसर पर कवयित्री प्रतिभा तिवारी ने एक कविता लिखी है जो हर भारतीय के मन के भावों को प्रकट करती है।

कर दिखाया 

हमने पाकिस्तान को 

हमारी सेना का डर दिखाया 

सलाम है सेना के पराक्रम को 

चुनौती दी है, ललकारा है

आतंकवाद के आक्रमण को 

वायु सेना ने ईंट का जवाब 

पत्थर से दिया है 

अब हिन्दुस्तान ने 

आतंकवाद के दुर्भाग्य का 

तय मुकद्दर किया है 

आज मिराज ने पाकिस्तान की 

धरती पर आग उगल दिया 

सम्मान से हिंदुस्तान की धरती 

और गौरव से आसमान छू लिया 

पहले मांगे सबूत, फिर गीदड़ भभकी

हार कर तूने मांगा था एक मौका 

ले तेरे आतंकवाद की बाल पर 

कुछ चौका और छक्का 

ये तो एक नमूना था 

ये तो हमारी सेना का 

हमारी भारत मां का एक नगीना था 

दुधनियाल, शरदी, लीपा, काहुट 

कोटली, लैंजोट, नीकियाल, जूरा 

केल, अठमुका, पछीबन चाम, कहुता,

मंधौर, खुरेटा "बालाकोट" 

ये तो बस शुरुआत है 

21 मिनट में तुझे दी ये सौगात है 

तो सोच पाकिस्तान 

हमारी क्या औकात है 

ये बदला नहीं हमारे शहीदों को 

सम्मान और श्रद्धांजलि है 

अभी नहीं बुझी है 

अभी भी धधक रही 

हमारे अंदर की जो आग है 

तेरे पालतू आतंकवादियों ने 

हमला किया कायरता से 

ले उन्हें मिटाने हम 

तेरे घर में घुसकर आए 

खुलेआम निर्भयता से 

हमारी सेनाओं को सत सत नमन 

और कोटि कोटि प्रणाम है 

पाकिस्तान तू क्या समझेगा बलिदान 

तू तो आतंकवाद का गुलाम है 

-प्रतिभा तिवारी