AAP के चंदे में 68 फीसदी गिरावट, 2025-26 में मिले 12.10 करोड़ रुपये

आम आदमी पार्टी को वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 12.10 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त हुआ है, जो पिछले साल की तुलना में 68 प्रतिशत कम है। निर्वाचन आयोग को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक इस राशि का करीब 83 फीसदी हिस्सा प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट और ट्राइडेंट लिमिटेड से मिला। दिल्ली की सत्ता से बाहर होने के बाद पार्टी के चंदे में यह भारी गिरावट दर्ज की गई है।
आम आदमी पार्टी (आप) ने 2025-26 में 12.10 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त होने का खुलासा किया है जो इसके पिछले साल के मुकाबले 68 प्रतिशत कम है। इस राशि का लगभग 83 प्रतिशत हिस्सा ‘प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट’ और ‘ट्राइडेंट लिमिटेड’ से आया है। ट्राइडेंट लिमिटेड कंपनी की स्थापना आप के पूर्व सांसद राजिंदर गुप्ता ने की थी।
निर्वाचन आयोग को सौंपी गई आप की रिपोर्ट के अनुसार, आशुतोष रांका, जो पूर्व में आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता रह चुके हैं और अब कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के सह-संयोजक हैं, ने पार्टी (आप) को 21,100 रुपये चंदा दिया था। कॉजपा में अपनी भूमिका संभालने से पहले, 2025-26 के दौरान रांका ने यह चंदा दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, प्रूडेंट और ट्राइडेंट ने आप को 5-5 करोड़ रुपये दिए।
बाकी अंशदान कुल मिलाकर लगभग 2.10 करोड़ रुपये का था। गुप्ता को अक्टूबर 2025 में आप के टिकट पर राज्यसभा के लिए चुना गया था। ट्राइडेंट का पांच करोड़ रुपये का चेक नौ जनवरी 2026 का है।
यह चेक उस सम का है, जब गुप्ता अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली पार्टी में थे। वह इस साल अप्रैल में भाजपा में शामिल हो गए। आप ने 2024-25 में 38.10 करोड़ रुपये का चंदा मिलने की जानकारी दी, जो 2023-24 के 11.06 करोड़ रुपये से तीन गुना से भी अधिक है।
2024-25 में प्रूडेंट ने पार्टी को सर्वाधिक 16.40 करोड़ रुपये चंदा दिया था। यह ताजा रिपोर्ट दिल्ली में आप के सत्ता गंवाने के बाद, पहले पूर्ण वित्तीय वर्ष की है। पार्टी अभी भी पंजाब में सत्ता में है, जहां ट्राइडेंट कंपनी है।
पार्टी की रिपोर्ट में 1,202 प्रविष्टियां हैं। आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल के नाम 10,000 रुपये के तीन अंशदान दर्ज हैं। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने 3,500 रुपये के 12 भुगतान किए थे, जो कुल मिलाकर 42,000 रुपये होते हैं।
वहीं, आप की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमन अरोड़ा का नाम 10,000 रुपये के 12 भुगतान के सामने है, जो कुल मिलाकर 1.20 लाख रुपये होते हैं। तीन अन्य क्षेत्रीय पार्टियों द्वारा दाखिल रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद से उनके द्वारा खुलासा किये गए चंदे में क्या बदलाव आया है। आंध्र प्रदेश में सत्ता में आई तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) ने 2025-26 के लिए 58.25 करोड़ रुपये चंदा मिलने की जानकारी दी है, जो इसके पिछले साल के 83.03 करोड़ रुपये से कम है।
‘प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट’ ने पार्टी को 45 करोड़ रुपये का अंशदान दिया, जो 2024-25 में दिये गए 40 करोड़ रुपये से अधिक है। तेदेपा के हाथों सत्ता गंवाने वाली युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने 24.31 करोड़ रुपये चंदा मिलने की जानकारी दी है, जो 2024-25 में मिले लगभग 140.04 करोड़ रुपये से कम है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी को सबसे अधिक चंदा गुडवुड सैंक्चुअरी प्राइवेट लिमिटेड से मिला और यह रकम 10 करोड़ रुपये बताई गई है।
ओडिशा में 2024 में सत्ता गंवाने वाले बीजू जनता दल (बीजद) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में 20,000 रुपये से अधिक के किसी भी चंदे का उल्लेख नहीं किया है। पार्टी ने 2024-25 में 60 करोड़ रुपये अंशदान प्राप्त होने की जानकारी दी थी जो अप्रैल और मई 2024 में, यानी चुनाव के नतीजे आने से पहले मिला था। पार्टी ने 2022-23 और 2023-24 में भी इस तरह का शून्य अंशदान प्राप्त होने की रिपोर्ट दाखिल की थी, जबकि उस समय चुनावी बॉण्ड उपलब्ध थे।
नियमों के तहत, किसी वित्तीय वर्ष में 20,000 रुपये से अधिक चंदा देने वालों की राजनीतिक दलों को पहचान जाहिर करनी होती है। हालांकि, अंशदान की ये रिपोर्ट पार्टी की कुल वार्षिक आय नहीं दर्शाती। कुल आय की जानकारी अलग से उसके ऑडिट किये गए खातों में दी जाती है।
अन्य न्यूज़














