छठ पूजा (कविता)

छठ पूजा (कविता)

छठ पूजा की तैयारी दिवाली के बाद शुरू हो जाती है। यह चार दिन का व्रत होता है। इसे डाला छठ, सूर्य षष्ठी पूजा और छठ माई पूजा भी कहा जाता है। भारत के कुछ इलाकों में यह पर्व धूमधाम से मानया जाता है तो आइए हम आपको छठ पूजा की महिमा के बारे में बताते हैं।

छठ पूजा की तैयारी दिवाली के बाद शुरू हो जाती है। यह चार दिन का व्रत होता है। इसे डाला छठ, सूर्य षष्ठी पूजा और छठ माई पूजा भी कहा जाता है। भारत के कुछ इलाकों में यह पर्व धूमधाम से मानया जाता है तो आइए हम आपको छठ पूजा की महिमा के बारे में बताते हैं।

छठ पूजन का व्रत कर 

सूर्य को अर्घ लगाऊं

माथे पर लगा तिलक

मैं सफल जीवन कर जाऊं

सांझ ढ़ले नितधर्म निभा

पूजन कर व्रत खोल जाऊं।।

छठ पूजा की सुन कथा

मंगल गीत भी गाऊं।।

परिवार की खुशियों के लिये

झोलियां नित मैं फैलाऊं

हे छठ देव पूजा सामग्री चढ़ा

मैं वर की सलामति चाहूं।।

वीना आडवानी तन्वी

नागपुर, महाराष्ट्र