दूसरे राज्यों का 3900 टन से अधिक पीडीएस का गेहूं महाराष्ट्र के अलीबाग में जब्त

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 23, 2021   17:41
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दूसरे राज्यों का 3900 टन से अधिक पीडीएस का गेहूं महाराष्ट्र के अलीबाग में जब्त

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग में 3,934 टन गेहूं बरामद किया गया है जिसकी कीमत नौ लाख 79 हजार हजार रुपये आंकी गयी है। यह गेहूं दूसरे राज्यों के जन वितरण प्रणाली के लिये था जिसे यहां खुले बाजार में बेचने के लिये जमाखोरी करके रखा गया था।

अलीबाग। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग में 3,934 टन गेहूं बरामद किया गया है जिसकी कीमत नौ लाख 79 हजार हजार रुपये आंकी गयी है। यह गेहूं दूसरे राज्यों के जन वितरण प्रणाली के लिये था जिसे यहां खुले बाजार में बेचने के लिये जमाखोरी करके रखा गया था। एक अधिकारी ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि गेहूं की बरामदगी एक छापेमारी के दौरान की गयी जिन्हें66539 बोरों में रखी गया था। उन्होंने बताया कि यह छापेमारी खालापुर पुलिस ने तम्बाती गांव में की।





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नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


कर्नाटक में कोरोना वायरस संक्रमण के 622 नये मामले, तीन और लोगों की मौत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 8, 2021   08:26
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कर्नाटक में कोरोना वायरस संक्रमण के 622 नये मामले, तीन और लोगों की मौत

बुलेटिन के अनुसार कलबुर्गी में 34, उडुपी में 30, तुमकुरु में 25, बीदर में 24, दक्षिण कन्नड़ और धारवाड़ में 16-16, बेलगावी में 13, बेंगलुरु ग्रामीण में 12 और मैसुरु में 11 नये मामले सामने आए हैं।

बेंगलुरु। कर्नाटक में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 622 नये मामले सामने आने के बाद कुल मामलों की संख्या बढ़ कर 9.55 लाख पहुंच गई, जबकि इस महामारी से तीन और लोगों की मौत हो जाने पर मृतकों की कुल संख्या बढ़ कर 12,362 पर पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग के बुलेटिन के अनुसार राज्य में अब तक इस रोग से 9,35,772 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। 

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विभाग ने बताया कि राज्य में अभी कोविड-19 के 6,862 मरीजों का इलाज चल रहा है। बुलेटिन के अनुसार कलबुर्गी में 34, उडुपी में 30, तुमकुरु में 25, बीदर में 24, दक्षिण कन्नड़ और धारवाड़ में 16-16, बेलगावी में 13, बेंगलुरु ग्रामीण में 12 और मैसुरु में 11 नये मामले सामने आए हैं।





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मोदी और शाह सबसे बड़े लुटेरे, परिवर्तन दिल्ली में होगा, बंगाल में नहीं: ममता

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 8, 2021   08:24
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मोदी और शाह सबसे बड़े लुटेरे, परिवर्तन दिल्ली में होगा, बंगाल में नहीं: ममता

लपीजी मूल्य में बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन मार्च के बाद यहां एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि मोदी-शाह के शासनकाल में ‘‘एक सिंडिकेट फल-फूल रहा है’’ और उनकी देखरेख में धन का हेरफेर हो रहा है।

सिलीगुड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नए सिरे से मोर्चा खोलते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह ‘‘सबसे बड़े लुटेरे’’ हैं और जानना चाहा कि किस तरह सार्वजनिक उपक्रम के विनिवेश के माध्यम से धन जुटाया गया। एलपीजी मूल्य में बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन मार्च के बाद यहां एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि मोदी-शाह के शासनकाल में ‘‘एक सिंडिकेट फल-फूल रहा है’’ और उनकी देखरेख में धन का हेरफेर हो रहा है। कोलकाता में एक रैली के दौरान ‘‘वास्तविक बदलाव’’ के मोदी के बयान पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘परिवर्तन दिल्ली में होगा, बंगाल में नहीं।’’ प्रधानमंत्री पर राज्य में ‘‘मतदाताओं को गुमराह करने के लिए झूठ का सहारा लेने’’ का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हर नागरिक के बैंक खाते में 15 लाख रुपये क्यों नहीं जमा किए, जैसा कि उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले वादा किया था।

