ग्वालियर से गिरफ्तार हुए 'AAP' विधायक Pathanmajra! बलात्कार मामले में 6 महीने से थे फरार, अब लाए जा रहे पटियाला

Pathanmajra
प्रतिरूप फोटो
ANI
रेनू तिवारी । Mar 25 2026 12:02PM

अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (पटियाला) वरुण शर्मा ने बताया कि पहली बार विधायक बने पठानमाजरा को ग्वालियर से पकड़ा गया और उन्हें वापस पटियाला लाया जा रहा है।

पंजाब पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पिछले साल सितंबर से फरार चल रहे आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (पटियाला) वरुण शर्मा ने बुधवार को इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि विधायक को वापस पटियाला लाया जा रहा है, जहाँ उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा।

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अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (पटियाला) वरुण शर्मा ने बताया कि पहली बार विधायक बने पठानमाजरा को ग्वालियर से पकड़ा गया और उन्हें वापस पटियाला लाया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि सनौर से निर्वाचित विधायक को यहां की अदालत में पेश किया जाएगा। पठानमाजरा पिछले साल सितंबर में दर्ज बलात्कार के मामले में वांछित थे। पुलिस ने यहां सिविल लाइंस थाने में पठानमाजरा के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी देने के आरोप में एक सितंबर 2025 को मामला दर्ज किया था।

यह मामला जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया था जिसने आरोप लगाया था कि विधायक ने खुद को तलाकशुदा बताकर उसके साथ संबंध बनाए और पहले से विवाहित होने के बावजूद 2021 में उससे शादी की। महिला ने विधायक पर उसका लगातार यौन शोषण करने, उसे धमकाने और उसे ‘‘अश्लील’’ सामग्री भेजने का आरोप लगाया है।

‘आप’ विधायक को इस मामले में पेश नहीं होने पर भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। पटियाला पुलिस ने पठानमाजरा के खिलाफ ‘लुक-आउट नोटिस’ भी जारी किया था। पठानमाजरा बलात्कार के मामले में पिछले साल दो सितंबर से फरार थे। पंजाब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जब हरियाणा के करनाल गई थी, तब वह भाग निकले थे।

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पुलिस ने तब दावा किया था कि वह करनाल जिले के डाबरी गांव में अपने एक रिश्तेदार के घर पर थे और जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची तो विधायक के समर्थकों ने पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी की थी और पथराव किया था। हालांकि, पठानमाजरा ने पुलिस पर गोलीबारी में शामिल होने के दावों का खंडन करते हुए कहा था कि वह यह पता लगने के बाद भाग गए थे कि उन्हें ‘‘फर्जी मुठभेड़’’ में मार दिया जाएगा।

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