राज्यसभा में आप सदस्य संजय सिंह शुक्रवार तक निलंबित, कार्यवाही दो बजे तक स्थगित

Sanjay Singh
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संसद का मानसून सत्र शुरू होने के बाद से राज्यसभा में जारी गतिरोध बुधवार को भी बना रहा और विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाहीभोजनावकाश से पहले दो बार स्थगित होने के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

नयी दिल्ली। संसद का मानसून सत्र शुरू होने के बाद से राज्यसभा में जारी गतिरोध बुधवार को भी बना रहा और विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही भोजनावकाश से पहले दो बार स्थगित होने के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। साथ ही सदन में अशोभनीय आचरण को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्य संजय सिंह को शुक्रवार तक के लिए निलंबित कर दिया गया। सुबह 11 बजे सदन की बैठक शुरू होने प

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इसके बाद उन्होंने सूचित किया कि आठ सदस्यों ने नियम 267 के तहत नोटिस दे कर नियत कामकाज स्थगित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि ये नोटिस उन्होंने स्वीकार नहीं किए हैं। सभापति ने कहा कि सदस्यों का मुख्य मुद्दा महंगाई है और शून्यकाल के दौरान सदस्य इस मुद्दे पर अपनी बात रख सकते हैं। इस पर विपक्षी सदस्यों ने विरोध जताया और हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान आम आदमी पार्टी के संजय सिंह एक तख्ती ले कर आसन के समक्ष आ गए। सिंह गुजरात में हु्ई जहरीली शराब त्रासदी का मुद्दा उठाने का प्रयास कर रहे थे। सभापति नायडू ने अप्रसन्नता जाहिर करते हुए सिंह से अपने स्थान पर लौट जाने को कहा।

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उन्होंने कहा ‘‘यह आप क्या कर रहे हैं? मैं अपनी बात रख रहा हूं। क्या आप सुनना नहीं चाहते?’’ सिंह अपने स्थान पर आ गए। नायडू ने बताया कि उन्होंने कुछ सदस्यों द्वारा दिए गए नोटिस अस्वीकार कर दिए हैं, हालांकि सदस्य शून्यकाल के दौरान अपने मुद्दे उठा सकते हैं। इसी बीच आप सदस्य संजय सिंह ने कहा कि गुजरात में जहरीली शराब पीने से 55 लोगों की जान जा चुकी है। इस पर तल्ख लहजे में सभापति ने कहा ‘‘आप बैठ जाइये। यह क्या है ? गैरजिम्मेदारी की पराकाष्ठा.... मुझे अपनी बात कहनी है।’’ सिंह के जोर देने पर नायडू ने उन्हें आगाह किया कि वह उनका नाम लेंगे और ‘‘फिर आप बाहर भेज दिए जाएंगे। आपको यह समझना होगा। मुझे इस हद तक मत उकसाइये। मुझे नियम 267 के तहत नोटिस देने वाले सदस्यों के नाम बताने हैं। क्या आपको उनके बारे में सुनने का धैर्य नहीं है? ’’

सभापति ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के जवाहर सरकार, द्रमुक सदस्य तिरुचि शिवा, भाकपा सदस्य विनय विश्वम, माकपा के इलामारम करीम, कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, शक्तिसिंह गोहिल और के सी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव और जावेद अली खान तथा आम आदमी पार्टी के सदस्य संजय सिंह ने नियम 267 के तहत नोटिस दिए हैं। नायडू ने कहा कि उन्होंने इन नोटिस पर गौर किया। उन्होंने कहा ‘‘इन्हें सामान्य तरीके से उठाया जा सकता है। इनमें से कुछ को मैं अन्य प्रस्तावों के तहत स्वीकार कर चुका हूं इसलिए फिलहाल मैंने इन्हें स्वीकार नहीं किया है।’’ इसी दौरान सदन में अन्य दलों के विपक्षी सदस्य अपने-अपने मुद्दे उठाने की मांग करते हुए हंगामा करने लगे जिसके बाद सभापति ने 11 बज कर करीब सात मिनट पर ही बैठक दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी। एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे बैठक शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने घोषणा की कि मंगलवार को भोजनावकाश के बाद कार्यवाही के दौरान आप सदस्य संजय सिंह ने अशोभनीय आचरण किया था।

हरिवंश ने कहा कि सिंह ने न सिर्फ सदन के नियमों की अवहेलना की बल्कि आसन के निर्देशों का भी उल्लंघन किया और कागज फाड़कर उनके टुकड़े आसन की ओर फेंके। उन्होंने कहा कि सिंह का आचरण सदन की गरिमा के विरूद्ध था। हरिवंश ने सिंह के खिलाफ नियम 256 लगाए जाने की घोषणा की। यह नियम किसी सदस्य द्वारा अशोभनीय आचरण करने पर उन्हें सदन से निलंबित किए जाने से संबंधित है। संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पेश किया जिसमे सिंह को अशोभनीय आचरण के चलते इस सप्ताह सत्र की शेष अवधि से निलंबित किए जाने की बात कही गई थी। उससभापति ने प्रस्ताव पर सदन में मौजूद सदस्यों से राय मांगी। सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।

इसके बाद उपसभापति ने सिंह को सदन से बाहर जाने का निर्देश दिया लेकिन आप सदस्य सिंह सदन से बाहर नहीं गए। तब उपसभापति ने 12:03 बजे कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। दो बार के स्थगन के बाद 12:18 बजे जब उच्च सदन की बैठक शुरू हुई तो उपसभापति हरिवंश ने एक बार फिर सिंह को सदन से बाहर जाने का निर्देश दिया। लेकिन सिंह सदन से बाहर नहीं गए। वहीं कुछ सदस्य तख्तियां लेकर आसन के समीप आ गए। सदन में व्यवस्था नहीं बनते देख उपसभापति ने बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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