Kerala में 'त्रिध्रुवीय' राजनीति का अंत: Rajiv Chandrasekhar का दावा- 2026 चुनाव के बाद राज्य में बचेंगे केवल दो मोर्चे

चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और माकपा के बीच कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा, “उनकी राजनीति, विचारधारा और कार्य रिकॉर्ड एक जैसा है। केरल अब द्विध्रुवीय राजनीति की ओर बढ़ रहा है और एक ध्रुव भारतीय जनता पार्टी नीत राजग होगा।”
केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और नेमम निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर ने राज्य की भविष्य की राजनीति को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी की है। शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि यह चुनाव केरल के इतिहास में "तीन राजनीतिक मोर्चों" के बीच आखिरी मुकाबला साबित होने वाला है।
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नेमम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे चंद्रशेखर ने यहां पत्रकारों से कहा कि चुनाव के बाद राज्य में केवल दो राजनीतिक मोर्चे रह जाएंगे। उन्होंने कहा, “एक ओर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) होगा और दूसरी ओर कांग्रेस-मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का गठबंधन, जो 27 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों में मौजूद है। यह व्यवस्था यहां भी बनेगी।”
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चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और माकपा के बीच कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा, “उनकी राजनीति, विचारधारा और कार्य रिकॉर्ड एक जैसा है। केरल अब द्विध्रुवीय राजनीति की ओर बढ़ रहा है और एक ध्रुव भारतीय जनता पार्टी नीत राजग होगा।” राज्य के चुनावी परिणाम को लेकर उन्होंने कहा, “ हमने सभी 140 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं का विश्वास जीतने के लिए काम किया है। अब निर्णय जनता को करना है और उसका नतीजा चार मई को सामने आएगा।” उन्होंने कहा कि उच्च मतदान दर लोगों की बढ़ती जागरुकता और अपने भविष्य को लेकर उनकी सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है।
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