अकाली दल के बागी नेताओं के साथ गठजोड़ को लेकर AAP कर रही है बातचीत

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Mar 12 2019 7:10PM
अकाली दल के बागी नेताओं के साथ गठजोड़ को लेकर AAP कर रही है बातचीत
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उल्लेखनीय है कि अकाली दल के बागी नेताओं, सांसद रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा, पूर्व सांसद रतन सिंह अजनाला और सेवा सिंह सेखवान ने पार्टी से अलग होकर शरोमणि अकाली दल (टकसाली) का गठन कर लिया है।

नयी दिल्ली। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच भले ही गठबंधन की बात पटरी पर नहीं आ पा रही हो लेकिन पंजाब में पार्टी की अकाली दल के बागी नेताओं के साथ चुनावी गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है। आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अकाली दल से अलग हुये नेताओं के साथ चुनावी गठबंधन के बारे में आप की पंजाब इकाई के संयोजक भगवंत मान बातचीत कर रहे हैं। केजरीवाल ने पंजाब में पूर्व अकाली नेताओं के साथ गठबंधन के एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘पंजाब में उनके साथ बातचीत चल रही है। भगवंत मान के साथ उनके नेताओं से बात चल रही है। एक दो दिन में शायद तस्वीर साफ हो जायेगी।’’

भाजपा को जिताए
 
उल्लेखनीय है कि अकाली दल के बागी नेताओं, सांसद रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा, पूर्व सांसद रतन सिंह अजनाला और सेवा सिंह सेखवान ने पार्टी से अलग होकर शरोमणि अकाली दल (टकसाली) का गठन कर लिया है। टकसाली गुट, आदमपुर साहिब सीट से बीर देवेन्द्र सिंह को उम्मीदवार बनाने का इच्छुक है। इन नेताओं को अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ विद्रोही रुख अपनाने के बाद पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन के सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस की तरफ से इस बारे में कोई संदेश नहीं आया है। उन्होंने दिल्ली की सभी सात सीटों पर अपने बलबूते चुनाव लड़ने का भरोसा व्यक्त करते हुये कहा, ‘‘बिना गठबंधन के भी आम आदमी पार्टी के सातों सांसद आ रहे हैं। हमारे पास उनकी (कांग्रेस) तरफ से कोई संदेश नहीं है।’’
कांग्रेस के साथ गठबंधन की बातचीत को लेकर भविष्य की संभावनाओं के सवाल पर केजरीवाल ने कहा, ‘‘मैं पूरी जिम्मेदारी से कह रहा हूं कि आप सातों सीट जीतने जा रही है। उनकी (कांग्रेस) तरफ से कोई संदेश आयेगा तब ही मैं कुछ कह पाऊंगा। आधिकारिक तौर पर अभी तक कांग्रेस के साथ कोई बातचीत नहीं हुयी है।’’ उन्होंने कांग्रेस की ओर से लगातार नकारात्मक संकेत मिलने की दलील देते हुये कहा किगठबंधन के बारे में कांग्रेस की तरफ से सिर्फ दो ही संकेत मिले थे। पहला राकांपा नेता शरद पवार के घर पर हुयी बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गठबंधन से साफ इंकार कर दिया था और दूसरा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित के हाल ही में दिये गये बयान हैं। कांग्रेस से गठबंधन की मजबूरी के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लिये देश जरूरी है, कोई पार्टी या नेता जरूरी नहीं है। देश के सामने हम सब छोटे हैं।’’ 
 


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