बनर्जी ने पूछा, ‘‘रेल, एअर इंडिया और कोल इंडिया लिमिटेड को बेचकर कितना धन इकट्ठा किया गया? पूरा देश मोदी-शाह सिंडिकेट के बारे में जानता है।’’ वह भाजपा के इन आरोपों का जवाब दे रही थीं कि उनके शासन में राज्य में ‘‘कट मनी की संस्कृति’’ को संस्थागत रूप दिया गया है। टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में पूरी दुनिया में कमी आई है लेकिन भारत में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इतने वर्षों में कई ‘‘खोखले’’ वादे किए और लोगों को अब उन पर विश्वास नहीं है। बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘आपने कई खोखले वादे किए हैं। लोग हमेशा आपके झूठ को स्वीकार नहीं करेंगे। हम मांग करते हैं कि आप एलपीजी सिलेंडर देश के हर नागरिक के लिए सस्ता करिए। आपने एलपीजी सिलेंडर आम आदमी की पहुंच से दूर कर दिया है।’’ ममता ने राज्य में अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। टीएमसी के ‘खेला होबे’ नारे पर मोदी द्वारा कटाक्ष किए जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इसका मतलब है कि हम आपकी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं। और हम हैं... चुनावों से पहले खेल होगा। मैं आमने-सामने चर्चा के लिए तैयार हूं।’’ 

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मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मोदी को ‘‘झूठ बोलने की अपनी आदत पर शर्मिंदा होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह बंगला में भाषण देते हैं जबकि स्क्रिप्ट हमेशा गुजराती में लिखा होता है और उनके सामने पारदर्शी शीशे के अंदर रखा होता है। वह बहाना करते हैं कि वह अच्छी तरह बांग्ला जानते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपकी पार्टी ने विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ी। आपकी पार्टी ने बिरसा मुंडा का अपमान किया। आपकी पार्टी ने गलत तरीके से कहा कि रबिंद्रनाथ टैगोर का जन्म शांतिनिकेतन में हुआ। यह बंगाल और इसकी संस्कृति के बारे में आपके ज्ञान की गहराई को दर्शाता है।’’ ‘‘दंगा भड़काने वाली भाजपा’’के खिलाफ लोगों से आवाज उठाने की अपील करते हुए बनर्जी ने कहा, ‘‘बंगाल के लोग समुदाय और की बाधाओं से अलग शांति से रह रहे थे, जो राज्य में भगवा दल के सत्ता में आने के बाद काफी तनाव में रहेंगे।





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संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से, विधानसभा चुनावों के चलते अवधि में कटौती संभव

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 8, 2021   08:17
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संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से, विधानसभा चुनावों के चलते अवधि में कटौती संभव

सत्र के दूसरे चरण में सरकार का ध्यान मुख्य रूप से वित्त विधेयक और वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों को पारित कराने पर होगा। इन अनिवार्य एजेंडा के अलावा, सरकार ने इस सत्र में कई विधेयकों को भी पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया है।

नयी दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से आरंभ होगा। हालांकि, चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सत्र की अवधि में कटौती किए जाने की संभावना है क्योंकि अधिकतर शीर्ष नेता चुनाव प्रचार में व्यस्त रहेंगे। इस सत्र का समापन आठ अप्रैल को होना है। सूत्रों ने कहा कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी दल सत्र की अवधि में कटौती किए जाने के समर्थन में हैं। हालांकि, इस बारे में अभी आधिकारिक निर्णय लिया जाना बाकी है। 

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सत्र के दूसरे चरण में सरकार का ध्यान मुख्य रूप से वित्त विधेयक और वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों को पारित कराने पर होगा। इन अनिवार्य एजेंडा के अलावा, सरकार ने इस सत्र में कई विधेयकों को भी पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया है। सरकार ने जिन विधेयकों को सूचीबद्ध किया है, उनमें पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक, राष्ट्रीय वित्त पोषण अवसंरचना और विकास बैंक विधेयक, विद्युत (संशोधन) विधेयक, क्रिप्टो करेंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा नियमन विधेयक शामिल हैं। बजट सत्र का दूसरा चरण ऐसे समय हो रहा है, जब सभी सियासी दलों का ध्यान पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों पर है। इन राज्यों में मार्च-अप्रैल में चुनाव होने हैं। बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी को शुरू हुआ था। इसके तहत, केंद्रीय बजट एक फरवरी को पेश किया गया था।





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